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मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ी जाएगी ईद-उल-अजहा की नमाज
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मुरादाबाद। कोविड के चलते इस बार भी ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में नहीं पढ़ी जाएगी। मस्जिदों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा की जाएगी। कांवड़ यात्रा भी नहीं निकाली जाएगी। मंदिरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जलाभिषेक किया जाएगा। यह निर्णय डीएम-एसएसपी की धर्मगुरुओं के साथ हुई बैठक में लिया गया।
ईद-उल-अजहा और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस लाइंस में सोमवार धर्मगुरुओं की बैठक बुलाई गई। जिसे संबोधित करते हुए डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड के चलते शासन के निर्णय के मुताबिक ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा की जा सकेगी।
डीएम ने कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह पाबंदी है। लिहाजा मुस्लिम धर्मगुरु यह संदेश समुदाय के लोगों तक पहुंचा दें। कुर्बानी के बाद कोई भी उसके अवशेष को खुले में अथवा सड़कों पर न फेंके। मांस को खुले में न ले जाएं। जरूरी हो तो उसे ढक कर ले जाएं। एसएसपी पवन कुमार ने कहा कि त्योहार के मौके पर कोई व्यक्ति ऐसा कार्य न करे जिससे किसी दूसरे धर्म के लोगों को आपत्ति हो।
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उन्होंने बताया कि त्योहार पर शांति व सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। किसी तरह की अफवाहों पर कोई ध्यान न दिया जाए। संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु के मिलने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर तीन दिन कुर्बानी होती है। जो सुबह छह बजे से लेकर सायं पांच बजे तक की जाती है। लिहाजा प्रशासन को उसके हिसाब से शांति व सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। पुलिसकर्मियों द्वारा किसी भी व्यक्ति का बेजा उत्पीड़न न किया जाए। नायब शहर इमाम सैयद फहद अली ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि त्योहार पर मुस्लिम समुदाय के लोग कोविड नियमों व शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह पालन करते हुए त्योहार मनाएंगे।
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ईद-उल-अजहा और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस लाइंस में सोमवार धर्मगुरुओं की बैठक बुलाई गई। जिसे संबोधित करते हुए डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड के चलते शासन के निर्णय के मुताबिक ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा की जा सकेगी।
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डीएम ने कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह पाबंदी है। लिहाजा मुस्लिम धर्मगुरु यह संदेश समुदाय के लोगों तक पहुंचा दें। कुर्बानी के बाद कोई भी उसके अवशेष को खुले में अथवा सड़कों पर न फेंके। मांस को खुले में न ले जाएं। जरूरी हो तो उसे ढक कर ले जाएं। एसएसपी पवन कुमार ने कहा कि त्योहार के मौके पर कोई व्यक्ति ऐसा कार्य न करे जिससे किसी दूसरे धर्म के लोगों को आपत्ति हो।
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उन्होंने बताया कि त्योहार पर शांति व सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। किसी तरह की अफवाहों पर कोई ध्यान न दिया जाए। संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु के मिलने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर तीन दिन कुर्बानी होती है। जो सुबह छह बजे से लेकर सायं पांच बजे तक की जाती है। लिहाजा प्रशासन को उसके हिसाब से शांति व सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। पुलिसकर्मियों द्वारा किसी भी व्यक्ति का बेजा उत्पीड़न न किया जाए। नायब शहर इमाम सैयद फहद अली ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि त्योहार पर मुस्लिम समुदाय के लोग कोविड नियमों व शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह पालन करते हुए त्योहार मनाएंगे।