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Moradabad News: 121 साल से जांबाज अफसर दे रहा पुलिस का गुरुकुल
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मुरादाबाद। पुलिस की गुरुकुल कही जाने वाली डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी पिछले 121 साल से पुलिस अफसर दे रही है। अंग्रेज शासन कॉल में यहां अन्य प्रांतों और रजवाड़ों के लिए पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया तो आजादी के बाद आईपीएस और डीएसपी को भी तराश कर उत्तर प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों में भी जनता की सेवा के लिए जांबाज अफसर ट्रेंड किए।
1878 में पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) की स्थापना इलाहाबाद (प्रयागराज) में की गई थी। 1901 में पीटीएस को इलाहाबाद (प्रयागराज) से मुरादाबाद स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद यहां नेपाल, कश्मीर, हैदराबाद, कोटा, ग्वालियर, सिक्किम, बनारस, रामपुर, दिल्ली और अंडमान निकोबार के रजवाड़ों के लिए पुलिस अधिकारी तैयार किए गए। 1934 को पीटीएस से पीटीसी (पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज) का दर्जा दिया गया। तब यहां आईपी (इंडियन पुलिस) को ट्रेनिंग दी जाती थी। 1948 से इंडियन पुलिस सेवा (आईपीएस) को प्रशिक्षण दिया गया। 1997 में यूपी सरकार ने पीटीसी को पुलिस अकादमी का दर्जा देते हुए डॉ. बीआर आंबेडकर का नाम दिया गया। वर्तमान में डिप्टी एसपी के 88 बें बैंच का प्रशिक्षण चल रहा है। पीटीसी और पीटीएस को पुलिस अकादमी से अलग कर दिया गया है। पीटीसी में दरोगा और पीटीएस में सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है।
प्रशिक्षु स्तंभ पर अंकित हैं एक हजार अफसरों के नाम
डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी ने अपने अफसरों के नामों की सूची संजो रखी है। पुलिस अकादमी के ऑफिसर मेस के सामने प्रशिक्षु स्तंभ स्थापित किया है। जिस पर उत्तर प्रदेश कैडर के उन आईपीएस और पीपीएस अफसरों के नाम और बैच को प्रशिक्षु स्तंभ पर अंकित हैं। स्तंभ पर 1931 से संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आईपी अधिकारी, 1947 से उप पुलिस अधीक्षक, 1948 से आईपीएस अफसरों के अंकित हैं। अकादमी के आरआई ने बताया कि इस स्तंभ पर अंकित नामों को देखाने के लिए वो अधिकारी अपने परिवारों को दिखाने आते हैं। जिन्होंने कभी यहां प्रशिक्षण लिया था।
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बालाकोट एयर स्ट्राइक का हीरो मिग 21 बढ़ा रहा पुलिस अकादमी की शोभा
बालकोट एयर स्ट्राइक का हीरो कहा जाने वाला मिग 21 विमान पुलिस अकादमी की शोभा बढ़ा रहा है। इसे पुलिस अकादमी के ऑफिसर्स मेस के सामने स्थापित किया गया है।
मुरादाबाद के चक्कर की मिलक स्थित राइडिंग ग्राउंड में वर्ष 1967 में हॉकर हरिकेन विमान आपात स्थिति में उतारा गया था। इसके बाद विमान 23 वीं वाहिनी पीएसी के सुपुर्द कर दिया गया था। 21 दिसंबर 2006 को इस विमान को पुलिस अकादमी में रखा गया था। दो साल पहले एयरफोर्स ने हॉकर हरिकेन के बदले में मिग-21 विमान को पुलिस अकादमी को सौंपने की बात कही थी। करीब दो साल पहले शासन से अनुमति मिलने के बाद हॉकर एयर फोर्स के अफसरों ने हरिकेन विमान के बदलने में एयर स्ट्राइक के हीरे कहे जाने वाले मिग 21 विमान पुलिस अकादमी को सौंप दिया था। हॉकर हरिकेन एयरफोर्स के मुख्यालय में रखा है।
पुलिस अकादमी में आज मनाई जाएगी रजत जयंती
डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में रजत जयंती मनाई जाएगी। जिसमें डाक विभाग की ओर से विशेष कवर, पिक्चर पोस्ट कार्ड और मुहर जारी करेगा। कार्यक्रम में डीजी ट्रेनिंग मुख्य अतिथि रहेंगे।
पुलिस अकादमी के निदेशक जयनारायण सिंह ने बताया कि 1997 में यूपी सरकार ने पीटीसी को पुलिस अकादमी का दर्जा देते हुए डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी का नाम दिया था। नामकरण के 25वीं वर्षगांठ पर 29 दिसंबर को रजत जयंती बनाई जाएगी। जिसमें भारतीय डाक विभाग की ओर से एक विशेष कवर, एक पिक्चर पोस्ट कार्ड और विशेष मुहर जारी करेगा। अकादमी की ऐतिहासिक धरोहरों का चित्र पोस्ट कार्ड पर जारी किया जाएगा। कार्यक्रम मे डीजी ट्रेनिंग मुख्य अतिथि रहेंगे। एएसपी महेंद्र कुमार न बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गइ हैं।
