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जिला अस्पताल में फिर पहुंचे डेंगू संभावित दो मरीज
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मुरादाबाद। बुधवार रात झमाझम बारिश के बाद डेंगू एवं मलेरिया का खतरा बढ़ने के साथ गुरुवार को डेंगू संभावित दो मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। डेंगू संभावित दोनों ही मरीजों की प्लेटलेट्स 30 हजार हैं। प्लेटलेट्स लगातार गिरने से मरीजों का एनएस-1 और एलाइजा टेस्ट कराया गया है। टेस्ट रिपोर्ट होने के बाद ही डेंगू की पुष्टि हो पाएगी।
मुरादाबाद जिले में पिछले एक महीने से वायरल बुखार ने कहर बरपाया है। देहात क्षेत्रों में बुखार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार से अधिकतर लोग पीड़ित हैं। डेंगू और मलेरिया के मामले भी सामने आ चुके हैं। सितंबर माह में डेंगू के पांच रोगियों की पुष्टि हो चुकी है। गुरुवार को जिला अस्पताल में डेंगू संभावित दो मरीज भर्ती हुए हैं। एहतियातन मरीजों को अलग वार्ड में रखा गया है। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक मरीजों की प्लेटलेट्स 30 हजार है। दोनों मरीजों की एनएस-1 और एलाइजा टेस्ट कराया गया है। डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक रिपोर्ट आने से पहले अभी डेंगू की आशंका है।
बुधवार रात की बारिश से मौसम में ठंडक के साथ डेंगू, मलेरिया और बुखार के साथ सर्दी-जुकाम का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। मुरादाबाद में अधिकतर सड़कों पर गड्ढे बने हैं। घरों की छतों में फूल के गमलों, पुराने टायरों, बेकार सामान में पानी भर गया है। इनमें लार्वा पनपता है, जो कि मलेरिया और डेंगू का कारण बनता है। बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डा. प्रवीण शाह बताते हैं, आधी रात के बाद तापमान में गिरावट आने से पंखे और कूलर लोगों को बीमार कर सकते हैं। फ्रिज का पानी गला चोक कर सकता है। ठंड लगने से छाती में जकड़न और बुखार की शिकायत हो सकती है। डा. शाह बताते हैं, एहतियात बरतने की जरूरत है। खासकर, बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
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मुरादाबाद जिले में पिछले एक महीने से वायरल बुखार ने कहर बरपाया है। देहात क्षेत्रों में बुखार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार से अधिकतर लोग पीड़ित हैं। डेंगू और मलेरिया के मामले भी सामने आ चुके हैं। सितंबर माह में डेंगू के पांच रोगियों की पुष्टि हो चुकी है। गुरुवार को जिला अस्पताल में डेंगू संभावित दो मरीज भर्ती हुए हैं। एहतियातन मरीजों को अलग वार्ड में रखा गया है। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक मरीजों की प्लेटलेट्स 30 हजार है। दोनों मरीजों की एनएस-1 और एलाइजा टेस्ट कराया गया है। डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक रिपोर्ट आने से पहले अभी डेंगू की आशंका है।
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बुधवार रात की बारिश से मौसम में ठंडक के साथ डेंगू, मलेरिया और बुखार के साथ सर्दी-जुकाम का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। मुरादाबाद में अधिकतर सड़कों पर गड्ढे बने हैं। घरों की छतों में फूल के गमलों, पुराने टायरों, बेकार सामान में पानी भर गया है। इनमें लार्वा पनपता है, जो कि मलेरिया और डेंगू का कारण बनता है। बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डा. प्रवीण शाह बताते हैं, आधी रात के बाद तापमान में गिरावट आने से पंखे और कूलर लोगों को बीमार कर सकते हैं। फ्रिज का पानी गला चोक कर सकता है। ठंड लगने से छाती में जकड़न और बुखार की शिकायत हो सकती है। डा. शाह बताते हैं, एहतियात बरतने की जरूरत है। खासकर, बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
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