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Moradabad News: रोजाना बस में धक्के खाने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, देव ने जीता गोल्ड

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 02:20 AM IST
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Dev remained undeterred despite being jostled on the bus daily, winning gold.
मुरादाबाद। कुछ कहानियां पसीने से लिखी जाती हैं और कुछ जज्बे से। रामपुर के टांडा तहसील के गांव कारखेड़ा के देव कुमार की कहानी दोनों से लिखी गई है। रोजाना घंटों बस में धक्के खाते हुए 30 किलोमीटर का सफर तय कर उन्होंने जो सपना देखा था वह अब सोने के रंग में ढल चुका है। प्रयागराज में हुई 69वीं प्रदेशीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में देव ने डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ अपने जिले का नाम रोशन किया बल्कि यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जितने मुश्किल हों मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
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देव कुमार किसान पिता सुंदर सिंह और मां कृष्णा देवी के बेटे हैं। घर की आर्थिक स्थिति सीमित है लेकिन सपनों की कोई सीमा नहीं। हर रोज शाम को वह अपने गांव टांडे खरकेड़ा से बस पकड़ते, करीब एक घंटे की यात्रा के बाद शहर के केजीके कॉलेज के एथलेटिक ट्रैक पर पहुंचते। शाम चार से रात नौ बजे तक अभ्यास करते और फिर लौटते वक्त जहां उन्हें बस उतारती वहां से पांच किलोमीटर का पैदल रास्ता तय कर अपने घर पहुंचते थे। कभी-कभी पिता मोटरसाइकिल से लेने आते ताकि बेटे की थकान थोड़ी कम हो सके। यही पिता अब गर्व से कहते हैं कि बेटे की मेहनत ने हमारे खेतों की मिट्टी को सोना बना दिया है।
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देव ने खेल की शुरुआत अपने स्कूल से की थी। तब कोच जयप्रकाश ने पहली बार उनके हाथ में डिस्कस दिया था। वहीं से खेल का बीज बोया गया। बाद में जब उन्होंने केजीके कॉलेज में दाखिला लिया तो कोच गौरव कश्यप ने उनकी प्रतिभा को निखारा। गौरव का कहना है कि 30 किलोमीटर की रोजाना यात्रा करके मैदान पर आना ही एक अजीब सी लगन है। वह कभी थकने की बात नहीं करता। बारिश हो, ठंड हो या गर्मी की तपती दोपहर, वह हमेशा मैदान पर पहुंच आता था। यह खेल का जुनून है जो उसे आगे लेकर जा रहा है।
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देव ने बताया कि यह उनका दूसरा स्टेट मेडल है। इससे पहले 2023 में उन्होंने लखनऊ में भी डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था। सिर्फ डिस्कस ही नहीं बल्कि जेवलिन थ्रो में भी वह जिला स्तर पर ब्रांज मेडल जीत चुके हैं। प्रयागराज में मेडल जीतने के बाद उन्होंने पुणे में होने वाली राष्ट्रीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

वर्तमान समय में देव हरियाणा स्थित साईं एकेडमी में कोच अरविंद कुमार से प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस सेंटर से कई अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स भी निकल चुके हैं। देव का सपना है कि वह एक दिन भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतें। उनका मानना है कि गांवों में छिपी प्रतिभा को बस सही मार्गदर्शन और अवसर मिल जाए तो भारत हर खेल में दुनिया का सिरमौर बन सकता है।
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