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शहर में दीपावली की धूम, रंगीन लाइटों से जगमगाए मकान,दुकान, दफ्तर
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मुरादाबाद। कोरोना काल के बाद आई यह दीपावली नया उत्साह लेकर आई है। हर कोई इस इंतजार में है कि कोरोना से छाया कुहासा छंटे और खुशियों का दीप फिर से जगमगाए। इसी प्रार्थना के साथ इस बार दीपावली में हर कोई जुटा हुआ है। पिछले एक साल में कोरोना से अपनों को खो चुके लोग इस बार उनकी यादों के साथ इस दीपावली में दीये जलाकर अपने घरों को रोशन करेंगे। बाजार भी कमरतोड़ मंदी से उबरा है। बुधवार को दीपावली की पूर्व संध्या पर शहर रंग बिरंगी रोशनी में नहाया दिखा। मकान, प्रतिष्ठान, कार्यालय सभी रोशनी में सराबोर थे।
आज घरों और प्रतिष्ठानों ने दीपावली की पूजा की जाएगी। व्यापारिक प्रतिष्ठानोें और घरों के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है। अमावस्या तिथि चार नवंबर की भोर में 5.57 बजे से आरंभ होकर रात में 02.27 बजे तक रहेगी। अमावस्या पर प्रदोष काल में अति उत्तम योग मिल रहा है। सुबह 8.12 बजे तक चित्रा नक्षत्र, जबकि रात तक स्वाति नक्षत्र रहेगा। वहीं दिन में 12.42 बजे तक प्रीति योग, फिर आयुष्मान योग रहेगा। गृहस्थों के लिए प्रदोष काल में शाम 5.52 से रात 7.49 बजे तक पूजन सर्वश्रेष्ठ बताया जा रहा है। जबकि तांत्रिकों के लिए मध्यरात्रि स्थिर लग्न में महानिशीथ काल में 12.20 बजे से 2.36 बजे के बीच सर्वोत्तम मुहूर्त है।
औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए शुभ मुहूर्त
स्थिर कुंभ लग्न में चौघड़िया के साथ पूजन : दिन में 1.14 बजे से 2.46 बजे तक
प्रदोष काल स्थिर वृष लग्न में चौघड़िया संग पूजन : शाम 5.52 बजे से 7.49 बजे तक दूसरी स्थिर सिंह लग्न में चौघड़िया के साथ पूजन : रात 11.49 से 1.30 बजे तक
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आज घरों और प्रतिष्ठानों ने दीपावली की पूजा की जाएगी। व्यापारिक प्रतिष्ठानोें और घरों के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है। अमावस्या तिथि चार नवंबर की भोर में 5.57 बजे से आरंभ होकर रात में 02.27 बजे तक रहेगी। अमावस्या पर प्रदोष काल में अति उत्तम योग मिल रहा है। सुबह 8.12 बजे तक चित्रा नक्षत्र, जबकि रात तक स्वाति नक्षत्र रहेगा। वहीं दिन में 12.42 बजे तक प्रीति योग, फिर आयुष्मान योग रहेगा। गृहस्थों के लिए प्रदोष काल में शाम 5.52 से रात 7.49 बजे तक पूजन सर्वश्रेष्ठ बताया जा रहा है। जबकि तांत्रिकों के लिए मध्यरात्रि स्थिर लग्न में महानिशीथ काल में 12.20 बजे से 2.36 बजे के बीच सर्वोत्तम मुहूर्त है।
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औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए शुभ मुहूर्त
स्थिर कुंभ लग्न में चौघड़िया के साथ पूजन : दिन में 1.14 बजे से 2.46 बजे तक
प्रदोष काल स्थिर वृष लग्न में चौघड़िया संग पूजन : शाम 5.52 बजे से 7.49 बजे तक दूसरी स्थिर सिंह लग्न में चौघड़िया के साथ पूजन : रात 11.49 से 1.30 बजे तक
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