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Moradabad News: ई-रिक्शा चालक हर माह सरकार को लगा रहे सवा करोड़ का चूना
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मुरादाबाद। जिले में हर महीने ई-रिक्शा की संख्या बढ़ रही है, लेकिन ई-रिक्शा चार्ज करने की कोई व्यवस्था नहीं है। ई-रिक्शा चालक व्यावसायिक के बजाय घरेलू बिजली कनेक्शन से ई-रिक्शा चार्ज कर सरकार को प्रतिमाह सवा करोड़ रुपये का चूना लगा रहे हैं। इसके बाद भी बिजली विभाग की ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ कार्यालय में 15 हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जिले में विभिन्न कंपनियों की 41 ई-रिक्शा एजेंसी हैं। एजेंसियों से लगातार ई-रिक्शा निकल रहे हैं, लेकिन किसी भी विभाग ने ई-रिक्शा की चार्जिंग की व्यवस्था के बारे में नहीं सोचा। इसके कारण चालक ई-रिक्शा को घरेलू बिजली से चार्ज कर रहे हैं।
नियमानुसार ई-रिक्शा की बिक्री व संचालन व्यावसायिक श्रेणी में आता है, इसलिए इसे चार्ज करने के लिए बिजली विभाग से व्यावसायिक कनेक्शन लेना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। घरेलू और व्यावसायिक बिजली की दरों में करीब पांच रुपये का अंतर है। इसके कारण जिले में बिजली विभाग को हर महीने सवा करोड़ रुपये की हानि हो रही है।
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हर दिन खर्च हो रही 75 हजार यूनिट बिजली
एक ई-रिक्शा की चार्जिंग में एक बार में लगभग पांच यूनिट बिजली खर्च होती है। ऐसे में करीब 15 हजार ई-रिक्शा हर दिन 75 हजार से अधिक यूनिट बिजली की खपत कर रहे हैं। घरेलू बिजली जहां छह से साढ़े सात रुपये प्रति यूनिट तक होती है। वहीं व्यावसायिक बिजली की दर 11 से 13 रुपये प्रति यूनिट होती है। इस तरह ई-रिक्शा चालक प्रति यूनिट करीब साढ़े पांच रुपये की चपत बिजली विभाग को लगाते हैं। ऐसे में प्रतिदिन 4.12 लाख रुपये और प्रतिमाह करीब सवा करोड़ रुपये का नुकसान बिजली विभाग को हो रहा है। विद्युत निगम के अनुसार शहर में करीब 28 हजार उपभोक्ताओं ने बिजली का व्यावसायिक कनेक्शन करा रखा है, लेकिन कहीं भी ई-रिक्शा चार्जिंग के इंतजाम नहीं हैं।
-- -- -- -- -- ई-रिक्शा एजेंसी संचालक बोले
- ई-रिक्शा की बिक्री लगातार हो रही है। इसे कहीं भी चार्ज किया जा सकता है। एक ई-रिक्शा चार्ज करने में पांच से छह यूनिट तक बिजली की खपत होती है। - पिंटू, ई-रिक्शा ग्रीन इंटर प्राइजेज, दिल्ली रोड
-ई-रिक्शा को चार्ज करने में पांच से छह घंटे लगते हैं। ई-रिक्शा को बिजली के साथ-साथ साैर ऊर्जा से भी चार्ज किया जा सकता है। ई-रिक्शा को चार्ज करने में एक बार में करीब 55 से 65 रुपये की बिजली खर्च होती है। - राजेश कुमार, न्यू इंडिया मेट्रो, मझोला
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- शहर में ई-रिक्शा चार्ज करने वालों की अलग से चेकिंग नहीं की जाती है। रूटीन चेकिंग में जो भी उपभोक्ता बिजली की चोरी करते पकड़े जाते हैं। उन पर कार्रवाई की जाती है। - मुनीष चोपड़ा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ कार्यालय में 15 हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जिले में विभिन्न कंपनियों की 41 ई-रिक्शा एजेंसी हैं। एजेंसियों से लगातार ई-रिक्शा निकल रहे हैं, लेकिन किसी भी विभाग ने ई-रिक्शा की चार्जिंग की व्यवस्था के बारे में नहीं सोचा। इसके कारण चालक ई-रिक्शा को घरेलू बिजली से चार्ज कर रहे हैं।
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नियमानुसार ई-रिक्शा की बिक्री व संचालन व्यावसायिक श्रेणी में आता है, इसलिए इसे चार्ज करने के लिए बिजली विभाग से व्यावसायिक कनेक्शन लेना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। घरेलू और व्यावसायिक बिजली की दरों में करीब पांच रुपये का अंतर है। इसके कारण जिले में बिजली विभाग को हर महीने सवा करोड़ रुपये की हानि हो रही है।
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हर दिन खर्च हो रही 75 हजार यूनिट बिजली
एक ई-रिक्शा की चार्जिंग में एक बार में लगभग पांच यूनिट बिजली खर्च होती है। ऐसे में करीब 15 हजार ई-रिक्शा हर दिन 75 हजार से अधिक यूनिट बिजली की खपत कर रहे हैं। घरेलू बिजली जहां छह से साढ़े सात रुपये प्रति यूनिट तक होती है। वहीं व्यावसायिक बिजली की दर 11 से 13 रुपये प्रति यूनिट होती है। इस तरह ई-रिक्शा चालक प्रति यूनिट करीब साढ़े पांच रुपये की चपत बिजली विभाग को लगाते हैं। ऐसे में प्रतिदिन 4.12 लाख रुपये और प्रतिमाह करीब सवा करोड़ रुपये का नुकसान बिजली विभाग को हो रहा है। विद्युत निगम के अनुसार शहर में करीब 28 हजार उपभोक्ताओं ने बिजली का व्यावसायिक कनेक्शन करा रखा है, लेकिन कहीं भी ई-रिक्शा चार्जिंग के इंतजाम नहीं हैं।
- ई-रिक्शा की बिक्री लगातार हो रही है। इसे कहीं भी चार्ज किया जा सकता है। एक ई-रिक्शा चार्ज करने में पांच से छह यूनिट तक बिजली की खपत होती है। - पिंटू, ई-रिक्शा ग्रीन इंटर प्राइजेज, दिल्ली रोड
-ई-रिक्शा को चार्ज करने में पांच से छह घंटे लगते हैं। ई-रिक्शा को बिजली के साथ-साथ साैर ऊर्जा से भी चार्ज किया जा सकता है। ई-रिक्शा को चार्ज करने में एक बार में करीब 55 से 65 रुपये की बिजली खर्च होती है। - राजेश कुमार, न्यू इंडिया मेट्रो, मझोला
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- शहर में ई-रिक्शा चार्ज करने वालों की अलग से चेकिंग नहीं की जाती है। रूटीन चेकिंग में जो भी उपभोक्ता बिजली की चोरी करते पकड़े जाते हैं। उन पर कार्रवाई की जाती है। - मुनीष चोपड़ा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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