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जिला अस्पताल में चार घंटे में चार मरीजों की मौत
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मुरादाबाद। शहर के एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित छह लोगों की मौत के साथ उठे ऑक्सीजन की कमी के आरोपों के अगले दिन शुक्रवार को जिला अस्पताल भी ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत के आरोप में घिर गया। जिला अस्पताल में चार घंटे में चार मरीजों की मौत होने पर तीमारदारों के बीच से समय पर ऑक्सीजन न मिलने का मुद्दा गर्मा गया। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑक्सीजन की कमी से उनके अपनों की जान चली गई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इनकार किया है। मृतकों में एक की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। दो निगेटिव रिपोर्ट वाले थे, जबकि तीसरे की जांच रिपोर्ट बाकी थी।
जिला अस्पताल के सारी (सेवर एक्यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्शन) वार्ड में मुगलपुरा की वंदना रस्तोगी (56) को 25 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई। इसी वार्ड में 24 अप्रैल को भर्ती किए गए झब्बू का नाला निवासी इमरान (32) ने भी सुबह 11.55 बजे दम तोड़ दिया। वहीं नूरपुर निवासी राजपाल (64) की 11 बजे मौत हो गई। राजपाल को शुक्रवार सुबह ही 10.05 बजे जिला अस्पताल लाया गया था। इन तीन में से दो मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एक की रिपोर्ट आनी बाकी थी। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव कमर जहां को बेहतर इलाज के टीएमयू ले जाने की तैयारी थी। एंबुलेंस में शिफ्ट करते ही उन्होंने दम तोड़ दिया। चार घंटे में चार मौतों से जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। जान गंवाने वाले मरीजों और वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाया। इस आरोप को नकारते हुए अस्पताल प्रशासन ने मृतकों के रोगों की गंभीर स्थिति को मौत का कारण बताया। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनके पास ऑक्सीजन की कमी नहीं है।
- चारों मरीजों की हालत गंभीर थी। एक महिला कोविड पॉजिटिव थी, जबकि दूसरी महिला का ऑक्सीजन लेवल कम था। उसे शुगर की भी शिकायत थी। इमरान को गंभीर हालत में 25 अप्रैल को ही अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लेकिन उसके परिजन नहीं ले गए। राजपाल को शुक्रवार सुबह जब इमरजेंसी में लाया गया था तब उनका ऑक्सीजन लेवल 46 था। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जरूरत के मुताबिक मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराई जाती है। - डा. कल्पना सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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सुबह हुआ था कंसंट्रेटर में इलेक्ट्रिक फाल्ट
मुरादाबाद। एसआईसी डा. कल्पना सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब कंसंट्रेटर में इलेक्ट्रिक फाल्ट हो गया था। दस मिनट बाद फाल्ट ठीक करा दिया गया था। इससे मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित नहीं हुई थी।
दावा: एक घंटे बाधित रही ऑक्सीजन सप्लाई
मुरादाबाद। बिलारी निवासी नवनीत गर्ग दावा है कि शुक्त्रस्वार सुबह नौ बजे ऑक्सीजन सप्लाई एक घंटे बाधित रही थी। वह चार दिन से जिला अस्पताल में पत्नी सीमा गर्ग का इलाज करा रहे हैं। ऑक्सीजन लेवल कम होने से सीमा गर्ग जिला अस्पताल के सारी वार्ड में भर्ती हैं। हालांकि जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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जिला अस्पताल के सारी (सेवर एक्यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्शन) वार्ड में मुगलपुरा की वंदना रस्तोगी (56) को 25 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई। इसी वार्ड में 24 अप्रैल को भर्ती किए गए झब्बू का नाला निवासी इमरान (32) ने भी सुबह 11.55 बजे दम तोड़ दिया। वहीं नूरपुर निवासी राजपाल (64) की 11 बजे मौत हो गई। राजपाल को शुक्रवार सुबह ही 10.05 बजे जिला अस्पताल लाया गया था। इन तीन में से दो मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एक की रिपोर्ट आनी बाकी थी। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव कमर जहां को बेहतर इलाज के टीएमयू ले जाने की तैयारी थी। एंबुलेंस में शिफ्ट करते ही उन्होंने दम तोड़ दिया। चार घंटे में चार मौतों से जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। जान गंवाने वाले मरीजों और वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाया। इस आरोप को नकारते हुए अस्पताल प्रशासन ने मृतकों के रोगों की गंभीर स्थिति को मौत का कारण बताया। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनके पास ऑक्सीजन की कमी नहीं है।
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- चारों मरीजों की हालत गंभीर थी। एक महिला कोविड पॉजिटिव थी, जबकि दूसरी महिला का ऑक्सीजन लेवल कम था। उसे शुगर की भी शिकायत थी। इमरान को गंभीर हालत में 25 अप्रैल को ही अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लेकिन उसके परिजन नहीं ले गए। राजपाल को शुक्रवार सुबह जब इमरजेंसी में लाया गया था तब उनका ऑक्सीजन लेवल 46 था। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जरूरत के मुताबिक मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराई जाती है। - डा. कल्पना सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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सुबह हुआ था कंसंट्रेटर में इलेक्ट्रिक फाल्ट
मुरादाबाद। एसआईसी डा. कल्पना सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब कंसंट्रेटर में इलेक्ट्रिक फाल्ट हो गया था। दस मिनट बाद फाल्ट ठीक करा दिया गया था। इससे मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित नहीं हुई थी।
दावा: एक घंटे बाधित रही ऑक्सीजन सप्लाई
मुरादाबाद। बिलारी निवासी नवनीत गर्ग दावा है कि शुक्त्रस्वार सुबह नौ बजे ऑक्सीजन सप्लाई एक घंटे बाधित रही थी। वह चार दिन से जिला अस्पताल में पत्नी सीमा गर्ग का इलाज करा रहे हैं। ऑक्सीजन लेवल कम होने से सीमा गर्ग जिला अस्पताल के सारी वार्ड में भर्ती हैं। हालांकि जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।