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रेलवे के आवासों पर अनधिकृत लोगों का कब्जा, अफसर खामोश
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मुरादाबाद। शहर में रेलवे के तमाम सरकारी आवासों पर अनधिकृत (प्राइवेट) लोगों ने कब्जा कर रखा है। इन आवासों में रहने वाले लोगों को बिजली, पानी की सुविधा भी दी जा रही है। यह सब खेल कॉलोनियों के प्रभारी रेलकर्मियों की मिलीभगत से चल रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि रेलकर्मी इन आवासों में रहने वाले लोगों से महीने का किराया लेते हैं। यह सब होने के बावजूद अफसर खामोश हैं।
कपूर कंपनी से महाराणा प्रताप चौक तक बसी रेलवे कॉलोनी, ताज बेंक्वेट के पास रेलवे हरथला कॉलोनी और रेलवे स्टेशन के सामने बसी कॉलोनी में कई ऐसे आवास हैं। इनमें रहने वाले अनधिकृत लोगों को किसी का डर नहीं है। कई आवास ऐसे हैं जिन पर रेलवे ने अनधिकृत लिख रखा है। इसके बावजूद बाहरी लोग सभी सुविधाओं सहित वहां रह रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को इन कॉलोनियों में जाकर पड़ताल की तो मामला सामने आया।
यह स्थिति तब है जब रेलवे ऐसे लोगों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाता रहता है। कुछ दिन की सख्ती के बाद फिर रेलकर्मियों की मिलीभगत से बाहरी लोग अपना सामान सरकारी आवासों में रख लेते हैं। रेलवे की कपूर कंपनी कॉलोनी में स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ माह पहले रेलवे ने ऐसे आवासों के बिजली और पानी के कनेक्शन कटवा दिए थे। साथ ही अनधिकृत लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया था। इसके कुछ दिन बाद ही फिर से इन आवासों में बिजली और पानी के कनेक्शन बहाल कर दिए गए। अब हालात यह हैं कि रेलवे कॉलोनियों के तकरीबन 20 फीसदी आवासों पर बाहरी व्यक्तियों का कब्जा है।
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कपूर कंपनी से महाराणा प्रताप चौक तक बसी रेलवे कॉलोनी, ताज बेंक्वेट के पास रेलवे हरथला कॉलोनी और रेलवे स्टेशन के सामने बसी कॉलोनी में कई ऐसे आवास हैं। इनमें रहने वाले अनधिकृत लोगों को किसी का डर नहीं है। कई आवास ऐसे हैं जिन पर रेलवे ने अनधिकृत लिख रखा है। इसके बावजूद बाहरी लोग सभी सुविधाओं सहित वहां रह रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को इन कॉलोनियों में जाकर पड़ताल की तो मामला सामने आया।
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यह स्थिति तब है जब रेलवे ऐसे लोगों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाता रहता है। कुछ दिन की सख्ती के बाद फिर रेलकर्मियों की मिलीभगत से बाहरी लोग अपना सामान सरकारी आवासों में रख लेते हैं। रेलवे की कपूर कंपनी कॉलोनी में स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ माह पहले रेलवे ने ऐसे आवासों के बिजली और पानी के कनेक्शन कटवा दिए थे। साथ ही अनधिकृत लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया था। इसके कुछ दिन बाद ही फिर से इन आवासों में बिजली और पानी के कनेक्शन बहाल कर दिए गए। अब हालात यह हैं कि रेलवे कॉलोनियों के तकरीबन 20 फीसदी आवासों पर बाहरी व्यक्तियों का कब्जा है।
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