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बच्चों को तालाबों और नदियों के किनारे अकेले न छोड़ें : डीएम
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मुरादाबाद। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए डीएम ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों को नदियों और तालाबों के किनारे अकेले न छोड़ें।
डीएम अनुज सिंह ने बताया कि बाढ़ के दौरान नदी, नहर, कुआं, तालाब, गहरे गड्ढे, झील, पोखरों आदि जलाशयों में स्नान करने, जानवर नहलाने या कपड़े धोने जैसे दैनिक कार्य लोग करते हैं। अनजाने में बच्चों, किशोर-किशोरियों तथा वयस्क व्यक्तियों की डूबने से मृत्यु हो जाती है। अभिभावकों को बच्चों को नदियों और तालाबों में नहाने के लिए अकेले नहीं छोड़ना चाहिए। स्नान करने के लिए जाते समय साथ में 10-15 मीटर लंबी रस्सी या धोती या साड़ी अवश्य रखना चाहिए। तैराकी सीखने के लिए अकेले पानी में न जाएं। किसी कुशल प्रशिक्षक या तैराक की देखरेख में ही तैराकी सीखें। तैरने या पानी में स्नान करते समय स्टंट न करें। डूबने वाली की मदद के लिए बांस का टुकड़ा, रस्सी, कोई लंबा कपड़े का इस्तेमाल करें।
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डीएम अनुज सिंह ने बताया कि बाढ़ के दौरान नदी, नहर, कुआं, तालाब, गहरे गड्ढे, झील, पोखरों आदि जलाशयों में स्नान करने, जानवर नहलाने या कपड़े धोने जैसे दैनिक कार्य लोग करते हैं। अनजाने में बच्चों, किशोर-किशोरियों तथा वयस्क व्यक्तियों की डूबने से मृत्यु हो जाती है। अभिभावकों को बच्चों को नदियों और तालाबों में नहाने के लिए अकेले नहीं छोड़ना चाहिए। स्नान करने के लिए जाते समय साथ में 10-15 मीटर लंबी रस्सी या धोती या साड़ी अवश्य रखना चाहिए। तैराकी सीखने के लिए अकेले पानी में न जाएं। किसी कुशल प्रशिक्षक या तैराक की देखरेख में ही तैराकी सीखें। तैरने या पानी में स्नान करते समय स्टंट न करें। डूबने वाली की मदद के लिए बांस का टुकड़ा, रस्सी, कोई लंबा कपड़े का इस्तेमाल करें।
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