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Moradabad News: पांच घंटे बवाल, एक सिपाही पर तीन बार हमला, पुलिसकर्मियों पर पथराव

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:51 AM IST
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Five hours of ruckus, a constable attacked thrice, policemen pelted with stones
ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। उत्तराखंड सीमा से सटे तरफ दलपत गांव में लोकेश उर्फ मोनू (27) की माैत के बाद शुक्रवार को जसपुर मार्ग पर पांच घंटे बवाल चला। एक सिपाही अनीस पर ग्रामीणों ने तीन बार हमला किया और वर्दी तक फाड़ दी। अन्य पुलिसकर्मी बचाने आए तो गुस्साई भीड़ ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी मौके से अपनी जान बचाकर भागे। पुलिस अफसर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद भीड़ शांत हुई और यातायात चालू किया गया।
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बृहस्पतिवार देर रात करीब ढाई बजे पुलिसकर्मी अवैध खनन की सूचना पर गांव पहुंचे थे। उन्होंने पहले प्रधान पति को कॉल कर लोकेश के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लोकेश का पीछा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों से बचकर भाग रहे लोकेश का ट्रैक्टर पलट गया और दबकर लोकेश की मौत हो गई। इस घटना से ग्रामीण भड़क गए।
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शुक्रवार सुबह करीब छह बजे ग्रामीण ठाकुरद्वारा-जसपुर रोड पर जुट गए। उन्होंने जाम लगाकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। गांव की महिलाएं भी आ गईं। इस दौरान पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। ग्रामीणों को आरोपी पुलिसकर्मी अनीस दिखाई दिया। इस पर महिलाएं और पुरुषों ने घेर लिया। महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे और चप्पल लिए हुए थीं।
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कई बार अनीस पर हमला किया, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे बचाते रहे। एक बार भीड़ ने बुरी तरह पीट दिया। पुलिस ने अनीस को बचाने का प्रयास किया तो भीड़ ने अपनी ओर खींच लिया। इस पर वह बेहोश होकर नीचे गिर गया। इस दौरान अनीस की वर्दी भी फट गई। पुलिसकर्मी किसी तरह सिपाही को नहर पर ले गए तो रास्ते में ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल और अन्य वाहन खड़े कर दिए, लेकिन पुलिसकर्मी बाइक पर बैठाकर बाहर निकाल लाए। इसके बाद गुस्साए लोगों ने पथराव कर दिया।
पथराव में सिपाही अर्जुन और होमगार्ड सुधांशु घायल हो गए। पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भागे। घटना की जानकारी मिलने पर ठाकुरद्वारा के अलावा डिलारी और भगतपुर थाने की पुलिस भी माैके पर पहुंच गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। भाजपा नेता ठाकुर अजय प्रताप सिंह और ठाकुरद्वारा ब्लॉक प्रमुख डॉ. वीर सिंह सैनी भी मौके पर आ गए। उन्होंने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को शांत कराया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज होने के बाद लोग शांत हुए और जाम खुलवाया गया।
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ग्रामीणों ने पंक्चर कर दिए पुलिस के वाहन
गांव तरफ दलपत में जब पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को घटना स्थल से काफी पहले खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस की गाड़ी के चारों पहिये पंक्चर कर दिए। इसके बाद पुलिस को घटना स्थल से पैदल ही आना पड़ा। हालांकि, हंगामे की सूचना पर अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।



