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गोमाता और महिलाओं की तरफ आंख उठाई तो खैर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 22 May 2017 02:08 AM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को हिदायत दी है कि गोकशी और महिलाओं से छेड़खानी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि गोमात की हत्या होती है और छेड़खानी हुई तो संबंधित जिले के कलक्टर और कप्तान जिम्मेदार होंगे।
सीएम ने कहा कि अफसर जिलों में नहीं सुनते इसलिए हर रोज छह से सात हजार फरियादी गुहार लेकर उनके पास लखनऊ पहुंच रहे हैं। सुनवाई जिले में ही होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सर्किट हाउस में मंडल की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि थाना और तहसील दिवस को मजबूत बनाया जाए। अभी भी पांच से छह हजार फरियादी लखनऊ पहुंच रहे हैं। एफआईआर दर्ज कर पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाए। थानों और डायल 100 के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
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सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अधिकारी जन शिकायतें सुने। अधिकारी दफ्तरों से निकलकर बाजार में जाएं और पैदल गश्त करें। सीएम ने हिदायत दी कि अधिकारियों के सीयूजी नंबर हर हार में खुले रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भू व खनन माफिया चिन्हित कर कार्रवाई करें।
किसी भी मामले में चार्जशीट लंबित न रहे। कमिश्नर और डीआईजी जेलों की विजिट करे। जेलोें में जैमर लगाएं। वहां मोबाइल का प्रयोग नहीं होना चाहिए। जेलों को अपराध का अड्ढा न बनने दें। अतिक्रमण हटाकर फड़ वालों का पंजीकरण किया जाए।
पंजीकृत ठेले वालोें को रोजगार देकर मजबूत बनाया जाए। बैठक में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान, प्रभारी मंत्री डा. महेंद्र सिंह, राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह, राज्य मंत्री गुलाबो देवी, राज्य मंत्री बल्देव सिंह औलख, संभल सांसद सत्यपाल सैनी, सांसद कंवर सिंह तंवर, डा. नैपाल सिंह, सांसद डा. यशवंत, शहर विधायक रितेश गुप्ता, मेयर विनोद अग्रवाल समेत मंडल के सभी जनप्रतिनिधि और अफसर मौजूद थे।
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सीएम ने कहा कि अफसर जिलों में नहीं सुनते इसलिए हर रोज छह से सात हजार फरियादी गुहार लेकर उनके पास लखनऊ पहुंच रहे हैं। सुनवाई जिले में ही होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सर्किट हाउस में मंडल की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की।
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उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि थाना और तहसील दिवस को मजबूत बनाया जाए। अभी भी पांच से छह हजार फरियादी लखनऊ पहुंच रहे हैं। एफआईआर दर्ज कर पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाए। थानों और डायल 100 के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
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सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अधिकारी जन शिकायतें सुने। अधिकारी दफ्तरों से निकलकर बाजार में जाएं और पैदल गश्त करें। सीएम ने हिदायत दी कि अधिकारियों के सीयूजी नंबर हर हार में खुले रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भू व खनन माफिया चिन्हित कर कार्रवाई करें।
किसी भी मामले में चार्जशीट लंबित न रहे। कमिश्नर और डीआईजी जेलों की विजिट करे। जेलोें में जैमर लगाएं। वहां मोबाइल का प्रयोग नहीं होना चाहिए। जेलों को अपराध का अड्ढा न बनने दें। अतिक्रमण हटाकर फड़ वालों का पंजीकरण किया जाए।
पंजीकृत ठेले वालोें को रोजगार देकर मजबूत बनाया जाए। बैठक में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान, प्रभारी मंत्री डा. महेंद्र सिंह, राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह, राज्य मंत्री गुलाबो देवी, राज्य मंत्री बल्देव सिंह औलख, संभल सांसद सत्यपाल सैनी, सांसद कंवर सिंह तंवर, डा. नैपाल सिंह, सांसद डा. यशवंत, शहर विधायक रितेश गुप्ता, मेयर विनोद अग्रवाल समेत मंडल के सभी जनप्रतिनिधि और अफसर मौजूद थे।