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निकाय चुनाव में आए कश्मीर के लोग, प्रशासन को भनक नहीं
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:49 PM IST
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निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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निकाय चुनाव के दौरान प्रशासन के निर्देश थे कि बाहरी लोग जिले को छोड़ दें। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के एक हजार लोग शहर में पहुंच गए और प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। आरटीओ के सामने और पीछे ये लोग अभी शिविर तैयार कर रहे हैं
हालांकि शहरवासियों की मदद से कुछ कश्मीरी युवकों के आधार कार्ड खुफिया विभाग को मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आधार कार्ड फर्जी बताए जा रहे हैं।जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट रिलीफ कमेटी का पत्र लेकर कुछ युवक शहर के पॉश इलाकों में सहायता मांगने के लिए घूम रहे हैं।
सोमवार को कांठ रोड स्थित प्रकाश एंक्लेव, एमडीए, हरथला में युवकों ने खाद्य सामग्री, कंबल और आर्थिक सहायता मांगी। युवक जो पत्र दिखा रहे हैं उसमें लिखा है कि वे एक हजार लोग हैं जो जम्मू-कश्मीर के बारामूला, लेह, लद्दाख के बार्डर एरिया पर रहते हैं। आतंकी गतिविधियों और बर्फ गिरने के कारण वे अपने घर और कारोबार खो चुके हैं।
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युवकों ने एक डायरी भी लोगों को दिखाई, जिसमें सहायता देने वालों की सूची थी। पत्र में एक दिन की खाद्य सामग्री का भी जिक्र है, जिसमें 300 किलो चावल, 100 किलो दाल, तीन टिन तेल, 50 किलो चीनी, 50 किलो आटे की जरूरत बताई गई है।
जम्मू-कश्मीर से आए युवकों के आधार कार्ड खुफिया विभाग को मिले हैं, जो फर्जी बताए जा रहे हैं। इन कार्डों की जांच की जा रही है। खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन लोगों के यहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर सक्रियता बढ़ा दी है। आने वालों में अधिकांश युवक, कुछ बुजुर्ग और महिलाएं हैं। जम्मू-कश्मीर से भी इनके बारे में जानकारियां बटोरी जा रही हैं।
आरटीओ के आसपास कश्मीरी लोगों के रहने की जानकारी नहीं है। संबंधित थाना प्रभारी से जानकारी ली जाएगी। इनके यहां आने का कारण पता लगाया जाएगा।
- प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी
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हालांकि शहरवासियों की मदद से कुछ कश्मीरी युवकों के आधार कार्ड खुफिया विभाग को मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आधार कार्ड फर्जी बताए जा रहे हैं।जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट रिलीफ कमेटी का पत्र लेकर कुछ युवक शहर के पॉश इलाकों में सहायता मांगने के लिए घूम रहे हैं।
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सोमवार को कांठ रोड स्थित प्रकाश एंक्लेव, एमडीए, हरथला में युवकों ने खाद्य सामग्री, कंबल और आर्थिक सहायता मांगी। युवक जो पत्र दिखा रहे हैं उसमें लिखा है कि वे एक हजार लोग हैं जो जम्मू-कश्मीर के बारामूला, लेह, लद्दाख के बार्डर एरिया पर रहते हैं। आतंकी गतिविधियों और बर्फ गिरने के कारण वे अपने घर और कारोबार खो चुके हैं।
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युवकों ने एक डायरी भी लोगों को दिखाई, जिसमें सहायता देने वालों की सूची थी। पत्र में एक दिन की खाद्य सामग्री का भी जिक्र है, जिसमें 300 किलो चावल, 100 किलो दाल, तीन टिन तेल, 50 किलो चीनी, 50 किलो आटे की जरूरत बताई गई है।
जम्मू-कश्मीर से आए युवकों के आधार कार्ड खुफिया विभाग को मिले हैं, जो फर्जी बताए जा रहे हैं। इन कार्डों की जांच की जा रही है। खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन लोगों के यहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर सक्रियता बढ़ा दी है। आने वालों में अधिकांश युवक, कुछ बुजुर्ग और महिलाएं हैं। जम्मू-कश्मीर से भी इनके बारे में जानकारियां बटोरी जा रही हैं।
आरटीओ के आसपास कश्मीरी लोगों के रहने की जानकारी नहीं है। संबंधित थाना प्रभारी से जानकारी ली जाएगी। इनके यहां आने का कारण पता लगाया जाएगा।
- प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी