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Moradabad News: तंग गलियों में फायर हाइड्रेंट बने शोपीस, दमकल का पहुंचना मुश्किल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 02:25 AM IST
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Fire hydrants in narrow lanes reduced to showpieces; fire tenders struggle to reach the spot.
मुरादाबाद। गंज बाजार और बर्तन बाजार की तंग गलियों में लगाए गए फायर हाइड्रेंट अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। हालात ऐसे हैं कि आग लगने की स्थिति में दमकल वाहन इन गलियों तक पहुंच ही नहीं सकते। वहीं मंडी चौक पर पहले से मौजूद फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी अब गायब हो चुका है। व्यापारियों ने बाजारों में मुख्य मार्गों के पास नए सिरे से फायर हाइड्रेंट लगाने की मांग उठाई है।
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बर्तन बाजार, गंज बाजार की गलियां इतनी संकरी हैं कि यहां से ठेला निकालना भी मुश्किल होता है। ऐसे में अगर किसी दुकान या गोदान में आग लगती है तो दमकल की गाड़ियां मुख्य मार्ग तक तो पहुंच सकती हैं लेकिन पानी भरने की व्यवस्था ठीक नहीं होने से राहत कार्य प्रभावित हो सकता है। क्योंकि बाजारों के भीतर काफी अंदर फायर हाइड्रेंट लगाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल तकनीकी रूप से संभव नहीं दिख रहा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि बाजारों में दुकानें एक-दूसरे से सटी होती हैं। एक दुकान में आग लगने पर कुछ ही मिनट में पूरा बाजार आग की चपेट में आ सकता है। उनका कहना है कि पहले मंडी चौक पर मौजूद हाइड्रेंट सिस्टम आपात स्थिति में काफी मददगार था लेकिन अब वह पूरी तरह से गायब है। व्यापारियों ने मांग की है कि प्रशासन सर्वे कराकर जरूरत के हिसाब से उचित स्थानों पर नए फायर हाइड्रेंट लगाए।
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व्यापारी बोले...
-बर्तन बाजार की गलियां इतनी संकरी हैं कि आग लगने पर दमकल की गाड़ियां अंदर पहुंच ही नहीं सकतीं। ऐसे में यहां लगे फायर हाइड्रेंट सिर्फ दिखावे के लिए हैं। उचित स्थान देखकर इन्हें फिर से लगाया जाना चाहिए।-अमरीष अग्रवाल, व्यापारी
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-बर्तन बाजार में ज्यादातर दुकानें एक-दूसरे से सटी हैं। अगर आग लगती है तो कुछ मिनट में पूरा बाजार चपेट में आ सकता है। यहां फायर वाहनों के लिए वैकल्पिक पानी व्यवस्था जरूरी है।-संजय सहगल, व्यापारी-मंडी चौक में पहले फायर हाइड्रेंट लगे थे, जिससे आपात स्थिति में राहत मिलती थी। अब सिस्टम गायब हो चुका है। प्रशासन को फिर से यहां पर हाइड्रेंट लगवाने चाहिए।-प्रदीप रस्तोगी, सराफा कारोबारी
-बाजारों को प्रशासन को फिर से सर्वे करना चाहिए और उचित स्थानों पर फिर से फायर हाइड्रेंट लगाना चाहिए। क्योंकि सालों पहले फायर हाइड्रेंट लगाए गए थे। अब उसकी स्थित क्या है कुछ पता नहीं।-अजय अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल


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वर्जन..
-शहर में 50 स्थानों पर फायर हाइड्रेंट लगाए गए हैं। इसके साथ ही बाजारों, फैक्टरियों, होटलों आदि में भी फायर हाइड्रेंट की सुविधा है। आग लगने पर इनसे दमकल की गाड़ियों में पानी भर लिया जाएगा।-राजीव कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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