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केस से जुड़े अफसरों होंगे भी सवाल जवाब
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Sat, 07 Nov 2015 02:26 AM IST
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डेढ़ साल पहले जिगर कालोनी में जिला अस्पताल की सेवानिवृत्त सीएमएस डा. शैली मेहरोत्रा व उनके तीन परिजनों की नृशंस हत्या के राजफाश को लगाई गई यूपी एसटीएफ की उच्चस्तरीय टीम चार दिन छानबीन करने के बाद वापस लौट गई है।
एसपी एसटीएफ रशीद खान के नेतृत्व वाली इस टीम ने चार दिन में मौका ए वारदात के निरीक्षण से लेकर इस केस से जुड़े तमाम लोगों से बात की। एसटीएफ इस केस के अब तक सभी विवेचकों और केस से जुड़े रहे पुलिस अधिकारियों से भी सवाल जवाब करेगी।
फिलहाल एसटीएफ के हाथ कोई ऐसी ठोस चीज नहीं लगी है जिससे इस बहुचर्चित हत्याकांड के खुलासे की उम्मीद जगती हो। करीब डेढ़ साल पहले ऐन लोकसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन सिविल लाइंस के जिगर कालोनी में सेवानिवृत्त सीएमएस डा. शैली मेहरोत्रा, उनके पति डा. ओम मेहरोत्रा, ननद डा. रश्मि मेहरा व पांच वर्ष की मासूम पोती दिव्यांशी उर्फ गिन्नी की घर के भीतर ही नृशंसता से हत्या कर दी गई थी।
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तमाम विवेचक बदले जाने के बाद पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस के नाकाम रहने पर छह माह पहले एसटीएफ को लगाया गया था लेकिन एसटीएफ भी केस नहीं खोल सकी। इसके बाद एसटीएफ के एसपी रशीद खान को इस केस के खुलासे का जिम्मा सौंपा गया।
जिन्होंने चार दिन तक अपनी टीम के साथ मुरादाबाद में डेरा डालकर इस केस की पड़ताल की। फिलहाल यह टीम लौट गई है लेकिन टीम इसी सप्ताह फिर से मुरादाबाद आएगी।
- जिगर कालोनी में जिला अस्पताल की सेवानिवृत्त सीएमएस डा. शैली मेहरोत्रा और उनके तीन अन्य परिजनों की नृशंस हत्या के मामले में एसटीएफ की टीम शुरुआती पड़ताल करने आई थी। छानबीन करने और घटनास्थल को देखने के बाद टीम वापस लौट गई है। यह टीम बहुत जल्द दोबारा से यहां आकर इस केस पर गहराई से काम करेगी।
- ओंकार सिंह, डीआईजी।
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एसपी एसटीएफ रशीद खान के नेतृत्व वाली इस टीम ने चार दिन में मौका ए वारदात के निरीक्षण से लेकर इस केस से जुड़े तमाम लोगों से बात की। एसटीएफ इस केस के अब तक सभी विवेचकों और केस से जुड़े रहे पुलिस अधिकारियों से भी सवाल जवाब करेगी।
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फिलहाल एसटीएफ के हाथ कोई ऐसी ठोस चीज नहीं लगी है जिससे इस बहुचर्चित हत्याकांड के खुलासे की उम्मीद जगती हो। करीब डेढ़ साल पहले ऐन लोकसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन सिविल लाइंस के जिगर कालोनी में सेवानिवृत्त सीएमएस डा. शैली मेहरोत्रा, उनके पति डा. ओम मेहरोत्रा, ननद डा. रश्मि मेहरा व पांच वर्ष की मासूम पोती दिव्यांशी उर्फ गिन्नी की घर के भीतर ही नृशंसता से हत्या कर दी गई थी।
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तमाम विवेचक बदले जाने के बाद पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस के नाकाम रहने पर छह माह पहले एसटीएफ को लगाया गया था लेकिन एसटीएफ भी केस नहीं खोल सकी। इसके बाद एसटीएफ के एसपी रशीद खान को इस केस के खुलासे का जिम्मा सौंपा गया।
जिन्होंने चार दिन तक अपनी टीम के साथ मुरादाबाद में डेरा डालकर इस केस की पड़ताल की। फिलहाल यह टीम लौट गई है लेकिन टीम इसी सप्ताह फिर से मुरादाबाद आएगी।
- जिगर कालोनी में जिला अस्पताल की सेवानिवृत्त सीएमएस डा. शैली मेहरोत्रा और उनके तीन अन्य परिजनों की नृशंस हत्या के मामले में एसटीएफ की टीम शुरुआती पड़ताल करने आई थी। छानबीन करने और घटनास्थल को देखने के बाद टीम वापस लौट गई है। यह टीम बहुत जल्द दोबारा से यहां आकर इस केस पर गहराई से काम करेगी।
- ओंकार सिंह, डीआईजी।