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Moradabad News: ट्रेनों पत्थरबाजी व पटरियों से छेड़छाड़ रोकने के लिए काम करेंगे चार विभाग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 02:09 AM IST
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Four departments will work to prevent stone pelting and tampering with tracks
मुरादाबाद। पत्थरबाजी और पटरियों से छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने के लिए चार विभाग साथ काम करेंगे। रेलवे के रनिंग स्टाफ, आरपीएफ व जीआरपी के जवान और सिविल पुलिस की टीम समन्वय करेगी। पेट्रोलिंग बढ़ाकर व निगरानी कर घटनाएं रोकी जाएंगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को एडीजी जीआरपी प्रकाश डी ने डीआरएम राजकुमार सिंह, आरपीएफ व सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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एडीजी दो दिवसीय निरीक्षण के लिए मुरादाबाद पहुंचे हैं। एडीजी ने कहा कि जनवरी से मई तक यूपी में ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की 160 घटनाएं हुई हैं। 37 मामले पटरियों से छेड़छाड़ के हैं। जहां यह घटनाएं हुई हैं, उनकी पहचान कराने के बाद विशेष रूप से निगरानी की जा रही है। कई मामलों में दोषियों को जेल भेजा चुका है।
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पहले दिन एडीजी ने एसपी जीआरपी कार्यालय, जीआरपी लाइन, रेलवे स्टेशन व मुरादाबाद जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। लाइन में बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या को पुलिस टीम ने एडीजी के सामने रखा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से समन्वय कर इसका स्थायी समाधान निकालेंगे। थाने में महिला हेल्प डेस्क के कार्यों को देखा और कहा कि यूपी में मुरादाबाद जीआरपी ने की महिला हेल्प डेस्क ने सबसे बेहतर कार्य किया है।
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थाने में स्टाफ से त्रिनेत्र एप व उसके संचालन के बारे में पूछा। महाकुंभ में जीआरपी द्वारा किए गए कार्यों का ब्योरा रखा। अधिकारी ने बताया कि मुरादाबाद जीआरपी थाने में 53 हिस्ट्रीशीटरों का विवरण है, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

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1990 से नहीं मिला स्टाफ, जीआरपी में बढ़ाना होगा संख्या बल
ट्रेनों में बढ़ रही चोरी व छिनैती की घटनाओं के सवाल पर एडीजी ने कहा कि ट्रेनों की संख्या हर साल बढ़ रही है। उनके क्षेत्र में पांच जोन आते हैं। जिनमें तीन हजार से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं और हर दिन तीन लाख यात्री सफर करते हैं। जीआरपी के पास सीमित स्टाफ है। पुलिस बस को बढ़ाने की जरूरत है। यूपी जीआरपी को करीबन 3000 जवान चाहिए। 1990 से संख्या बल नहीं बढ़ा है। रेलवे के उच्चाधिकारियों व पुलिस मुख्यालय से समन्वय कर प्रस्ताव भेजा गया है। एडीजी के निरीक्षण के दौरान एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला, सीओ अनिल वर्मा, थाना प्रभारी रविंद्र कुमार वशिष्ठ मौजूद रहे।
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