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Moradabad News: भोजन की चाह में कपिल बनकर कांवड़ियों के भंडारे में पहुंचा फैज, जेल भेजा
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बिलारी (मुरादाबाद)। हाईवे स्थित गांधी पार्क परिसर में बुधवार रात कांवड़ियों के लिए लगाए भंडारे में भोजन की चाह में मो. फैज कपिल बनकर पहुंच गया। उसकी गतिविधियों पर शक होने पर भंडारा कमेटी के सदस्यों ने पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी फैज के खिलाफ जान बूझकर किसी और का रूप धारण करके धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। वही कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक भोले सेवा समिति बिलारी की ओर से हर साल की तरह सावन मास में नगर के गांधी पार्क में भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। बुधवार की रात करीब आठ बजे भंडारे में पहुंचे लोगों ने प्रसाद लेना शुरू कर दिया। इसी दौरान पहुंचे एक युवक की गतिविधियों पर कमेटी के सदस्यों को शक हो गया। सदस्यों ने शक दूर करने के लिए जब युवक से उसका नाम पता पूछा तो उसने कपिल निवासी नया गांव थाना बहजोई बताने लगा और अपने हाथ पर गुदवाया ओम का टैटू दिखाने लगा। कमेटी के सदस्य जब युवक को थाने ले जाने की धमकी देने लगे तब उसने अपना नाम फैज बता दिया। सदस्यों ने पुलिस को बुला लिया।
बृहस्पतिवार सुबह भोले सेवा समिति के सदस्य लकी सिंह, गोल्डी सिंह, राजू सिंह, नीरज कुमार बिलारी थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। बिलारी के मोहल्ला महाराज निवासी नीरज कुमार की तहरीर पर पुलिस ने मो. फैज के खिलाफ केस दर्ज किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी बहनोई के नया गांव निवासी नहीं है बल्कि कुंदरकी नगर के मोहल्ला टंकी में रहता है। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने आरोपी को बिलारी एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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इस तरह गहराया शक
बिलारी। कांवड़िये जब आराम करने लगे तब युवक भी उन्हीं के अंदाज में आराम करने लगा। खाना खाने के बाद युवक ने अपने हाथ नहीं धोए। वहीं शौच से लौटने के बाद बिना हाथ धोए जब वह कांवड़ियों के पास आकर बैठ गया। उसकी इन गतिविधियों से कांवड़ियों को शक होने लगा। समिति सदस्यों ने जब पूछा कि किस कांवड़ बेड़े में हो और किस कांवड़िये के परिचित हो तब वह घबरा गया। थाने में भेजने की धमकी देने और कड़ाई से पूछताछ करने पर स्वयं को कपिल बता रहे फैज ने असलियत बता दी।
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अदालत पहुंचे पिता, जमानत लेने से किया इन्कार
बिलारी। कुंदरकी निवासी फैज को बिलारी पुलिस द्वारा पकड़ लिए जाने की सूचना पर फैज के पिता ताहिर उसे देखने एसडीएम की अदालत पहुंच गए लेकिन जब पता चला कि उसका बेटा अपना नाम बदलकर भंडारे में शामिल हुआ है तब उन्होंने जमानत लेने से इंकार कर दिया। ताहिर ने बताया कि वह फेरी मजदूर हैं और उनका बेटा अक्सर नशा करता है। डांटने और समझाने के बाद भी कोई काम नहीं कर रहा है। परिवार में फैज के दो भाई और तीन बहनें हैं।
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पुलिस के मुताबिक भोले सेवा समिति बिलारी की ओर से हर साल की तरह सावन मास में नगर के गांधी पार्क में भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। बुधवार की रात करीब आठ बजे भंडारे में पहुंचे लोगों ने प्रसाद लेना शुरू कर दिया। इसी दौरान पहुंचे एक युवक की गतिविधियों पर कमेटी के सदस्यों को शक हो गया। सदस्यों ने शक दूर करने के लिए जब युवक से उसका नाम पता पूछा तो उसने कपिल निवासी नया गांव थाना बहजोई बताने लगा और अपने हाथ पर गुदवाया ओम का टैटू दिखाने लगा। कमेटी के सदस्य जब युवक को थाने ले जाने की धमकी देने लगे तब उसने अपना नाम फैज बता दिया। सदस्यों ने पुलिस को बुला लिया।
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बृहस्पतिवार सुबह भोले सेवा समिति के सदस्य लकी सिंह, गोल्डी सिंह, राजू सिंह, नीरज कुमार बिलारी थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। बिलारी के मोहल्ला महाराज निवासी नीरज कुमार की तहरीर पर पुलिस ने मो. फैज के खिलाफ केस दर्ज किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी बहनोई के नया गांव निवासी नहीं है बल्कि कुंदरकी नगर के मोहल्ला टंकी में रहता है। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने आरोपी को बिलारी एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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इस तरह गहराया शक
बिलारी। कांवड़िये जब आराम करने लगे तब युवक भी उन्हीं के अंदाज में आराम करने लगा। खाना खाने के बाद युवक ने अपने हाथ नहीं धोए। वहीं शौच से लौटने के बाद बिना हाथ धोए जब वह कांवड़ियों के पास आकर बैठ गया। उसकी इन गतिविधियों से कांवड़ियों को शक होने लगा। समिति सदस्यों ने जब पूछा कि किस कांवड़ बेड़े में हो और किस कांवड़िये के परिचित हो तब वह घबरा गया। थाने में भेजने की धमकी देने और कड़ाई से पूछताछ करने पर स्वयं को कपिल बता रहे फैज ने असलियत बता दी।
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अदालत पहुंचे पिता, जमानत लेने से किया इन्कार
बिलारी। कुंदरकी निवासी फैज को बिलारी पुलिस द्वारा पकड़ लिए जाने की सूचना पर फैज के पिता ताहिर उसे देखने एसडीएम की अदालत पहुंच गए लेकिन जब पता चला कि उसका बेटा अपना नाम बदलकर भंडारे में शामिल हुआ है तब उन्होंने जमानत लेने से इंकार कर दिया। ताहिर ने बताया कि वह फेरी मजदूर हैं और उनका बेटा अक्सर नशा करता है। डांटने और समझाने के बाद भी कोई काम नहीं कर रहा है। परिवार में फैज के दो भाई और तीन बहनें हैं।