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Moradabad News: शहर में अवैध होर्डिंग की बाढ़....नियमों से हो रहा खिलवाड़

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 02:09 AM IST
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Flood of illegal hoardings in the city...rules are being flouted
मुरादाबाद। शहर की सड़कों पर अवैध होर्डिंग और बैनरों का ऐसा जाल फैल चुका है जो किसी बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है। नियमों को दरकिनार कर मुख्य मार्गों, चौराहों, पुलों और बिजली के पोलों पर लगाए गए यह विज्ञापन न सिर्फ यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों की जान के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। नगर निगम की अनदेखी के चलते स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।
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दिल्ली रोड पर जीरो प्वाइंट से लेकर लोकोशेड पुल तक 40 से अधिक बड़े व्यावसायिक होर्डिंग लगे हुए हैं। इनमें से कई बिना अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत स्थापित किए गए हैं। गांगन पुल के पास भी अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। इसी तरह रेलवे स्टेशन, कांठ रोड, रामपुर रोड, फव्वारा चौक, मंडी चौक, बुध बाजार, टाउनहाल और मंडी बांस जैसे व्यस्त इलाकों में भी अवैध बैनरों की भरमार है। कई स्थानों पर होर्डिंग चौराहों से निर्धारित दूरी से कम पर लगाए गए हैं जिससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
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नियमों के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में विज्ञापन लगाने से पहले निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन, निर्धारित शुल्क और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। साथ ही यह भी स्पष्ट प्रावधान है कि सरकारी भवनों, बिजली के पोलों, डिवाइडरों, फुटपाथ से तीन मीटर से कम दूरी और चौराहों से दस मीटर के भीतर होर्डिंग नहीं लगाए जा सकते। सड़क को क्रॉस करते हुए या आवागमन को बाधित करने वाले विज्ञापन भी प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद शहर में खुलेआम इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। सबसे बड़ा खतरा इन होर्डिंगों की गुणवत्ता और लगने के तरीके से है। कई होर्डिंग पतले तारों या कमजोर एंगल से बांधे गए हैं। तेज हवा या बारिश के दौरान इनके गिरने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद व्यापक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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- राजस्व का भी हो रहा है नुकसान
अवैध होर्डिंगों से नगर निगम को हर वित्तीय वर्ष में राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। जो विज्ञापन बिना अनुमति लगाए गए हैं उनसे न तो शुल्क वसूला जा रहा है और न ही उनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद है। नगर निगम के नियमों के मुताबिक अवैध होर्डिंग पर पांच हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है लेकिन जमीनी स्तर पर यह प्रावधान कागजों तक ही सीमित नजर आता है। निगम की अनदेखी के चलते अवैध होर्डिंग और बैनरों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।

हादसे का बना रहता है डर
होर्डिंग, बैनर, फ्लैक्स आदि से निगम को राजस्व का नुकसान तो होता ही है लेकिन यह बड़े हादसे का भी सबब बन सकता है। कई बार राहगीरों के लिए यह अवैध होर्डिंगों का जाल खतरनाक साबित होता है। तेज हवा चलने पर होर्डिंग नीचे गिर जाते हैं जिससे राहगीर चोटिल तक हो जाते हैं और वाहनों को भी नुकसान होता है। पोल या सड़कों के किनारे लगाए जाने वाले इन होर्डिंग्स को लगाने में खानापूर्ति की जाती है।


अवैध होर्डिंग को लेकर निरंतर अभियान चलाया जाता है। जिन्होंने अनुमति लेकर विज्ञापन लगाए हैं उन्हें भी 31 मार्च तक शुल्क जमा करने के लिए कहा गया है। इसके बाद सभी से जुर्माना वसूला जाएगा। - विनोद अग्रवाल, महापौर
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