{"_id":"5daa21848ebc3e93b31a7c7e","slug":"fever-city-news-mbd326291354","type":"story","status":"publish","title_hn":"रतनपुर कलां में घर-घर बुखार पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रतनपुर कलां में घर-घर बुखार पीड़ित
विज्ञापन
fever
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रतनपुर कलां में घर-घर बुखार पीड़ित
रतनपुर कलां गांव में पांच दिन में हुई थी छह मौत, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप, खून के नमूने लिए
वायरल बुखार की पुष्टि, दवाएं बांटी, मौतों की वजह बीमारी बताई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद/पाकबड़ा। रतनपुर कलां गांव में बुखार से एक के बाद एक लगातार छह लोगों की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को गांव में चिकित्सा कैंप लगाया। गांव में सैकड़ों ग्रामीण बुखार पीड़ित हैं। या कहें कि हर घर में किसी न किसी को बुखार है। कैंप में दर्जनों पीड़ितों के खून के नमूने लेकर दवाएं बांटी गई। खून की जांच रिपोर्ट में वायरल बुखार की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम कुंदरकी एमओआईसी के नेतृत्व में मृतकों के घर पहुंची और उनके परिवार के लोगों से बातचीत की। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि गुरुवार को तीन लोगों की मौत बुखार से नहीं बल्कि बीमारी से हुई है।
मानसून की बारिश के बाद जिले के कई गांव वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया की चपेट में हैं। कइयों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के एंटी लार्वा का छिड़काव करने और प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर लगाए जाने के दावों के बाद भी जिले में डेंगू के 96 केस पॉजिटिव आए हैं। ये सभी मामले सिर्फ जिला अस्पताल में एलाइजा टेस्ट के हैं। निजी अस्पतालों के डेंगू मरीज इसमें शामिल नहीं हैं।
मुरादाबाद शहर के अलावा डिलारी, बिलारी, ठाकुरद्वारा और भोजपुर ब्लाक के गांवों में पिछले कई महीनों से वायरल बुखार फैला है। पाकबड़ा क्षेत्र के कई गांवों में भी एक महीने से लोग बुखार से पीड़ित हैं। रतनपुर कलां गांव में पिछले पांच दिन में छह लोगों की मौत हो चुकी है। हर घर में कोई ने कोई बुखार से बिस्तर पर पड़ा है। सरकारी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं नहीं होने से पीड़ित झोलाछाप या फिर निजी अस्पतालों में निर्भर हैं। गुरुवार को ही रतनपुर कलां में तीन लोगों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है। शुक्रवार को स्वागत विभाग की टीमें हरकत में आई और गांव पहुंची। ब्लाक प्रभारी डाक्टर राजपाल सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा कैंप लगाया और पीड़ितों के खून के नमूने लिए गए। पीड़ितों को बुखार की दवाएं बांटी गई। शाम को नमूनों की रिपोर्ट आ गई और वायरल की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
- रतनपुर कलां गांव में वायरल बुखार है। विभाग की ओर से गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को खून के नमूनों की जांच में वायरल की पुष्टि हुई है। एमओआईसी डा. राजपाल के नेतृत्व में एक टीम मृतकों के घर पहुंची। ताहिर हुसैन की मौत गुर्दे और लाल मोहम्मद की मौत किडनी की बीमारी से हुई है। साबिर के सीने में दर्द में दर्द हुआ और इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। - मलिंद गर्ग, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
गांव में शुरू होगा सफाई अभियान
रतनपुर कलां के ग्राम प्रधान खचेडू सिंह और ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में शनिवार से सफाई अभियान चलाया जाएगा। गांव में 20 सफाई कर्मियों को लगाया जाएगा। अभी मात्र एक सफाई कर्मी की तैनाती है।
तीन जनाजे उठते ही शोक में डूबा गांव
रतनपुर कलां गांव में गुरुवार को तीन लोगों की मौत हो गई। लाल मोहम्मत को गुरुवार रात ही दफनाया गया। ताहिर और साबिर का जनाजा शुक्रवार को निकाला गया। इससे गांव में शोक में डूब गया।
वायरल का कहर, अस्पताल में नहीं डाक्टर
ताजपुर के अधीन हैं पाकबड़ा और अगवानपुर अस्पताल
पाकबड़ा। क्षेत्र के गांवों में वायरल बुखार से दहशत है। सैकड़ों लोग इससे पीड़ित हैं। पांच दिन में छह लोगों की मौत हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी बना है। अस्पताल में डाक्टर नहीं है। ताजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इसका संचालन होता है। गांव में गंदगी से महामारी फैलने का खतरा बना है।
जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर रतनपुर कलां गांव की आबादी करीब तीस हजार है। गांव सरकारी उपेक्षा का शिकार है। गांव की सफाई चौपट है। सड़कों पर गंदा पानी बहता है। हर तरफ बदबू आती है। लोग खुले में शौच करते हैं। बीमारी की बड़ी वजह बनी है। गांव में टीबी और दमा के कई मरीज हैं। सैकड़ों ग्रामीण अब वायरल की चपेट में हैं। गांव में प्राथमिक अस्पताल बना है। अस्पताल खुद ही बीमार है। करीब दो बीघा से ज्यादा भूमि पर अस्पताल है। इसमें कोई चिकित्सा सुविधा नहीं है। इसका संचालन ताजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से होता है। एक डाक्टर और फार्मेसिस्ट अस्पताल में कुछ घंटे आते हैं और चले जाते है। अस्पताल में दवाएं और बेड सुविधा तो दूर पीने का पानी भी नहीं है। गांव निवासी अकबर हुसैन ने बताया कि गांव की साफ व्यवस्था ठप है। सुलेमान और अबरार हुसैन ने बताया कि उसका पूरा परिवार बीमार पड़ा है।
