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डीएसपी को तलाक दे प्रेमी संग जाने वाली थी डॉली
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मुरादाबाद। डिप्टी एसपी राम प्रकाश आर्य ने अपनी पत्नी के प्रेमी विशाल विलियम्स की हत्या यूं ही नहीं कराई थी। बल्कि उसे डर सता रहा था कि उसकी पत्नी डॉली उसे तलाक देकर अपने प्रेमी के साथ घर बसा सकती है। ऐसी सूरत में डिप्टी एसपी के हाथ से करोड़ों रुपये की वो संपत्ति भी निकल जाती जिसे उसने उत्तराखंड के रुद्रपुर, हल्द्वानी और पिथौरागढ़ जिले में पत्नी के नाम से जुटाया था। माना जा रहा है कि यह रकम डीएसपी ने काली कमाई के जरिए जुटाई थी।
सिविल लाइंस में पटेल नगर निवासी विशाल विलियम्स को अपने पिता विलियम्स मैसी की जगह मृतक आश्रित कोटे में रेलवे में नौकरी मिली थी। वर्ष 2014 से ही वह राम प्रकाश आर्य की पत्नी डॉली के संपर्क में आ गया था। रामप्रकाश आर्य उन दिनों इंपेक्टर था। 2015 में नवीं वाहिनी पीएसी में विशाल पर हमला भी हुआ था। जिसमें उसने कोर्ट की मदद से इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। इसके बाद राम प्रकाश आर्य का तबादला बरेली हुआ तो विशाल ने वहां भी डॉली से मिलना जुलना बंद नहीं किया। इंस्पेक्टर राम प्रकाश आर्य ने तब उसे बरेली में भी थाने में बंद कराया था। बाद में रामप्रकाश डिप्टी एसपी बन गया और मेरठ पीएसी में तैनात हो गया। उसने अपने दोनों बच्चों को रुद्रपुर में रख रखा था। जबकि पत्नी को मेरठ मे अपने साथ रखता था। डॉली जब भी रुद्रपुर बच्चों के पास जाती थी तो विशाल विलियम्स उससे मिलने पहुंचता था। पत्नी पर कड़ी निगरानी के लिए डीएसपी ने अपने भतीजे रामनरेश को उसके साथ छोड़ दिया था। शिकंजा कसता देख डॉली ने प्लान बनाया था कि वह डीएसपी को तलाक देकर विशाल विलियम्स के साथ शादी कर लेगी। इससे डीएसपी बौखला गया था। क्योंकि डॉली के नाम पर उसने उत्तराखंड में कई करोड़ रुपये की संपत्ति खरीद रखी थी। उसने विशाल विलियम्स को मारने की साजिश अपने भतीजे रामनरेश के साथ मिलकर रची। दो शूटरों को रकम दे दी गई। डॉली को इसकी भनक लगी तो उसने विशाल को फोन करके कहा कि था कि, मेरे जेठ का बेटा रामनरेश तुम्हें ठिकाने लगाने की फिराक में है। लेकिन इसके बाद डॉली का फोन छीन लिया गया। एक फरवरी 2017 को डीएसपी के बुक किए शूटरों ने रेलवे स्टेशन परिसर में कैंटीन के पास दिनदहाड़े विशाल विलियम्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दो शूटरों को घटना के आठ दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। बाद में डीएसपी भी सरेंडर करके जेल चला गया था।
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सिविल लाइंस में पटेल नगर निवासी विशाल विलियम्स को अपने पिता विलियम्स मैसी की जगह मृतक आश्रित कोटे में रेलवे में नौकरी मिली थी। वर्ष 2014 से ही वह राम प्रकाश आर्य की पत्नी डॉली के संपर्क में आ गया था। रामप्रकाश आर्य उन दिनों इंपेक्टर था। 2015 में नवीं वाहिनी पीएसी में विशाल पर हमला भी हुआ था। जिसमें उसने कोर्ट की मदद से इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। इसके बाद राम प्रकाश आर्य का तबादला बरेली हुआ तो विशाल ने वहां भी डॉली से मिलना जुलना बंद नहीं किया। इंस्पेक्टर राम प्रकाश आर्य ने तब उसे बरेली में भी थाने में बंद कराया था। बाद में रामप्रकाश डिप्टी एसपी बन गया और मेरठ पीएसी में तैनात हो गया। उसने अपने दोनों बच्चों को रुद्रपुर में रख रखा था। जबकि पत्नी को मेरठ मे अपने साथ रखता था। डॉली जब भी रुद्रपुर बच्चों के पास जाती थी तो विशाल विलियम्स उससे मिलने पहुंचता था। पत्नी पर कड़ी निगरानी के लिए डीएसपी ने अपने भतीजे रामनरेश को उसके साथ छोड़ दिया था। शिकंजा कसता देख डॉली ने प्लान बनाया था कि वह डीएसपी को तलाक देकर विशाल विलियम्स के साथ शादी कर लेगी। इससे डीएसपी बौखला गया था। क्योंकि डॉली के नाम पर उसने उत्तराखंड में कई करोड़ रुपये की संपत्ति खरीद रखी थी। उसने विशाल विलियम्स को मारने की साजिश अपने भतीजे रामनरेश के साथ मिलकर रची। दो शूटरों को रकम दे दी गई। डॉली को इसकी भनक लगी तो उसने विशाल को फोन करके कहा कि था कि, मेरे जेठ का बेटा रामनरेश तुम्हें ठिकाने लगाने की फिराक में है। लेकिन इसके बाद डॉली का फोन छीन लिया गया। एक फरवरी 2017 को डीएसपी के बुक किए शूटरों ने रेलवे स्टेशन परिसर में कैंटीन के पास दिनदहाड़े विशाल विलियम्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दो शूटरों को घटना के आठ दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। बाद में डीएसपी भी सरेंडर करके जेल चला गया था।
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