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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   First conviction for 'triple talaq' in the district; husband sentenced to five years in prison.

Moradabad News: तीन तलाक में जनपद में पहली सजा, पति को पांच साल की कैद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:35 AM IST
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First conviction for 'triple talaq' in the district; husband sentenced to five years in prison.
मुरादाबाद। तीन तलाक के मामले में एडीजे-01 अनिल कुमार की अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम वाजिद को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद की सजा और 36 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसमें तीन तलाक के लिए तीन साल और तेजाब डालने में पांच साल की सजा दी गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। खास बात यह है कि मुस्लिम महिला (विवाह संबंधी अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत तीन तलाक में यह जनपद में पहली सजा है।
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पाकबड़ा थाना क्षेत्र निवासी महिला ने सात जुलाई 2021 को भोजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें महिला ने बताया था कि उसकी शादी करीब सात साल पहले भोजपुर के मकसूद पुर निवासी वाजिद से हुई थी। दोनों को संतान नहीं होने पर पति दूसरी शादी करना चाहता था। जेठ शाकिर, जेठानी रूबीना उर्फ रूबी, ननद शमीम, नईम उसे बच्चा पैदा न होने पर ताने देते थे। चार जुलाई 2021 की सुबह करीब छह बजे पति वाजिद ने उसके साथ मारपीट की और तेजाब डाल दिया। इसी दौरान पति ने उसे तीन तलाक देते हुए घर से निकाल दिया था। पुलिस ने इस मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पति के खिलाफ पांच फरवरी 2022 को मारपीट तेजाब डालने और मुस्लिम महिला अधिनियम के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी जबकि घटना में अन्य आरोपियों की कोई भूमिका सामने नहीं आने पर उनके नाम विवेचना में निकाल दिए गए थे। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माना जमा होने पर 50 प्रतिशत पीड़िता को दिया जाएगा।
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चार्जशीट में थे 13 गवाह, छह ने ही दी गवाही
चार्जशीट में 13 गवाह शामिल किए गए थे लेकिन छह गवाहों ने अभियोजन पक्ष में बयान दिए। इसके अलावा बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में तर्क दिया गया कि दोषसिद्ध का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है इसलिए कम से कम सजा दी जाए। अभियोजन पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया और तर्क दिया गया कि घटना जघन्य है इसलिए अधिक से अधिक सजा दी जाए।
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