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Moradabad News: सेंट्रल जीएसटी की लापरवाही से फिर लोहे के कारोबारी ने किया करोड़ों का फर्जीवाड़ा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 01:51 AM IST
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Due to the negligence of Central GST, iron trader again committed fraud worth crores.
मुरादाबाद।
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सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से लोहे के कारोबारी ने लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी प्रवीण श्रीवास्तव के कागजात को चुराकर उनके नाम पर देशभर में 60 फर्मों का फर्जी ढंग से पंजीयन करा लिया। इस बीच मुरादाबाद की टीम के अधिकारियों ने लोहे से लदी दो गाड़ियों को पकड़ कर इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने अभी तक करीब तीन करोड़ का टर्नओवर किया है। इस मामले में उसकी लखनऊ और मुजफ्फरनगर सीजीएसटी से पंजीकृत फर्मों को निरस्त कराया गया है। अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर
सीटीओ
पूजा दीक्षित और पंकज मिश्रा ने मुरादाबाद हाईवे पर 23 अक्तूबर लोहे से लदीं दो गाड़ियों को पकड़ा था। दोनों गाड़ियां मुजफ्फरनगर जा रही थीं। इस मामले की अपर आयुक्त ग्रेड -2 आरए सेठ ने जांच की तो पता चला कि एके इंटरप्राइजेज के मालिक अंकित कुमार ने लखनऊ के रहने वाले प्रवीण कुमार के कागजात को चुराकर उनके मकान के पते पर 60 फर्मों का सीजीएसटी में पंजीकृत कराया है। इस मामले में अपर आयुक्त ने लखनऊ और मुजफ्फरनगर के सीजीएसटी के अपर आयुक्त को पत्र भेजकर एके इंटरप्राइजेज के नाम पर पंजीकृत फर्मों को निरस्त करने का अनुरोध किया। इसके बाद सीजीएसटी के अधिकारियों ने फर्जीवाड़े में लिप्त कारोबारी की फर्मों का पंजीयन निरस्त किया है। प्रवीण कुमार का कहना है कि उन्होंने अपना आवास किसी को कारोबार के लिए नहीं दिया था। प्राथमिक जांच में आया है कि लोहे के कारोबारी ने 2.81 करोड़ का टर्नओवर किया है। इस प्रकार उसने 50.73 लाख की जीएसटी चोरी की है। पता चला है कि सीजीएसटी के अधिकारियों ने कागजात का सत्यापन किए बगैर पंजीयन कर दिया था। इसी कारण लोहे का कारोबारी फर्जीवाड़ा करने में सफल हो गया।
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लकड़ी कारोबारियों ने भी फर्जीवाड़ा कर 1300 करोड़ का किया था टर्नओवर
95 फर्मों का पंजीकरण निरस्त
मुरादाबाद। लकड़ी कारोबारियों ने भी सीजीएसटी में फर्जी ढंग से पंजीयन कराकर 1300 करोड़ का टर्नओवर किया था। इस मामले में राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड -1 और ग्रेड -2 ने जांच कर प्रदेश के बड़े फर्जीवाड़े का फंडाफोड़ किया था। इस मामले में अभी तक 95 फर्मों का पंजीकरण निरस्त किया गया है।
राज्य कर अधिकारियों की जांच में आया कि सीजीएसटी के अधिकारियों ने फेसलेस योजना के तहत रामपुर और मुरादाबाद के लकड़ी कारोबारियों की फर्मों का फर्जी कागजात के आधार पर पंजीयन कर लिया। इसके बाद धीरे-धीरे लकड़ी कारोबारियों ने करोड़ों की जीएसटी चोरी कर ली। इस मामले में अपर आयुक्त ग्रेड -1 अशोक कुमार सिंह ने लकड़ी कारोबारियों के खिलाफ जुलाई से अभियान शुरू किया। जांच में पाया गया कि मंडल की 128 बोगस फर्मों के माध्यम से लकड़ी की खरीद बिक्री की गई है। इन फर्मों ने 1300 करोड़ का टर्न ओवर किया। आशंका जताई गई कि बोगस फर्मों के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई है। इस मामले में राज्य कर विभाग की रिपोर्ट पर सीजीएसटी ने 95 फर्मों का पंजीयन निरस्त किया।
जांच अधिकारियों ने पाया कि मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा और रामपुर से शुरू हुई लकड़ी की बोगस फर्मों ने अमरोहा, संभल और बिजनौर तक खरीद फरोख्त की है। इनके तार उत्तराखंड से जुड़े हैं। सरकार से पैसे हड़पने के लिए कारोबारियों ने नई-नई तरकीबें अपनाई हैं। इसी कारण काफी संख्या में कारोबारियों के रिफंड भी रोके गए।




बोगस फर्मों से जुड़े लोगों की सूची शासन को भेजी

राज्य कर विभाग ने बोगस फर्माें से जुड़े 12 लोगों की सूची तैयार की है। इस मामले में गोपनीय सूची पुलिस को सौंपी जाएगी ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। राज्य कर विभाग ने इस मामले में कोतवाली सहित तीन थानों में केस दर्ज कराया है।

राज्य कर के अधिकारियों की जांच में आया है कि लकड़ी की एक फर्म ने कोतवाली क्षेत्र का पता देकर पांच करोड़ का टर्नओवर किया है। जांच में कोतवाली क्षेत्र का पता फर्जी निकला। राज्य कर अधिकारियों ने मंडल में बोगस फर्मों के माध्यम से जीएसटी चोरी में लगे लोगों की तलाश तेज कर दी है। राज्य कर विभाग की जांच में 12 संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं जो काफी समय से जीएसटी चोरी कर रहे थे। सूची को राज्य कर विभाग पुलिस से शेयर करेगा। पुलिस जांच कर इसी आधार पर कार्रवाई करेगी।
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