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मुरादाबाद: सप्लाई टूटने से बाजार में दवाओं का संकट
Tue, 24 Mar 2020 12:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2020 12:00 AM IST
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मेडिकल स्टोर पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन होने से दवाओं की सप्लाई चेन टूटने से बाजार में संकट खड़ा हो गया है। सोमवार को मेडिकल स्टोर खुलते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सैनिटाइजर, मास्क और ग्लब्ज के साथ कई दवाओं स्टॉक ही खत्म हो गया। बाजार में करीब 15 दिनों की दवाओं का स्टॉक है। लोगों की भीड़ ऐसे ही उमड़ी तो एक सप्ताह में ही मेडिकल स्टोर खाली हो जाएंगे।
जिले में तीन हजार मेडिकल स्टोर हैं। प्रतिदिन चार करोड़ रुपये की दवाओं की खपत होती है। इनमें करीब दो करोड़ रुपये की दवाएं शहरी क्षेत्र में बिकती हैं। मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष साहित्य प्रकाश रस्तोगी के मुताबिक मुरादाबाद में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और हिमाचल से मुख्य सप्लाई होती है। पिछले कुछ दिनों से सप्लाई चेन टूटी है। जनता कर्फ्यू से पूरा सिस्टम ही ठप हो गया है।
साहित्य रस्तोगी के मुताबिक सोमवार को मेडिकल स्टोर खुलते ही लोगों की भीड़ उमड़ गई। हालांकि, 70 फीसदी स्टोर ही खुल सके। होलसेल दुकानों में कर्मचारी नहीं आ सके। दुकानों में भीड़ उमड़ने से ग्जब्ज, मास्क और सैनिटाइजर खत्म हो गए। लोगों ने बुखार, गले के संक्रमण, पेट दर्द जैसी दवाएं खरीद ली। जिन लोगों का ब्लड प्रेसर, शुगर, थाइराइड समेत अन्य बीमारियों के नियमित दवाएं चलती हैं उन्होंने एकसाथ दवाएं खरीद ली हैं। इससे कई स्टोर खाली हो गए।
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जिले में तीन हजार मेडिकल स्टोर हैं। प्रतिदिन चार करोड़ रुपये की दवाओं की खपत होती है। इनमें करीब दो करोड़ रुपये की दवाएं शहरी क्षेत्र में बिकती हैं। मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष साहित्य प्रकाश रस्तोगी के मुताबिक मुरादाबाद में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और हिमाचल से मुख्य सप्लाई होती है। पिछले कुछ दिनों से सप्लाई चेन टूटी है। जनता कर्फ्यू से पूरा सिस्टम ही ठप हो गया है।
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साहित्य रस्तोगी के मुताबिक सोमवार को मेडिकल स्टोर खुलते ही लोगों की भीड़ उमड़ गई। हालांकि, 70 फीसदी स्टोर ही खुल सके। होलसेल दुकानों में कर्मचारी नहीं आ सके। दुकानों में भीड़ उमड़ने से ग्जब्ज, मास्क और सैनिटाइजर खत्म हो गए। लोगों ने बुखार, गले के संक्रमण, पेट दर्द जैसी दवाएं खरीद ली। जिन लोगों का ब्लड प्रेसर, शुगर, थाइराइड समेत अन्य बीमारियों के नियमित दवाएं चलती हैं उन्होंने एकसाथ दवाएं खरीद ली हैं। इससे कई स्टोर खाली हो गए।
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कई मेडिकल स्टोर पर बुलवानी पड़ी पुलिस
दवा दुकानों पर भीड़ उमड़ने से स्टोर संचालकों को जूझना पड़ा। एकमुश्त दवाएं खरीदने की लाइन लगने से कई जगहों पर धक्का मुक्की भी हुई। जिलाध्यक्ष साहित्य प्रकाश रस्तोगी ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालकों की शिकायत पर कई स्टोरों पर पुलिस भेजनी पड़ी। पुलिस ने बमुश्किल भीड़ को काबू किया।
15 दिन का दवाओं का स्टाक
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि 80 फीसदी दवाओं का कच्चा माल चायना से आता है। कच्चा माल की सप्लाई बंद होने से कंपनियों में उत्पादन कम हो गया है। पिछले कुछ दिनों से सप्लाई चेन टूट गई है। मुरादाबाद में 15 दिन की दवाओं का स्टॉक है। सोमवार को कई दवाएं बाजार से गायब हो गई हैं।
सैनिटाइजर की कीमत तय होने से खींचे हाथ
सरकार ने सैनिटाइजर और मास्क की कीमत निर्धारित कर दी है। 200 एमएल के सैनिटाइजर का 100 रुपये और मास्क का आठ रुपये तय कर दिया है। इससे अधिक कीमत पर बेचने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक के मुताबिक कंपनियों ने तैयार माल की सप्लाई बंद कर दी है।