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सिर में चोट और जांघ की हड्डी मिली टूटी
पुलिस ने शुक्रवार को लोकेश के शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान डिजिटल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम में सिर में चोट और दाहिनी जांघ की हड्डी टूटी मिली है। सिर और जांघ में मिली चोटें एक्सीटेंडल हैं। इसके अलावा उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला।
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बचाव में पुलिस ने भी फटकारीं लाठियां
कोतवाली पुलिस सिपाही अनीस को लेकर गांव के पास सड़क पर पहुंची तो ग्रामीणों ने पुलिस को फिर घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। कुछ ग्रामीण डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। इस पर पुलिस ने भी अपने बचाव के लिए भीड़ पर जमकर लाठियां चलाईं। काफी देर तक दोनों ओर से संघर्ष हुआ। ग्रामीणों की संख्या ज्यादा थी, इसलिए पुलिस अनीस के साथ वहां से भाग निकली। तहसीलदार भूपाल सिंह, नायब तहसीलदार शिवप्रकाश सरोज भी भीड़ के आक्रोश होने की जानकारी मिलने पर गांव से पहले ही रुक गए।
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जनप्रतिनिधियों ने पुलिसकर्मियों को ठहराया जिम्मेदार
ठाकुरद्वारा। लोकेश की मौत के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कोतवाली में मौजूद डीएम अनुज सिंह और एसएसपी सतपाल अंतिल से मुलाकात की। सपा विधायक नवाब जान खां, भाजपा नेता ठाकुर अजय प्रताप सिंह और ठाकुरद्वारा ब्लॉक प्रमुख के पति डॉ. वीर सिंह सैनी ने अधिकारियों से कहा कि लोकेश की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मी लोकेश का पीछा नहीं करते तो शायद उसकी मौत नहीं होती। यदि लोकेश की गलती थी पुलिस उसे दिन में बुलाकर पूछताछ कर सकती थी। मौके पर मिली ट्रैक्टर-ट्राॅली में मिट्टी नहीं थी। पुलिसकर्मियों की मनमानी के कारण लोकेश की जान चली गई। उन्होंने लोकेश के परिजनों को सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार का आदेश है कि किसान 100 घन मीटर तक मिट्टी अपने इस्तेमाल के लिए बिना अनुमति के खोद सकता है। फिर भी किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। संवाद
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गम और गुस्से में ग्रामीण
घटना को लेकर ग्रामीण गम और गुस्से में दिखाई दिए। लोकेश का शव देखकर परिजनों के आंसू नहीं थम रहे थे। साथ ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ काफी गुस्सा था। लोकेश की मौत से उसकी मां सुनीता, पिता धर्मपाल सिंह, बड़े भाई डालचंद और छोटे भाई उमेश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता धर्मपाल सिंह ने बताया कि वह लोकेश की शादी की तैयारी कर रहे थे।
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फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
सिपाही अनीस को सुरक्षित निकालने के चलते लोकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई रुकी रही। जब एसपी ग्रामीण पुलिस बल के पास साथ गांव में पहुंचे तो पुलिस को लोकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस शव को एंबुलेंस में पोस्टमार्टम के लिए ले गई। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और फोटोग्राफी भी की।

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डीएम ने आर्थिक सहायता दिलाने के दिए निर्देश
ठाकुरद्वारा। डीएम ने एसडीएम प्रीति सिंह को मृतक लोकेश के परिजनों को हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में मृतक के परिजनों की ओर से अभी कोई मांग नहीं की गई है, लेकिन डीएम के निर्देश पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत उन्हें सहायता सहायता दिलाई जाएगी। इसके अलावा मंडी और अन्य विभागों से भी आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं सपा विधायक नवाब जान खां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गांव तरफ दलपत पहुंचे। उन्होंने मृतक लोकेश के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। संवाद
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कई गांवों में चल रहा अवैध खनन
ठाकुरद्वारा। क्षेत्र के कई गांव में अवैध खनन चल रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। लोगों का कहना है कि गांव गोपी वाला में नदी किनारे दो दिन से जेसीबी से अवैध खनन चल रहा है। खोदी गई मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्राॅली में भरकर ले जाया जा रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में रामगंगा नदी के किनारे स्थित लालापुर पीपलसाना, जयनगर, सुरजननगर, शेरपुर पट्टी, ढेला नदी के किनारे बसे गांव मानपुर दत्ताराम, फरीदनगर, गझेड़ा आलम, नन्हूवाला सरकड़ा करीम, बथुआ खेड़ा, कमालपुरी खालसा, बैजनाथपुर, पीलकपुर गुमानी, असलेमपुर समेत अन्य गांवों में अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन खनन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। पुलिसकर्मी बेवजह किसानों को परेशान करते हैं। संवाद
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