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मौसम : दस दिसंबर के बाद छाएगा घना कोहरा
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मुरादाबाद। दस दिसंबर के आस-पास वातावरण में घना कोहरा छाने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी वातावरण में जो परत दिखाई दे रही है, वह हल्के कोहरे के साथ मिलकर प्रदूषण से बनी धुंध है। हवा में नमी होने की वजह से यह छंट नहीं पा रही है। उन्होंने दिसंबर से फरवरी तक रिकॉर्ड ठंड पड़ने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि चार दिन मौसम साफ है। आसमान में बादल नहीं है। ठंड होने की वजह से हवा धीमी है। न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। हवा में नमी होने से भारी हो जाती है। हवा की गति बढ़ने के लिए वह हल्की होनी चाहिए। यह तभी संभव है, जब तापमान ज्यादा हो और वातावरण गर्म हो। उन्होंने कहा कि रात के समय हल्का कोहरा का असर है। उसमें प्रदूषण की वजह से धुंध ज्यादा है। वातावरण ठंडा होने से परत बन रही है। इसकी वजह से धुंध ज्यादा घनी हो गई है। कोहरा दस दिसंबर के बाद छाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अभी रात का तापमान कम होगा और दिन में धूप होने से तापमान सामान्य रहेगा। आसमान साफ होने से नीचे की गर्मी ऊपर चली जाती है और जमीन ठंडी हो जाती है। बादल रहता तो रात को ठंड का असर कम रहता है। पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी और राजस्थान की सूखी हवाओं और पैसिफिक सागर में पानी ठंडा होने से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है। पूर्वानुमान है कि दिसंबर, जनवरी, फरवरी में ठंड के रिकॉर्ड टूटेंगे। दस दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ आने की भी संभावनाएं हैं।
बुधवार को दिन में धूप खिलने से ठंड का असर कम रहा, जबकि रात के समय ठिठुरन ज्यादा थी। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा रीडर निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता 76 फीसदी और शाम को 68 फीसदी थी। हवा भी पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली।
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पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि चार दिन मौसम साफ है। आसमान में बादल नहीं है। ठंड होने की वजह से हवा धीमी है। न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। हवा में नमी होने से भारी हो जाती है। हवा की गति बढ़ने के लिए वह हल्की होनी चाहिए। यह तभी संभव है, जब तापमान ज्यादा हो और वातावरण गर्म हो। उन्होंने कहा कि रात के समय हल्का कोहरा का असर है। उसमें प्रदूषण की वजह से धुंध ज्यादा है। वातावरण ठंडा होने से परत बन रही है। इसकी वजह से धुंध ज्यादा घनी हो गई है। कोहरा दस दिसंबर के बाद छाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अभी रात का तापमान कम होगा और दिन में धूप होने से तापमान सामान्य रहेगा। आसमान साफ होने से नीचे की गर्मी ऊपर चली जाती है और जमीन ठंडी हो जाती है। बादल रहता तो रात को ठंड का असर कम रहता है। पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी और राजस्थान की सूखी हवाओं और पैसिफिक सागर में पानी ठंडा होने से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है। पूर्वानुमान है कि दिसंबर, जनवरी, फरवरी में ठंड के रिकॉर्ड टूटेंगे। दस दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ आने की भी संभावनाएं हैं।
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बुधवार को दिन में धूप खिलने से ठंड का असर कम रहा, जबकि रात के समय ठिठुरन ज्यादा थी। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा रीडर निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता 76 फीसदी और शाम को 68 फीसदी थी। हवा भी पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली।
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