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Moradabad News: नैनो यूरिया से खेती के साथ पर्यावरण और मृदा संरक्षण होता है
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मुरादाबाद। इफको द्वारा निर्मित नैनो यूरिया और नैनी डीएपी खेती की गुणवत्ता के साथ साथ पर्यावरण और मृदा संरक्षण के लिए भी जरूरी है। समितियां नैनो यूरिया की अधिक से अधिक बिक्री करें।
इफको एवं सहकारिता विभाग की तरफ से आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं प्रबंध निदेशक रमेश बाबू ने कहा कि इफको के क्रांतिकारी उत्पाद नैनो यूरिया, नैनो डीएपी सहकारिता के लिए गौरव की बात है। समितियों के माध्यम से किसानों के बीच इसका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। इससे किसानों की सेवा होगी साथ ही समितियों के लाभ में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विजय भान सिंह ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लिए समितियों को प्रोत्साहित किया। सहायक आयुक्त जितेंद्र पाल सिंह ने कहा समितियों को नैनो यूरिया की बिक्री करने के निर्देश दिए। साथ ही समितियों को बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया। डाॅ.दीपक एवं डॉ. अविनाश ने जैविक खेती पर चर्चा करते हुए कहा कि नैनो उर्वरक आने वाले समय में खेती के लिए एक महत्वपूर्ण घटक साबित होगा। क्योंकि इससे कोई प्रदूषण नहीं होता है। मृदा जिवांस को भी सुरक्षित रखेगी। कार्यक्रम के उप प्रबंधक यशवीर सिंह ने नैनो उर्वरक की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। उप महाप्रबंधक डॉ. आर के नायक ने बताया कि नैनो यूरिया कितनी मात्रा में प्रयोग करना चाहिए। पौधों को यूरिया से लंबे समय तक कितना पोषण मिलेगा। इफको मुरादाबाद के रवि त्रिवेदी ने कृषि रक्षा रसायनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में लखनऊ और मुरादाबाद के विक्री सहायक, समितियों के सचिव सहित 125 लोगों ने भाग लिया।
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इफको एवं सहकारिता विभाग की तरफ से आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं प्रबंध निदेशक रमेश बाबू ने कहा कि इफको के क्रांतिकारी उत्पाद नैनो यूरिया, नैनो डीएपी सहकारिता के लिए गौरव की बात है। समितियों के माध्यम से किसानों के बीच इसका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। इससे किसानों की सेवा होगी साथ ही समितियों के लाभ में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विजय भान सिंह ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लिए समितियों को प्रोत्साहित किया। सहायक आयुक्त जितेंद्र पाल सिंह ने कहा समितियों को नैनो यूरिया की बिक्री करने के निर्देश दिए। साथ ही समितियों को बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया। डाॅ.दीपक एवं डॉ. अविनाश ने जैविक खेती पर चर्चा करते हुए कहा कि नैनो उर्वरक आने वाले समय में खेती के लिए एक महत्वपूर्ण घटक साबित होगा। क्योंकि इससे कोई प्रदूषण नहीं होता है। मृदा जिवांस को भी सुरक्षित रखेगी। कार्यक्रम के उप प्रबंधक यशवीर सिंह ने नैनो उर्वरक की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। उप महाप्रबंधक डॉ. आर के नायक ने बताया कि नैनो यूरिया कितनी मात्रा में प्रयोग करना चाहिए। पौधों को यूरिया से लंबे समय तक कितना पोषण मिलेगा। इफको मुरादाबाद के रवि त्रिवेदी ने कृषि रक्षा रसायनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में लखनऊ और मुरादाबाद के विक्री सहायक, समितियों के सचिव सहित 125 लोगों ने भाग लिया।
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