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डीएओ, डीएचओ से विवेचक ने ली उर्वरक लाइसेंस घोटाले की जानकारी
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मुरादाबाद। उद्यान विभाग की निष्क्रिय समिति के नाम से फर्जी पदाधिकारी बन कर कृषि विभाग की साठगांठ से उर्वरक लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में डीएम के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट की जांच शुरू कर दी गई है। कुंदरकी थाने में इस मामले की दर्ज रिपोर्ट की तफ्तीश को लेकर उपनिरीक्षक प्रशांत शर्मा ने शुक्रवार विकास भवन पहुंच कर जिला कृषि अधिकारी व जिला उद्यान अधिकारी से प्रकरण से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
जिले में उद्यान विभाग की निष्क्रिय समितियों व चार समितियों के फर्जी पदाधिकारी बन कर तीन लोगों ने कूटरचित तरीके से कृषि महकमे के अधिकारियों व कर्मचारियों से साठगांठ कर 18 उर्वरक लाइसेंस प्राप्त कर लिए थे। मामले के उजागर होने के बाद डीएम ने डीएचओ से समितियों की रिपोर्ट तलब की और इसके बाद डीएओ को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और उन्हें जारी उर्वरक लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद डीएओ ने गलत ढंग से जारी सभी 18 लाइसेंस निरस्त किए जाने का दावा करते हुए तीन आरोपियों शादाब, इंतखाब और शमशाद के खिलाफ जिले के अलग-अलग पांच थानों में संबंधित एडीओ (कृषि) के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कुंदरकी थाना क्षेत्र के मोहनपुर समिति मामले में भी आरोपी शादाब के खिलाफ धोखाधड़ी कर कृषि विभाग के अधिकारियों को गुमराह कर उर्वरक लाइसें प्राप्त करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रशांत शर्मा को सौंपी गई है। जिसकी जांच को उपनिरीक्षक शुक्रवार विकास भवन पहुंचे। वहां उन्होंने जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी व जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार से मुलाकात कर दोनों अधिकारियों से मुकदमे से जुड़े मामले की जानकारी ली। उपनिरीक्षक ने बताया कि उन्होंने मुकदमे से जुड़े अभिलेख जिला कृषि अधिकारी से मांगे, जिस पर उन्होंने एडीओ (कृषि) को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है।
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जिले में उद्यान विभाग की निष्क्रिय समितियों व चार समितियों के फर्जी पदाधिकारी बन कर तीन लोगों ने कूटरचित तरीके से कृषि महकमे के अधिकारियों व कर्मचारियों से साठगांठ कर 18 उर्वरक लाइसेंस प्राप्त कर लिए थे। मामले के उजागर होने के बाद डीएम ने डीएचओ से समितियों की रिपोर्ट तलब की और इसके बाद डीएओ को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और उन्हें जारी उर्वरक लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद डीएओ ने गलत ढंग से जारी सभी 18 लाइसेंस निरस्त किए जाने का दावा करते हुए तीन आरोपियों शादाब, इंतखाब और शमशाद के खिलाफ जिले के अलग-अलग पांच थानों में संबंधित एडीओ (कृषि) के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कुंदरकी थाना क्षेत्र के मोहनपुर समिति मामले में भी आरोपी शादाब के खिलाफ धोखाधड़ी कर कृषि विभाग के अधिकारियों को गुमराह कर उर्वरक लाइसें प्राप्त करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रशांत शर्मा को सौंपी गई है। जिसकी जांच को उपनिरीक्षक शुक्रवार विकास भवन पहुंचे। वहां उन्होंने जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी व जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार से मुलाकात कर दोनों अधिकारियों से मुकदमे से जुड़े मामले की जानकारी ली। उपनिरीक्षक ने बताया कि उन्होंने मुकदमे से जुड़े अभिलेख जिला कृषि अधिकारी से मांगे, जिस पर उन्होंने एडीओ (कृषि) को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है।
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