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Moradabad News: घट रहा तापमान... अस्पतालों में बढ़ रहे सांस, दिल के मरीज
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मुरादाबाद। लगातार गिरते तापमान ने जिले के अस्पतालों में सांस और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ा दी है। बुधवार को मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया, यह सामान्य से लगभग 4.3 डिग्री नीचे रहा। न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सीओपीडी और अस्थमा के 10-10 मामले पहुंचे। सामान्य दिनों में अस्थमा को तीन और सीओपीडी का एक मामला प्रतिदिन रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह-शाम ठंडी हवा और रात में कोहरे के कारण स्वास्थ्य पर असर बढ़ा है। बुधवार को मौसम में आर्द्रता 84 रही। नमी-भरे मौसम ने श्वसन तंत्र पर दबाव बढ़ाया है।
मौसम विभाग के सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 13 जनवरी के बीच सभी सुबह-शाम दिन में घना कोहरा या धुंध रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री और अधिकतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है, जिससे सुबह के समय कोहरे का प्रभाव बना रहेगा।
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ब्रोंकाइटिस, निमोनिया के हर दिन 100 मरीज
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह के मुताबिक सर्दी, खांसी और जुकाम के मामलों में औसतन 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ब्रोंकाइटिस, निमोनिया के लक्षण वाले मरीज कुछ हफ्ते पहले तक 20 से 50 रोजाना आते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 100 हो गई है। अस्थमा और सीओपीडी के पुराने रोगियों को समस्या होने लगी है। निमोनिया से भर्ती होने वालों की संख्या पहले औसतन पांच प्रतिदिन रहती थी। अब 10 से 15 मरीज हर दिन भर्ती हो रहे हैं। सांस लेने में कठिनाई वाले 10 से 15 मरीज रोजाना आ रहे हैं।
मेडिकल विशेषज्ञों का विश्लेषण
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राकेश कुमार कहते हैं कि घना कोहरा और ठंडी रातें शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करती हैं। इससे सामान्य सर्दी-खांसी के लक्षण गंभीर रूप ले सकते हैं। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे, अस्थमा, सीओपीडी व हृदय रोगियों के लिए खतरा अधिक है। पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अभिनव बनर्जी ने बताया कि कोहरे में हवा की गुणवत्ता खराब रहती है। धूल के कण और नमी मिलकर श्वसन पथ में सूजन बढ़ा रहे हैं। सांस लेने में कठिनाई और ब्रांकाइटिस के मामले ओपीडी में बढ़े हैं। डॉक्टरों की चेतावनी और सुझाव
✅डॉक्टरों की सलाह
- सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े, मास्क व शॉल का उपयोग करें।
✅- गुनगुना पानी, अदरक-काली मिर्च वाली चाय से गले को गर्म रखिए।
✅- कोहरे के समय व्यायाम व दौड़ लगाना कम करें।
✅- सांस की तकलीफ, बुखार, अधिक खांसी, छाती में दर्द जैसी स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सीओपीडी और अस्थमा के 10-10 मामले पहुंचे। सामान्य दिनों में अस्थमा को तीन और सीओपीडी का एक मामला प्रतिदिन रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह-शाम ठंडी हवा और रात में कोहरे के कारण स्वास्थ्य पर असर बढ़ा है। बुधवार को मौसम में आर्द्रता 84 रही। नमी-भरे मौसम ने श्वसन तंत्र पर दबाव बढ़ाया है।
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मौसम विभाग के सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 13 जनवरी के बीच सभी सुबह-शाम दिन में घना कोहरा या धुंध रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री और अधिकतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है, जिससे सुबह के समय कोहरे का प्रभाव बना रहेगा।
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ब्रोंकाइटिस, निमोनिया के हर दिन 100 मरीज
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह के मुताबिक सर्दी, खांसी और जुकाम के मामलों में औसतन 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ब्रोंकाइटिस, निमोनिया के लक्षण वाले मरीज कुछ हफ्ते पहले तक 20 से 50 रोजाना आते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 100 हो गई है। अस्थमा और सीओपीडी के पुराने रोगियों को समस्या होने लगी है। निमोनिया से भर्ती होने वालों की संख्या पहले औसतन पांच प्रतिदिन रहती थी। अब 10 से 15 मरीज हर दिन भर्ती हो रहे हैं। सांस लेने में कठिनाई वाले 10 से 15 मरीज रोजाना आ रहे हैं।
मेडिकल विशेषज्ञों का विश्लेषण
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राकेश कुमार कहते हैं कि घना कोहरा और ठंडी रातें शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करती हैं। इससे सामान्य सर्दी-खांसी के लक्षण गंभीर रूप ले सकते हैं। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे, अस्थमा, सीओपीडी व हृदय रोगियों के लिए खतरा अधिक है। पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अभिनव बनर्जी ने बताया कि कोहरे में हवा की गुणवत्ता खराब रहती है। धूल के कण और नमी मिलकर श्वसन पथ में सूजन बढ़ा रहे हैं। सांस लेने में कठिनाई और ब्रांकाइटिस के मामले ओपीडी में बढ़े हैं। डॉक्टरों की चेतावनी और सुझाव
✅डॉक्टरों की सलाह
- सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े, मास्क व शॉल का उपयोग करें।
✅- गुनगुना पानी, अदरक-काली मिर्च वाली चाय से गले को गर्म रखिए।
✅- कोहरे के समय व्यायाम व दौड़ लगाना कम करें।
✅- सांस की तकलीफ, बुखार, अधिक खांसी, छाती में दर्द जैसी स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें।