फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Due to whose fault did the power go off... the question remains

Moradabad News: किसकी गलती से गुल हुई बिजली... सवाल बरकरार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 02:35 AM IST
विज्ञापन
Due to whose fault did the power go off... the question remains
मुरादाबाद। बेशक जेई कोर्ट पहुंचने के बाद विद्युत अभियंताओं की बहाली हो गई है लेकिन सवाल बरकरार है कि ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में बिजली कटी कैसे। निलंबन के खिलाफ विद्युत कर्मियों ने कुछ दिन प्रदर्शन भी किया लेकिन फिलहाल सभी संगठन मौन है। औपचारिक रूप से किसी ने बयान नहीं दिया है लेकिन कहा जा रहा है कि उनकी मांग निलंबन के आदेश को निरस्त करने की थी।
विज्ञापन


20 जुलाई की शाम को ऊर्जा व नगर विकास मंत्री एके शर्मा सिविल लाइंस क्षेत्र में चिल्ड्रन पार्क का मुआयना कर रहे थे। उस दौरान 12 मिनट के लिए बिजली कट गई। केबिल जलने की जानकारी हुई तो विद्युत निगम कर्मियों की लापरवाही मानते हुए मंत्री ने चीफ इंजीनियर समेत एसई, एक्सईएन, एसडीओ और जेई को निलंबित करने का आदेश दे दिया। रात में ही एमडी कार्यालय से निलंबन का आदेश जारी हो गया।
विज्ञापन

इसके बाद मामले की कोई आधिकारिक जांच नहीं हुई है। विद्युत निगम के इंजीनियरों ने दावा किया कि बिजली नगर निगम की गलती से कटी है। अभियंता संघ व जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और एमडी से मिलने भी गए। जब कोई बात नहीं बनी तो जेई ललित कुमार ने हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने आदेश किया कि निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए और जेई को दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाने का विकल्प भी दिया। मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद एमडी कार्यालय की ओर से जेई से एसई तक चार अभियंताओं को बहाल किया गया है। चीफ इंजीनियर की बहाली नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


00
नगर निगम व विद्युत निगम के बीच दिखी समन्वय की कमी
अभियंताओं के निलंबन के बाद विद्युत कर्मियों का कहना था कि चिल्ड्रन पार्क पर 25-26 किलोवाट का लोड स्वीकृत है, जबकि मंत्री के निरीक्षण के दौरान सभी उपकरण मेन सप्लाई से चालू कर दिए गए और लोड 36 किलोवाट हो गया। इसके कारण ट्रांसफार्मर में फाल्ट हुआ और केबिल जल गया। जबकि नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने लोड के मुताबिक ही बिजली इस्तेमाल की थी। जनरेटर को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी रही, जिसका खामियाजा अभियंताओं को भुगतना पड़ा।


34 साल की नौकरी बाकी होने के कारण कोर्ट पहुंचे जेई
दिल्ली रोड बिजलीघर पर तैनात रहे जेई ललित कुमार की उम्र महज 26 वर्ष है। उनकी सेवानिवृत्ति वर्ष 2059 में है। नौकरी के शुरुआती चरण में सर्विस बुक खराब न हो इसलिए उन्होंने कोर्ट का रुख किया। बहाली के बाद विद्युत निगम अभियंताओं की सर्विस बुक में कैसी प्रविष्टि दर्ज की जाएगी, यह स्पष्ट नहीं है। जेई के अलावा एसडीओ राना प्रताप का कार्यकाल 26 वर्ष, एक्सईएन प्रिंस कुमार गौतम का 20 वर्ष और एसई सुनील कुमार अग्रवाल का डेढ़ वर्ष बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed