फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Even after two years, buses could not run on 12 routes

Moradabad News: दो साल बाद भी 12 रूटों पर नहीं चल सकीं बसें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jun 2025 02:04 AM IST
विज्ञापन
Even after two years, buses could not run on 12 routes
मुरादाबाद। जिले के करीब 12 ग्रामीण रूटों पर दो साल बाद भी परिवहन निगम की ओर बसों का संचालन नहीं किया जा सका। इसके कारण सरकार की ओर से गांव-गांव तक बस सेवा शुरू करने की योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

जिले के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर बस चलाने के लिए परिवहन निगम की ओर से चार से पांच बार टेंडर निकाला चुका है। लेकिन इन रूटों पर आपरेटराें ने बस संचालन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। कोई आपरेटर बस चलाने के लिए तैयार नहीं है। बस मालिकों का कहना कि ग्रामीण रूटों पर बस चलाने से कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए ग्रामीण रूटों पर अनुबंध लेने के लिए वह तैयार नहीं हैं। अगर निगम की ओर से परिचालक दिए जाएं तो वह ग्रामीण रूटों पर बस चलाने के लिए टेंडर डालने के लिए तैयार हैं। वहीं, निगम के पास भी पर्याप्त संख्या में बसें है। इसके बावजूद निगम की ओर से बार-बार टेंडर निकालकर खानापूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन

00
शहर से गांव को जोड़ने वाली योजना के तहत रूट
-मुरादाबाद-बबराला
-मुरादाबाद-कूड़ामाफी
-मुरादाबाद-टांडा
-मुरादाबाद-उमरी
-मुरादाबाद-कांठ
-मुरादाबाद-बुजपुर मान
-मुरादाबाद- चकफेरी -मुरादाबाद-धारकनगला
-मुरादाबाद-शरीफनगर
-मुरादाबाद-अलीगंज
-मुरादाबाद-आदमपुर
-मुरादाबाद-रफीपुर
00
- ग्रामीण रूटों पर बस चलाने के लिए कुछ शर्तें ऐसी हैं, जिनकी वजह से बस मालिक अनुबंध लेने के लिए तैयार नहीं हैं। जैसे कि बिना टिकट के यात्री पकड़े जाने पर परिचालक पर कड़ा जुर्माना लगाने का प्रावधान, सुबह आठ बजे गांव से बस का निकलना समेत अन्य शर्तें शामिल हैं। - महेंद्र सिंह बग्गा, संरक्षक, अनुबंधित बस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

00
- एक रूट पर एक चक्कर चलाकर बस का पैसा नहीं निकाला जा सकता है। ग्रामीण रूट पर बस अनुबंध करने के बाद बस मालिकों को काफी परेशानी होगी। शाम को बस लेकर गांव में पहुंचना और वहां पर रुककर सुबह आठ बजे शहर में आना भी चालकों व परिचालकों को लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। - अमित गुप्ता, अध्यक्ष, अनुबंधित बस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन

00
- कुछ ग्रामीण रूटों पर बसें चल रही हैं। ग्रामीण रूटों पर बसों को चलाने के लिए लगातार टेंडर निकाला जा रहा है। अनुबंध होते ही बसें चला दी जाएंगी। - बीएल मिश्रा, एआरएम वित्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed