{"_id":"6742836c1ffb0c75f90fec76","slug":"farmers-locked-the-office-of-sugarcane-deputy-commissioner-burnt-the-effigy-moradabad-news-c-15-1-mbd1052-528696-2024-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर किसानों ने जड़ा ताला, पुतला फूंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर किसानों ने जड़ा ताला, पुतला फूंका
विज्ञापन
मुरादाबाद। चीनी मिल के आवंटन में संशोधन की मांग लेकर पिछले 19 दिनों से धरने पर बैठे संभल के भदरौला गांव के किसानों ने शनिवार को बड़ी संख्या में गन्ना उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया और महापंचायत की। सैकड़ों किसानों ने महापंचायत के बाद गन्ना आयुक्त का पुतला फूंका और कार्यालय से सभी कर्मचारियों को बाहर निकालकर दोपहर तीन बजे ताला जड़ दिया। शाम छह बजे तक चले प्रदर्शन के बाद किसानों की मांग पूरी हो गई। इसके बाद धरना खत्म हो गया।
धरने के दाैरान पहुंचे एसडीएम सदर की मौजूदगी में गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सोमवार को गांव में शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान जो भी किसान अपने चीनी मिल के आवंटन में संशोधन कराना चाहेंगे, मौके पर ही उनके हित में निर्णय लिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद देर शाम किसानों ने अपना धरना खत्म करने का एलान किया।
भदरौला गांव के किसान पिछले 19 दिनों से गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर धरना दे रहे थे। इन किसानों की मांग थी कि उनके चीनी मिल के बिना किसी अनुरोध के दूसरी जगह आवंटित कर दिया गया है। इस गांव के सभी किसान अपना गन्ना असमोली की चीनी मिल पर बेचा करते थे, लेकिन पिछले वर्ष इनकी चीनी मिल असमोली से बदलकर करीमगंज कर दी गई थी।
विज्ञापन
करीमगंज की चीनी मिल पर पिछले वर्ष गन्ना बेचने वाले किसानों को अब तक भुगतान नहीं हुआ, इसलिए इस वर्ष गांव के सभी किसान असमोली की चीनी मिल पर ही अपना गन्ना बेचने के निर्णय पर अडिग थे। किसानों ने बताया कि उनके गांव भदरौला से करीमगंज की दूरी 70 से 80 किलोमीटर है, जबकि असमोली की चीनी मिल 13 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। असमोली की चीनी मिल पर भुगतान संबंधी शिकायत नहीं रहती है और यहां गन्ना बेचने से उनके समय की भी बचत होती है।
भारतीय किसान यूनियन असली के बैनर तले धरने पर बैठने वाले इन किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार को गांव में शिविर नहीं लगा तो वह फिर से गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर धरना देंगे। महापंचायत में मुख्य रूप से संजीव गांधी, अर्जुन सिंह, निकसम सिंह, अरुण कुमार, अरुण कुुमार, बृह्मचार्य यादव, सोमपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, जसपाल सिंह, सतीश कुमार, गिरिराज, शीलचंद्र, तारीफ और कोमल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
धरने के दाैरान पहुंचे एसडीएम सदर की मौजूदगी में गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सोमवार को गांव में शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान जो भी किसान अपने चीनी मिल के आवंटन में संशोधन कराना चाहेंगे, मौके पर ही उनके हित में निर्णय लिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद देर शाम किसानों ने अपना धरना खत्म करने का एलान किया।
विज्ञापन
भदरौला गांव के किसान पिछले 19 दिनों से गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर धरना दे रहे थे। इन किसानों की मांग थी कि उनके चीनी मिल के बिना किसी अनुरोध के दूसरी जगह आवंटित कर दिया गया है। इस गांव के सभी किसान अपना गन्ना असमोली की चीनी मिल पर बेचा करते थे, लेकिन पिछले वर्ष इनकी चीनी मिल असमोली से बदलकर करीमगंज कर दी गई थी।
विज्ञापन
करीमगंज की चीनी मिल पर पिछले वर्ष गन्ना बेचने वाले किसानों को अब तक भुगतान नहीं हुआ, इसलिए इस वर्ष गांव के सभी किसान असमोली की चीनी मिल पर ही अपना गन्ना बेचने के निर्णय पर अडिग थे। किसानों ने बताया कि उनके गांव भदरौला से करीमगंज की दूरी 70 से 80 किलोमीटर है, जबकि असमोली की चीनी मिल 13 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। असमोली की चीनी मिल पर भुगतान संबंधी शिकायत नहीं रहती है और यहां गन्ना बेचने से उनके समय की भी बचत होती है।
भारतीय किसान यूनियन असली के बैनर तले धरने पर बैठने वाले इन किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार को गांव में शिविर नहीं लगा तो वह फिर से गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर धरना देंगे। महापंचायत में मुख्य रूप से संजीव गांधी, अर्जुन सिंह, निकसम सिंह, अरुण कुमार, अरुण कुुमार, बृह्मचार्य यादव, सोमपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, जसपाल सिंह, सतीश कुमार, गिरिराज, शीलचंद्र, तारीफ और कोमल सिंह आदि मौजूद रहे।