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गेट खोल जबरन कलक्ट्रेट में घुसे भाकियू कार्यकता, डीएम दफ्तर के सामने शुरू किया अनिश्चित कालीन धरना
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डीएम कार्यालय के बाहर खाना बनाते भारतीय किसान यूनियन के लोग।
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली और धान आदि की समस्या के विरोध में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और पुलिस प्रशासन के विरोध के बावजूद कलक्ट्रेट में ट्रैक्टर-ट्राली समेत घुसकर डीएम दफ्तर के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं को कलक्ट्रेट की ओर आता देख पुलिस प्रशासन ने मुख्य प्रवेश द्वारा बंद कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी एक नहीं सुनी और जबरन गेट खोल भीतर घुस गए। धरना स्थल पर ही आंदोलनकारियों ने पंचायत की। जिसमें मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले भर के भाकियू कार्यकर्ता सुबह ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य साधनों से अंबेडकर पार्क पहुंचे। वहां कुछ देर पंचायत के बाद सभी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में धरना देने कलक्ट्रेट जाने लगे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सिविल लाइंस एसएचओ नवल मारवाह समेत कई उपनिरीक्षक व पुलिस बल कलक्ट्रेट गेट पर पहले से ही मुस्तैद हो गया। जैसे ही जुलूस कलक्ट्रेट गेट के निकट पहुंचा वहां पहले से तैनात पुलिस बल ने अंदर से गेट बंद कर दिया और भाकियू कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोक दिया। पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं से बाहर ही रह कर धरना-प्रदर्शन करने को कहा, लेकिन भाकियू कार्यकर्ता अंदर जाने की जिद पर अड़ गए। इसको लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं और पुलिस की कुछ देर नोकझोंक भी हुई। इस बीच पहले से कलक्ट्रेट के अंदर मौजूद भाकियू के मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा और जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी समेत कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरोध के बाद भी गेट को जबरन खोल दिया। गेट खुलते ही कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में घुस गए और हाथ में गन्ना लिए डीएम कार्यालय पर पहुंच प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। कार्यकर्ता अपने ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाहनों को भी धड़धड़ाते शासन, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते लेकर घुस गए।
कार्यकर्ता अपने साथ लाई दरी और गद्दों को भी डीएम कार्यालय के सामने बिछा लिया और वहीं अनिश्चित कालीन धरना देना शुरू कर दिया। लाउडस्पीकर लगी जीप को भी वहीं खड़ा कर पंचायत की। जिसे संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। किसानों ने बिजली विभाग द्वारा किसानों पर लोड बढ़ा कर उन्हें परेशान करने, कनेक्शन काटने, बकाया बिजली बिल की वसूली ब्याज समेत करने का भी आरोप लगाते हुए किसानों के इस उत्पीड़न को बंद करने तथा किसानों के हित के विपरीत लाए गए कृषक कानून को वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि किसानों का धान भी समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जा रहा है। जिसे खरीद कराने की व्यवस्था सरकार करे। मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
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पंचायत को इन लोगों ने किया संबोधित
मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, जिला महासचिव धर्मेंद्र शर्मा, प्रदेश महासचिव डॉ. नो सिंह, प्रदेश सचिव डॉ. चरन सिंह, मंडल उपाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, दीपक चौधरी, जीतू विश्नोई आदि ने संबोधित किया।
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कांठ तहसील इकाई ने की भोजन की व्यवस्था
मुरादाबाद। प्रदर्शनकारी भाकियू कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। आंदोलनकारी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर न सिर्फ रजाई, गद्दे व चटाई लेकर पहुंचे थे बल्कि गैस का चूल्हा और बड़ा भगौना तथा भोजन का सामान भी लेकर पहुंचे थे। सोमवार धरने के पहले दिन कांठ तहसील इकाई की ओर से तहसील अध्यक्ष जीतू विश्नोई और उनकी टीम की ओर सो धरने पर बैठे लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
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एडीएम, एसपी सिटी के प्रस्ताव को नकारा