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1878 में पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) की स्थापना इलाहाबाद (प्रयागराज) में की गई थी। 1901 में पीटीएस को इलाहाबाद (प्रयागराज) से मुरादाबाद स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद यहां नेपाल, कश्मीर, हैदराबाद, कोटा, ग्वालियर, सिक्किम, बनारस, रामपुर, दिल्ली और अंडमान निकोबार के रजवाड़ों के लिए पुलिस अधिकारी तैयार किए गए। 1934 को पीटीएस से पीटीसी (पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज) का दर्जा दिया गया। तब यहां आईपी (इंडियन पुलिस) को ट्रेनिंग दी जाती थी। 1948 से इंडियन पुलिस सेवा (आईपीएस) को प्रशिक्षण दिया गया। 1997 में यूपी सरकार ने पीटीसी को पुलिस अकादमी का दर्जा देते हुए डॉ. बीआर आंबेडकर का नाम दिया गया। वर्तमान में डिप्टी एसपी के 88 बें बैंच का प्रशिक्षण चल रहा है। पीटीसी और पीटीएस को पुलिस अकादमी से अलग कर दिया गया है। पीटीसी में दरोगा और पीटीएस में सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है।
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प्रशिक्षु स्तंभ पर अंकित हैं एक हजार अफसरों के नाम
डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी ने अपने अफसरों के नामों की सूची संजो रखी है। पुलिस अकादमी के ऑफिसर मेस के सामने प्रशिक्षु स्तंभ स्थापित किया है। जिस पर उत्तर प्रदेश कैडर के उन आईपीएस और पीपीएस अफसरों के नाम और बैच को प्रशिक्षु स्तंभ पर अंकित हैं। स्तंभ पर 1931 से संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आईपी अधिकारी, 1947 से उप पुलिस अधीक्षक, 1948 से आईपीएस अफसरों के अंकित हैं। अकादमी के आरआई ने बताया कि इस स्तंभ पर अंकित नामों को देखाने के लिए वो अधिकारी अपने परिवारों को दिखाने आते हैं। जिन्होंने कभी यहां प्रशिक्षण लिया था।
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बालाकोट एयर स्ट्राइक का हीरो मिग 21 बढ़ा रहा पुलिस अकादमी की शोभा
बालकोट एयर स्ट्राइक का हीरो कहा जाने वाला मिग 21 विमान पुलिस अकादमी की शोभा बढ़ा रहा है। इसे पुलिस अकादमी के ऑफिसर्स मेस के सामने स्थापित किया गया है।
मुरादाबाद के चक्कर की मिलक स्थित राइडिंग ग्राउंड में वर्ष 1967 में हॉकर हरिकेन विमान आपात स्थिति में उतारा गया था। इसके बाद विमान 23 वीं वाहिनी पीएसी के सुपुर्द कर दिया गया था। 21 दिसंबर 2006 को इस विमान को पुलिस अकादमी में रखा गया था। दो साल पहले एयरफोर्स ने हॉकर हरिकेन के बदले में मिग-21 विमान को पुलिस अकादमी को सौंपने की बात कही थी। करीब दो साल पहले शासन से अनुमति मिलने के बाद हॉकर एयर फोर्स के अफसरों ने हरिकेन विमान के बदलने में एयर स्ट्राइक के हीरे कहे जाने वाले मिग 21 विमान पुलिस अकादमी को सौंप दिया था। हॉकर हरिकेन एयरफोर्स के मुख्यालय में रखा है।
पुलिस अकादमी में आज मनाई जाएगी रजत जयंती
डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में रजत जयंती मनाई जाएगी। जिसमें डाक विभाग की ओर से विशेष कवर, पिक्चर पोस्ट कार्ड और मुहर जारी करेगा। कार्यक्रम में डीजी ट्रेनिंग मुख्य अतिथि रहेंगे।
पुलिस अकादमी के निदेशक जयनारायण सिंह ने बताया कि 1997 में यूपी सरकार ने पीटीसी को पुलिस अकादमी का दर्जा देते हुए डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी का नाम दिया था। नामकरण के 25वीं वर्षगांठ पर 29 दिसंबर को रजत जयंती बनाई जाएगी। जिसमें भारतीय डाक विभाग की ओर से एक विशेष कवर, एक पिक्चर पोस्ट कार्ड और विशेष मुहर जारी करेगा। अकादमी की ऐतिहासिक धरोहरों का चित्र पोस्ट कार्ड पर जारी किया जाएगा। कार्यक्रम मे डीजी ट्रेनिंग मुख्य अतिथि रहेंगे। एएसपी महेंद्र कुमार न बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गइ हैं।