विज्ञापन
रतनपुर कलां गांव में पांच दिन में हुई थी छह मौत, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप, खून के नमूने लिए
वायरल बुखार की पुष्टि, दवाएं बांटी, मौतों की वजह बीमारी बताई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद/पाकबड़ा। रतनपुर कलां गांव में बुखार से एक के बाद एक लगातार छह लोगों की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को गांव में चिकित्सा कैंप लगाया। गांव में सैकड़ों ग्रामीण बुखार पीड़ित हैं। या कहें कि हर घर में किसी न किसी को बुखार है। कैंप में दर्जनों पीड़ितों के खून के नमूने लेकर दवाएं बांटी गई। खून की जांच रिपोर्ट में वायरल बुखार की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम कुंदरकी एमओआईसी के नेतृत्व में मृतकों के घर पहुंची और उनके परिवार के लोगों से बातचीत की। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि गुरुवार को तीन लोगों की मौत बुखार से नहीं बल्कि बीमारी से हुई है।
मानसून की बारिश के बाद जिले के कई गांव वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया की चपेट में हैं। कइयों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के एंटी लार्वा का छिड़काव करने और प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर लगाए जाने के दावों के बाद भी जिले में डेंगू के 96 केस पॉजिटिव आए हैं। ये सभी मामले सिर्फ जिला अस्पताल में एलाइजा टेस्ट के हैं। निजी अस्पतालों के डेंगू मरीज इसमें शामिल नहीं हैं।
विज्ञापन
मुरादाबाद शहर के अलावा डिलारी, बिलारी, ठाकुरद्वारा और भोजपुर ब्लाक के गांवों में पिछले कई महीनों से वायरल बुखार फैला है। पाकबड़ा क्षेत्र के कई गांवों में भी एक महीने से लोग बुखार से पीड़ित हैं। रतनपुर कलां गांव में पिछले पांच दिन में छह लोगों की मौत हो चुकी है। हर घर में कोई ने कोई बुखार से बिस्तर पर पड़ा है। सरकारी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं नहीं होने से पीड़ित झोलाछाप या फिर निजी अस्पतालों में निर्भर हैं। गुरुवार को ही रतनपुर कलां में तीन लोगों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है। शुक्रवार को स्वागत विभाग की टीमें हरकत में आई और गांव पहुंची। ब्लाक प्रभारी डाक्टर राजपाल सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा कैंप लगाया और पीड़ितों के खून के नमूने लिए गए। पीड़ितों को बुखार की दवाएं बांटी गई। शाम को नमूनों की रिपोर्ट आ गई और वायरल की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
- रतनपुर कलां गांव में वायरल बुखार है। विभाग की ओर से गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को खून के नमूनों की जांच में वायरल की पुष्टि हुई है। एमओआईसी डा. राजपाल के नेतृत्व में एक टीम मृतकों के घर पहुंची। ताहिर हुसैन की मौत गुर्दे और लाल मोहम्मद की मौत किडनी की बीमारी से हुई है। साबिर के सीने में दर्द में दर्द हुआ और इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। - मलिंद गर्ग, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
गांव में शुरू होगा सफाई अभियान
रतनपुर कलां के ग्राम प्रधान खचेडू सिंह और ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में शनिवार से सफाई अभियान चलाया जाएगा। गांव में 20 सफाई कर्मियों को लगाया जाएगा। अभी मात्र एक सफाई कर्मी की तैनाती है।
तीन जनाजे उठते ही शोक में डूबा गांव
रतनपुर कलां गांव में गुरुवार को तीन लोगों की मौत हो गई। लाल मोहम्मत को गुरुवार रात ही दफनाया गया। ताहिर और साबिर का जनाजा शुक्रवार को निकाला गया। इससे गांव में शोक में डूब गया।
वायरल का कहर, अस्पताल में नहीं डाक्टर
ताजपुर के अधीन हैं पाकबड़ा और अगवानपुर अस्पताल
पाकबड़ा। क्षेत्र के गांवों में वायरल बुखार से दहशत है। सैकड़ों लोग इससे पीड़ित हैं। पांच दिन में छह लोगों की मौत हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी बना है। अस्पताल में डाक्टर नहीं है। ताजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इसका संचालन होता है। गांव में गंदगी से महामारी फैलने का खतरा बना है।
जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर रतनपुर कलां गांव की आबादी करीब तीस हजार है। गांव सरकारी उपेक्षा का शिकार है। गांव की सफाई चौपट है। सड़कों पर गंदा पानी बहता है। हर तरफ बदबू आती है। लोग खुले में शौच करते हैं। बीमारी की बड़ी वजह बनी है। गांव में टीबी और दमा के कई मरीज हैं। सैकड़ों ग्रामीण अब वायरल की चपेट में हैं। गांव में प्राथमिक अस्पताल बना है। अस्पताल खुद ही बीमार है। करीब दो बीघा से ज्यादा भूमि पर अस्पताल है। इसमें कोई चिकित्सा सुविधा नहीं है। इसका संचालन ताजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से होता है। एक डाक्टर और फार्मेसिस्ट अस्पताल में कुछ घंटे आते हैं और चले जाते है। अस्पताल में दवाएं और बेड सुविधा तो दूर पीने का पानी भी नहीं है। गांव निवासी अकबर हुसैन ने बताया कि गांव की साफ व्यवस्था ठप है। सुलेमान और अबरार हुसैन ने बताया कि उसका पूरा परिवार बीमार पड़ा है।