मुरादाबाद। पुलिस प्रशासन भाकियू कार्यकर्ताओं को पहले तो कलक्ट्रेट गेट पर ही रोक लेना चाहता था। इसके पूरे प्रयास भी किए, लेकिन भाकियू कार्यकर्ताओं के तेवर के आगे वह पुलिस बेबस दिखाई दी। कार्यकर्ता जब कलक्ट्रेट पहुंच कर धरना देने लगे तो कुछ देर बाद ही एसपी सिटी और एडीएम प्रशासन मौके पर जा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने भाकियू नेताओं से ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात कहने की बात कहते हुए आंदोलन खत्म करने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने को कहा है आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद दोनों अधिकारी वापस चले गए।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले भर के भाकियू कार्यकर्ता सुबह ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य साधनों से अंबेडकर पार्क पहुंचे। वहां कुछ देर पंचायत के बाद सभी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में धरना देने कलक्ट्रेट जाने लगे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सिविल लाइंस एसएचओ नवल मारवाह समेत कई उपनिरीक्षक व पुलिस बल कलक्ट्रेट गेट पर पहले से ही मुस्तैद हो गया। जैसे ही जुलूस कलक्ट्रेट गेट के निकट पहुंचा वहां पहले से तैनात पुलिस बल ने अंदर से गेट बंद कर दिया और भाकियू कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोक दिया। पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं से बाहर ही रह कर धरना-प्रदर्शन करने को कहा, लेकिन भाकियू कार्यकर्ता अंदर जाने की जिद पर अड़ गए। इसको लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं और पुलिस की कुछ देर नोकझोंक भी हुई। इस बीच पहले से कलक्ट्रेट के अंदर मौजूद भाकियू के मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा और जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी समेत कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरोध के बाद भी गेट को जबरन खोल दिया। गेट खुलते ही कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में घुस गए और हाथ में गन्ना लिए डीएम कार्यालय पर पहुंच प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। कार्यकर्ता अपने ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाहनों को भी धड़धड़ाते शासन, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते लेकर घुस गए।
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कार्यकर्ता अपने साथ लाई दरी और गद्दों को भी डीएम कार्यालय के सामने बिछा लिया और वहीं अनिश्चित कालीन धरना देना शुरू कर दिया। लाउडस्पीकर लगी जीप को भी वहीं खड़ा कर पंचायत की। जिसे संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने, गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। किसानों ने बिजली विभाग द्वारा किसानों पर लोड बढ़ा कर उन्हें परेशान करने, कनेक्शन काटने, बकाया बिजली बिल की वसूली ब्याज समेत करने का भी आरोप लगाते हुए किसानों के इस उत्पीड़न को बंद करने तथा किसानों के हित के विपरीत लाए गए कृषक कानून को वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि किसानों का धान भी समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जा रहा है। जिसे खरीद कराने की व्यवस्था सरकार करे। मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
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पंचायत को इन लोगों ने किया संबोधित
मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, जिला महासचिव धर्मेंद्र शर्मा, प्रदेश महासचिव डॉ. नो सिंह, प्रदेश सचिव डॉ. चरन सिंह, मंडल उपाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, दीपक चौधरी, जीतू विश्नोई आदि ने संबोधित किया।
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कांठ तहसील इकाई ने की भोजन की व्यवस्था
मुरादाबाद। प्रदर्शनकारी भाकियू कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। आंदोलनकारी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर न सिर्फ रजाई, गद्दे व चटाई लेकर पहुंचे थे बल्कि गैस का चूल्हा और बड़ा भगौना तथा भोजन का सामान भी लेकर पहुंचे थे। सोमवार धरने के पहले दिन कांठ तहसील इकाई की ओर से तहसील अध्यक्ष जीतू विश्नोई और उनकी टीम की ओर सो धरने पर बैठे लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
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एडीएम, एसपी सिटी के प्रस्ताव को नकारा
मुरादाबाद। पुलिस प्रशासन भाकियू कार्यकर्ताओं को पहले तो कलक्ट्रेट गेट पर ही रोक लेना चाहता था। इसके पूरे प्रयास भी किए, लेकिन भाकियू कार्यकर्ताओं के तेवर के आगे वह पुलिस बेबस दिखाई दी। कार्यकर्ता जब कलक्ट्रेट पहुंच कर धरना देने लगे तो कुछ देर बाद ही एसपी सिटी और एडीएम प्रशासन मौके पर जा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने भाकियू नेताओं से ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात कहने की बात कहते हुए आंदोलन खत्म करने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने को कहा है आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद दोनों अधिकारी वापस चले गए।

डीएम कार्यालय पर धरना देने जाते भारतीय किसान यूनियन के लोगो को गेट बंद करके रोकते पुलिस कर्मी- फोटो : CITY

डीएम कार्यालय पर धरना देने जाते किसान को गेट बंद कर रोकती पुलिस।- फोटो : CITY

डीएम कार्यालय पर धरना देने जाते किसान को गेट बंद कर रोकती पुलिस गेट खोलकर आगे बढते किसान।- फोटो : CITY