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अलीगढ़: फाइनेंसकर्मी हत्या-लूटकांड का खुलासा, महंगे शौक पूरा करने के लिए पड़ोसी ने दोस्तों के साथ घोंट दिया था गला
Sat, 30 Jan 2021 07:51 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 30 Jan 2021 07:51 PM IST
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फाइनेंसकर्मी हत्या-लूटकांड का खुलासा करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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जिस पड़ोसी के घर फाइनेंसकर्मी अपनी 8 साल की बेटी को छोड़कर जाता था, उसी पड़ोसी के बेटे ने दोस्तों संग मिलकर उसकी हत्या कर दी। सासनी गेट पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पड़ोसी के बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लूटा गया माल भी बरामद किया गया है।
सीओ प्रथम प्रशांत सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 21 जनवरी की रात को कृष्ण विहार निवासी फाइनेंसकर्मी विकास सक्सेना की घर में घुसकर हत्या की गई थी। साथ में घर से माल भी लूटा गया था। इस घटना में मुखबिरी और सुरागरशी के आधार पर पड़ोसी का बेटा विवेक शर्मा पुत्र नरेंद्र कुमार शर्मा व उसके दोस्त योगेश पांडेय पुत्र वीरेन्द्र पांडेय व मोहित शर्मा पुत्र गिरीश कुमार शर्मा निवासीगण कृष्ण विहार को गिरफ्तार किया गया।
महंगे शौक पूरे करने के लिए दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में उन्होंने स्वीकारा कि अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने विकास के घर में लूट के इरादे से इस घटना को अंजाम दिया। उन्हें उम्मीद थी घर में काफी जेवर मिलेंगे। मगर लूट के दौरान कुल 16 हजार रुपये, मोबाइल, घड़ी व कुछ ज्वैलरी ही मिली। उनके पास से लूटा गया मोबाइल, घड़ी, कुछ रुपये व हत्या में प्रयुक्त रस्सी, ब्लेड बरामद किया गया है।
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माल का बंटवारा करते समय पकड़ा गया तीनों आरोपी
पूछताछ में तीनों ने स्वीकारा कि 20 जनवरी की रात योगेश ने विकास के घर की छत का दरवाजा चुपचाप जाकर खोल दिया था। इसके बाद 21 जनवरी में रात करीब 2:30 बजे तीनों जीने के रास्ते से विकास के घर में घुसे थे। इस दौरान योगेश व मोहित ने सोते समय रस्सी डालकर गला घोंटा था और विवेक ने मृतक विकास का चेहरा तकिया रखकर दबाया था। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद घर से माल लूटा था। तीनों को केपी इंटर कॉलेज से माल का बंटवारा करते समय पकड़ा गया। गिरफ्तारी इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ शर्मा
व उनकी टीम ने की है।
विवेक को दिलवाया था विकास ने मोबाइल
सीओ प्रथम के अनुसार पूछताछ में विवेक ने स्वीकारा कि उसके विकास व उसके परिवार से बेहद अच्छे रिश्ते थे। आरोपी विवेक ने पॉलीटेक्निक अंतिम वर्ष किया है। वह पढऩे में तेज था। विकास ने उसे इन्हीं संबंधों व लॉकडाउन में ऑनलाइन पढऩे के लिए एक मोबाइल भी दिलवाया था। इसके पीछे मकसद यह भी था कि दिन में जब उसकी बेटी विवेक के घर रहती है तो उसे भी पढ़ा दिया करेगा। इधर, गलत संगत में पड़कर विवेक के शौक महंगे हो गए। उसकी दोस्तों से चर्चा हुई तो उसने विकास के घर से लूट की प्लानिंग बना ली। इसी के तहत इस घटना को अंजाम दिया।
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सीओ प्रथम प्रशांत सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 21 जनवरी की रात को कृष्ण विहार निवासी फाइनेंसकर्मी विकास सक्सेना की घर में घुसकर हत्या की गई थी। साथ में घर से माल भी लूटा गया था। इस घटना में मुखबिरी और सुरागरशी के आधार पर पड़ोसी का बेटा विवेक शर्मा पुत्र नरेंद्र कुमार शर्मा व उसके दोस्त योगेश पांडेय पुत्र वीरेन्द्र पांडेय व मोहित शर्मा पुत्र गिरीश कुमार शर्मा निवासीगण कृष्ण विहार को गिरफ्तार किया गया।
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महंगे शौक पूरे करने के लिए दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में उन्होंने स्वीकारा कि अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने विकास के घर में लूट के इरादे से इस घटना को अंजाम दिया। उन्हें उम्मीद थी घर में काफी जेवर मिलेंगे। मगर लूट के दौरान कुल 16 हजार रुपये, मोबाइल, घड़ी व कुछ ज्वैलरी ही मिली। उनके पास से लूटा गया मोबाइल, घड़ी, कुछ रुपये व हत्या में प्रयुक्त रस्सी, ब्लेड बरामद किया गया है।
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माल का बंटवारा करते समय पकड़ा गया तीनों आरोपी
पूछताछ में तीनों ने स्वीकारा कि 20 जनवरी की रात योगेश ने विकास के घर की छत का दरवाजा चुपचाप जाकर खोल दिया था। इसके बाद 21 जनवरी में रात करीब 2:30 बजे तीनों जीने के रास्ते से विकास के घर में घुसे थे। इस दौरान योगेश व मोहित ने सोते समय रस्सी डालकर गला घोंटा था और विवेक ने मृतक विकास का चेहरा तकिया रखकर दबाया था। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद घर से माल लूटा था। तीनों को केपी इंटर कॉलेज से माल का बंटवारा करते समय पकड़ा गया। गिरफ्तारी इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ शर्मा
व उनकी टीम ने की है।
विवेक को दिलवाया था विकास ने मोबाइल
सीओ प्रथम के अनुसार पूछताछ में विवेक ने स्वीकारा कि उसके विकास व उसके परिवार से बेहद अच्छे रिश्ते थे। आरोपी विवेक ने पॉलीटेक्निक अंतिम वर्ष किया है। वह पढऩे में तेज था। विकास ने उसे इन्हीं संबंधों व लॉकडाउन में ऑनलाइन पढऩे के लिए एक मोबाइल भी दिलवाया था। इसके पीछे मकसद यह भी था कि दिन में जब उसकी बेटी विवेक के घर रहती है तो उसे भी पढ़ा दिया करेगा। इधर, गलत संगत में पड़कर विवेक के शौक महंगे हो गए। उसकी दोस्तों से चर्चा हुई तो उसने विकास के घर से लूट की प्लानिंग बना ली। इसी के तहत इस घटना को अंजाम दिया।