फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Daughters liked studying in colleges...gained lead in admissions

Moradabad News: बेटियों को भायी कॉलेजों में पढ़ाई...दाखिले में बढ़त बनाई

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Apr 2025 02:54 AM IST
विज्ञापन
Daughters liked studying in colleges...gained lead in admissions
मुरादाबाद। आठवीं, 10वीं, 12वीं के बाद बेटियों की पढ़ाई छूटना अब बीते जमाने की बात है। अब स्नातक, स्नातकोत्तर व उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बेटियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। शहर के तीन बड़े कॉलेजों में बेटियों का दबदबा है। जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय हिंदू कॉलेज में छात्रों से ज्यादा संख्या छात्राओं की है। वहीं केजीके कॉलेज में भी छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। एमएच कॉलेज में भी बड़ी संख्या में छात्राएं हैं।
विज्ञापन

मुरादाबाद शहर में पांच अशासकीय कॉलेज हैं। इसमें से तीन कॉलेज हिंदू कॉलेज, केजीके कॉलेज, एमएच कॉलेज को-एड हैं, जबकि दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय और गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज सिर्फ छात्राओं के हैं। प्राचार्यों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में दाखिलों का रुझान बदला है। अब कॉलेजों में दाखिला लेने में छात्राओं की दिलचस्पी अधिक है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों में भी छात्राओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

----------
स्वर्ण पदक पाने में बेटियां अव्वल
एमएच कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नरेंद्र सिंह का कहना है कि एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पिछले वर्षों में बेटियों ने अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। उर्दू विषय में हिना कौसर, सीमा सिद्दीकी, हिना जमाल, साजिया, इरम जहां प्रमुख हैं, तो वहीं चित्रकला में निशि, आस्था, दीपिका, नेहा और अंशु ने अपने कॉलेज और परिजनों का मान-सम्मान बढ़ाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------

कानून की छात्राओं की भी बढ़ी संख्या
केजीके कॉलेज में एलएलबी पाठ्यक्रम संचालित है। शिक्षकों का कहना है कि प्रति वर्ष एलएलबी प्रथम वर्ष में 330 सीटों पर दाखिला होता है। इसमें से 60 सीटों पर छात्राओं का आरक्षण है। ईडब्ल्यूएस कोटा से में भी दस छात्राओं का दाखिला हो जाता है। इसके अलावा ओपन रैंक में भी 35 से 40 छात्राओं का दाखिला होता है। ऐसे में छात्राओं की संख्या सौ से अधिक हो जाती है। पिछले वर्षों में दाखिला लेने वालों में छात्राओं की संख्या बढ़ी है। क्लास में उपस्थिति में भी छात्राओं की संख्या अधिक रहती है।
-------


वर्ष हिंदू कॉलेज एमएच कॉलेज केजीके कॉलेज
छात्र छात्राएं छात्र छात्राएं छात्र छात्राएं
2020 5153 6737 --- ---- 2384 2059
2021 5292 6870 108 268 2371 2055
2022 4877 6910 90 255 2608 2225
2023 4470 6482 85 280 2488 2574
2024 4404 6338 79 245 2034 2013
-------------
वर्जन...
नारी शिक्षा के प्रति जागरूकता का यह सकारात्मक प्रभाव है। शिक्षा के माध्यम से बेटियां निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं। ज्यादातर परिणामों में अग्रणी स्थान हासिल कर रही हैं। ज्यादातर विषयों में छात्रों की तुलना में बेहतर हैं। सरकार की ओर से मिल रहे प्रोत्साहन का भी प्रभाव है। इसके अलावा माता-पिता भी बेटियों को न सिर्फ पढ़ाना चाहते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। - प्रो. सत्यव्रत सिंह रावत, प्राचार्य, हिंदू कॉलेज
-----------

कानून की पढ़ाई की ओर भी छात्राएं रुख कर रही हैं। छात्रों की अपेक्षा छात्राओं को बाहर निकलने के कम अवसर मिलते हैं, इसके बावजूद छात्राएं बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों और खेलों में भी बेहतर हैं। छात्राएं कड़ी मेहनत कर समाज में खुद को स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं। छात्राओं की कक्षाओं में उपस्थिति और कॉलेज में उनका अनुशासन बहुत बढि़या है। छात्रों की अपेक्षा छात्राएं शिक्षकों का भी अधिक सम्मान करती हैं। - प्राे. सुनील चौधरी, प्राचार्य, केजीके कॉलेज

---------------


मेरे कॅरिअर में पढ़े हुए विद्यार्थियों में से करीब दो सौ विद्यार्थी विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। इनमें से करीब सौ छात्राएं हैं। ऐसे में सिर्फ दाखिला ही नहीं, बल्कि कॅरिअर के लिहाज से भी छात्राएं आगे बढ़ी हैं। हमारे कॉलेज में छात्राओं की संख्या बढ़ने की वजह है कि अभिभावक यहां पर माहौल को छात्राओं के अनुकूल पाते हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल पाने वालों में भी छात्राओं का ही नाम है। - प्रो. नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, एमएच कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed