{"_id":"664456623cce786ca401604e","slug":"cyber-fraud-money-was-transferred-from-a-brass-businessman-by-posing-as-an-army-officer-2024-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर ठगी: आर्मी अफसर बन पीतल कारोबारी से ट्रांसफर करा ली रकम, शातिर ने चली थी यह चाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर ठगी: आर्मी अफसर बन पीतल कारोबारी से ट्रांसफर करा ली रकम, शातिर ने चली थी यह चाल
Wed, 15 May 2024 12:00 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: विमल शर्मा
Updated Wed, 15 May 2024 12:00 PM IST
सार
मुरादाबाद के कारोबारी से ठग ने ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करा ली। इसके बाद जब दोबारा पैसे देने को कहा तो कारोबारी को शक हो गया। उसने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
विज्ञापन
साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर ठग ने खुद को आर्मी अफसर बताकर कारोबारी से पीतल के आइटम खरीदने का झांसा देकर 3900 रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद ठग ने 30 हजार रुपये और ट्रांसफर करने को कहा तो पीड़ित को शक हो गया।
विज्ञापन
उन्होंने इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मझोला के बैंक कॉलोनी खुशहालपुर निवासी सतेंद्र शर्मा का एक्सपोर्ट आइटम बनाने का कारोबार है। उन्होंने बताया कि तीन जनवरी 2024 को उनके मोबाइल पर आदित्य नाम के व्यक्ति ने मैसेज के जरिए 500 पीस पीतल के नग खरीदने का ऑर्डर दिया था।
विज्ञापन
आरोपी ने सैंपल दिखाने के लिए 23वीं पीएसी तिराहे के पास बुलाया था। सतेंद्र शर्मा सैंपल लेकर वहां पहुंचे तो ठग ने बताया कि वह आर्मी ऑफिसर है। आपको गेट के अंदर आने के लिए गेट पास बनवाना होगा। आरोपी ठग ने पेन कार्ड और आधार कार्ड व्हाट्सएप पर मंगवा लिया था।
विज्ञापन
इसी बीच आरोपी ने कॉल ट्रांसफर कर दी। इसी बीच उससे कहा गया कि आपको पास बनवाने के लिए 3900 रुपये भेजने होंगे। पीड़ित ने 3900 रुपये भेज दिए। इसके बाद ठग ने तीस हजार रुपये और मांगने लगा। तब सतेंद्र शर्मा को शक हो गया कि रकम मांगने वाला कोई आर्मी अफसर नहीं है, बल्कि साइबर ठग है।
सतेंद्र ने रकम भेजने से इनका कर दिया। उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी को ठग धमकाने लगा। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से ठग के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।