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किसानों का आंदोलन अब जारी रहेगा : हरपाल सिंह
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मुरादाबाद। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि दिल्ली बार्डर पर कील ठोंकने से किसानों का आंदोलन नहीं रूकेगा। केंद्र सरकार को एमएसपी गारंटी कानून लाना होगा।
भाकियू असली के नेता ने कहा कि किसान गेहूं पैदा करता है लेकिन आटा तैयार कर व्यवसायी रेट तय करते हैं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार किसान एमएसपी गारंटी कानून की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से परेशान सरकार के इशारे पर उनके जिलाध्यक्ष अशोक सिंह और प्रांतीय उपाध्यक्ष समरपाल सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया। संभल और अमरोहा में भी पुलिस से झड़पें हुई हैं। पुलिस जितनी चाहे कीलें हाई वे पर ठोक ले, आंदोलन नहीं थमेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रियों के समक्ष स्पष्ट कर दिया गया है कि किसानों की मांगे मानने तक आंदोलन जारी रहेगा। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। सरकार ने स्वामीनाथन को भारत रत्न देकर अच्छा काम किया। अब उनकी रिपोर्ट लागू कर सरकार सच्ची श्रद्धांजलि दे सकती है। मोदी सरकार को इस प्रकार की गारंटी देना चाहिए। भाकियू असली के कार्यकर्ता दिल्ली कूच करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी दे। फसल बीमा सरकार खुद करे। किसान और मजदूर के 60 साल की उम्र होने पर 10 हजार रुपये महीना देना चाहिए। इस मामले में बैठक करने के लिए वह बुधवार को चंडीगढ़ जाएंगे।
भाकियू असली के राष्ट्रीय महासचिव पर रहा पुलिस का पहरा
बिलारी।
किसान संगठनों की एमएसपी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली कूच करने की तैयारी कर रहे भाकियू असली के राष्ट्रीय महासचिव के घर पर मंगलवार को दिनभर पुलिस का पहरा रहा। सूचना पर सीओ भी उनके घर पर गए थे।
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किसानों की मांगों को लेकर किसान संगठनों ने मंगलवार काे दिल्ली कूच का आह्वान किया था। कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के साथ भारतीय किसान यूनियन असली भी शामिल है। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह तो सोमवार को ही केंद्रीय मंत्रियों के साथ वार्ता में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ पहुंच गए थे। वहीं भाकियू असली के राष्ट्रीय महासचिव बिलारी निवासी चौधरी महक सिंह का मंगलवार सुबह किसानों के साथ दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। महक सिंह के अनुसार मंगलवार तड़के ही पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंच गए और उन्हें घर से नहीं निकलने दिया।
मंगलवार दोपहर करीब एक बजे सीओ राजेश कुमार भी चौधरी महक सिंह के घर पहुंचे और उनसे आंदोलन में जाने की अपील की। भाकियू नेता ने बताया कि मंगलवार को दिनभर उन पर पुलिस का पहरा रहा। महक सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संगठनों की मांग है कि एमएसपी गारंटी पर सहमति बननी चाहिए। संशोधित बिजली विधेयक वापस लिया जाना चाहिए। लखीमपुर खीरी कांड में जेल में बंद निर्दाेष किसानों को रिहा करने के साथ ही आंदोलन के दौरान मृतकों के आश्रितों को मुआवजा मिलना चाहिए। दो वर्ष पहले दिल्ली में चले किसान संगठनों के आंदोलन के दौरान जिन 750 आंदोलनकारी किसानों की मौत हुई उनके आश्रितों को मुआवजा मिलना चाहिए।
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भाकियू असली के नेता ने कहा कि किसान गेहूं पैदा करता है लेकिन आटा तैयार कर व्यवसायी रेट तय करते हैं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार किसान एमएसपी गारंटी कानून की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से परेशान सरकार के इशारे पर उनके जिलाध्यक्ष अशोक सिंह और प्रांतीय उपाध्यक्ष समरपाल सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया। संभल और अमरोहा में भी पुलिस से झड़पें हुई हैं। पुलिस जितनी चाहे कीलें हाई वे पर ठोक ले, आंदोलन नहीं थमेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रियों के समक्ष स्पष्ट कर दिया गया है कि किसानों की मांगे मानने तक आंदोलन जारी रहेगा। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। सरकार ने स्वामीनाथन को भारत रत्न देकर अच्छा काम किया। अब उनकी रिपोर्ट लागू कर सरकार सच्ची श्रद्धांजलि दे सकती है। मोदी सरकार को इस प्रकार की गारंटी देना चाहिए। भाकियू असली के कार्यकर्ता दिल्ली कूच करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी दे। फसल बीमा सरकार खुद करे। किसान और मजदूर के 60 साल की उम्र होने पर 10 हजार रुपये महीना देना चाहिए। इस मामले में बैठक करने के लिए वह बुधवार को चंडीगढ़ जाएंगे।
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भाकियू असली के राष्ट्रीय महासचिव पर रहा पुलिस का पहरा
बिलारी।
किसान संगठनों की एमएसपी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली कूच करने की तैयारी कर रहे भाकियू असली के राष्ट्रीय महासचिव के घर पर मंगलवार को दिनभर पुलिस का पहरा रहा। सूचना पर सीओ भी उनके घर पर गए थे।
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किसानों की मांगों को लेकर किसान संगठनों ने मंगलवार काे दिल्ली कूच का आह्वान किया था। कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के साथ भारतीय किसान यूनियन असली भी शामिल है। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह तो सोमवार को ही केंद्रीय मंत्रियों के साथ वार्ता में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ पहुंच गए थे। वहीं भाकियू असली के राष्ट्रीय महासचिव बिलारी निवासी चौधरी महक सिंह का मंगलवार सुबह किसानों के साथ दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। महक सिंह के अनुसार मंगलवार तड़के ही पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंच गए और उन्हें घर से नहीं निकलने दिया।
मंगलवार दोपहर करीब एक बजे सीओ राजेश कुमार भी चौधरी महक सिंह के घर पहुंचे और उनसे आंदोलन में जाने की अपील की। भाकियू नेता ने बताया कि मंगलवार को दिनभर उन पर पुलिस का पहरा रहा। महक सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संगठनों की मांग है कि एमएसपी गारंटी पर सहमति बननी चाहिए। संशोधित बिजली विधेयक वापस लिया जाना चाहिए। लखीमपुर खीरी कांड में जेल में बंद निर्दाेष किसानों को रिहा करने के साथ ही आंदोलन के दौरान मृतकों के आश्रितों को मुआवजा मिलना चाहिए। दो वर्ष पहले दिल्ली में चले किसान संगठनों के आंदोलन के दौरान जिन 750 आंदोलनकारी किसानों की मौत हुई उनके आश्रितों को मुआवजा मिलना चाहिए।