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60 लाख में तीस बीघा जमीन बेचकर तय किया गांव से नोएडा का सफर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 May 2021 01:49 AM IST
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For 60 lakhs, he had decided to travel from Noida to Noida by selling thirty bighas of land.
मुरादाबाद। नोएडा में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया ओवेस आलम मूलरूप से भोजपुर के लालूवाला गांव का निवासी है। उसने पांच साल पहले अपनी तीस बीघा जमीन 60 लाख रुपये में बेचकर गांव से नोएडा तक का सफर तय किया था। गांव में उसका एक मकान है। मुरादाबाद के ट्रांसपोर्टनगर में आलीशान घर बनाकर रह रहा ओवेस कभी-कभी पत्नी और बच्चों के साथ गांव जाता था।
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ओवेस आलम के पिता अली हसन का करीब तीस साल पहले इंतकाल हो गया था। ओवेस के चाचा अब्दुल हसन ने बताया कि ओवेस आलम अपने माता-पिता की इकलौती औलाद है। ओवेस के हिस्से में तीस बीघा जमीन आई थी, जिसे उसने पांच साल पहले ही 60 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद उसने मझोला क्षेत्र में टीपी नगर में मकान बनाया और पत्नी हिना और बच्चों को इसी में रहता है। वह नोएडा में नौकरी करता था। लॉक डाउन में नोएडा से आने जाने में दिक्कत हुई तो उसने अपने घर में ही दफ्तर खोल लिया था।
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करोड़ों की जमीन लाखों में बेची
आगे बढ़ने के चक्कर में ओवेस आलम ने पुश्तैनी 30 बीघा जमीन 60 लाख रुपये में बेच दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि उस जमीन की कीमत आज करोड़ों रुपये है। मगर ओवेस आलम ने सारी जमीन बेच दी और खुद भी वहां से चला गया।
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कैंसर ग्रस्त थी मां, दिल्ली में रहकर कराया इलाज
मुरादाबाद। ओवेस आलम के परिवार के लोगों का कहना है कि ओवेस आलम के पिता अली हसन की तीस साल पहले ही मौत हो गई थी। कैंसर ग्रस्त मां संजीदा भी बीमार रहतीं थीं। ओवेस पांचवीं कक्षा तक अपने गांव में ही पढ़ा। इसके बाद आठवीं तक की पढ़ाई पीपलसाना स्थित स्कूल से की। इंटरमीडिएट मुरादाबाद के मुस्लिम इंटर कालेज से किया। मुरादाबाद से ही उसने बीएसएसी और एमएससी की। इसी दौरान संजीदा की हालत गंभीर हो गई, तब ओवेस अपनी मां को लेकर दिल्ली चला गया था। ओवेस ने दिल्ली के आनंद विहार में रहकर अपनी मां का इलाज कराया था। इस दौरान वह दिल्ली में दोस्त के यहां रह रहा था।
ओवेस के कारनामे से ग्रामीण हैरान
मुरादाबाद। अंतर्राष्ट्रीय कॉल को निजी सर्वर में लैंड कराकर विदेश के लोगों से कॉल कराने के आरोप में पकड़े गए ओवेस आलम के इस कारनामे से लालूवाला गांव के ग्रामीण हैरान है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवेस आलम को पांच वक्त की नमाज पढ़ता था। हम सभी लोग यही जानते थे कि ओवेस ने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है और वह नोएडा की कंपनी में इंजीनियर है ओवेस के चाचा ने बताया कि मां के बीमार होने के बाद से ही वह जमीन बेचने की सोचने लगा था। उसे कई बार समझाया कि सारी जमीन मत बेच, लेकिन उसने कहा था कि वह नोएडा से लौटता है तो गांव में आने में वक्त लगता है। इस लिए वह शहर में ही अपने परिवार को रखेगा।

रविवार को गांव गया था ओवेस
मुरादाबाद। ओवेस के चाचा ने बताया कि ओवेस रविवार को पत्नी हीना और दोनों बच्चों को लेकर गांव गया था। पति-पत्नी ने अपने मकान का दरवाजा खोलकर चेक किया था। इसके बाद वह चाचा के घर ही नाश्ता करके लौट गए थे। वह रात में ही लालूवाला गांव से मुरादाबाद के लिए चले गए थे।
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