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साइबर ठगी: लोन की रकम उड़ा रहे हैकर, किस्त चुका रहे पीड़ित, इस तरह लगा रहे लोगों को चूना

Sat, 25 May 2024 05:36 PM IST
विमल शर्मा जितेंद्र कुमार, मुरादाबाद
जितेंद्र कुमार, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 25 May 2024 05:36 PM IST
सार

साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए नया तरीका अपना लिया है। अब वह बैंक अधिकारी बता लोगों के पेन कार्ड, आधार और सैलरी स्लिप के अलावा खाते के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर वह लोन ले रहे हैं। इसका भुगतान पीड़ितों को करना पड़ रहा है। 

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Cyber Fraud: Hackers embezzling loan amount, victims are paying installments, defrauding people this way
साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराधी लोगों को ठगने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। बैंकों ने ऑनलाइन लोन देने की सुविधा शुरू की तो साइबर अपराधियों ने  इसे भी हथियार बना लिया। साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनके पेन कार्ड, आधार कार्ड और सैलरी स्लिप के अलावा बैंक एकाउंट का स्टेटमेंट हासिल कर रहे हैं।

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इसके बाद ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन देते हैं। लोन की रकम अपने खातों में मंगवा रहे हैं। मुरादाबाद में भी कई लोग साइबर अपराधियों के झांसे में आकर अपने दस्तावेज दे चुके हैं। जिनके नाम पर लोन जारी हुए हैं, अब लोन की किस्त हर माह इनके खाते से कट रहे हैं। पीड़ित पुलिस अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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निर्यात फर्म में नौकरी करने वालों को ठगी
मझोला के लाइन पार निवासी विजय सिंह निर्यात फर्म में नौकरी करते हैं। उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। जिसमें लिखा था कि कम ब्याज पर लोन प्राप्त करें। उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल की। कॉल करने वाले ने खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया था। ठग ने कहा था कि उन्हें पेन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज देने होंगे।

उन्होंने आरोपी के बताए नंबर पर अपने सभी दस्तावेज भेज दिए। इसके अलावा दो लाख रुपये का लोन पास कराने के नाम पर उससे बीस हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए थे। इसके बाद ठग ने कहा कि आपका लोन नहीं हो पाएगा।

अगले माह से उनके खाते में लोन की किस्त कटने लगी। पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।  

मेडिकल स्टोर संचालक के नाम पर जारी हो गया लोन
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के लालापुर पीपलसाना गांव निवासी राजीव सिंह मेडिकल स्टोर चलाते हैं। फाइनेंस कंपनी के दो अधिकारी उनके संपर्क आए थे। दोनों ने उन्हें 11 प्रतिशत ब्याज पर 10 लाख रुपये का लोन दिलाने की बात कही थी।

आरोपियों ने उनसे बैंक की पासबुक की फोटो प्रति, आठ ब्लैंक चेक, दुकान के लाइसेंस की कॉपी और अन्य कागजात उन्हें दे दिए। लोन करवाने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये लिए थे, लेकिन उसका लोन पास नहीं हुआ था।

लेकिन पांच दिसंबर 2023 को उनके खाते से 999 रुपये, आठ फरवरी को 2674, पांच अप्रैल को 7582 और पांच मार्च को 7582 रुपये कट गए। उन्होंने फाइनेंस कंपनी में जाकर जानकारी की तो पता चला कि उसके नाम 3,97,000 का लोन जारी किया गया है।

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डीपी पर पति का फोटो लगाकर पत्नी से ट्रांसफर करा ली रकम
मझोला थाना क्षेत्र के इंदिरा आवास समिति मिलन विहार निवासी सत्यपाल की पत्नी से साइबर ठगों ने 40 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। सत्यपाल ने बताया कि उनकी पत्नी सरोज के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसकी व्हाट्सएप डीपी पर सत्यपाल का फोटो लगा था।

आरोपी ने सरोज से कहा कि तुरंत 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दीजिए। व्हाट्सएप डीपी पर पति का फोटो लगा होने के कारण महिला समझ ही नहीं सकी है कि उसके साथ साइबर ठगी हो रही है। महिला ने बिना कुछ सोचे आरोपी द्वारा बताए गए नंबर पर 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

बाद में सत्यपाल ने महिला को बताया कि उसने कोई कॉल नहीं की तब पति-पत्नी को पता चला कि साइबर ठगी हो गई। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी हो रही जांच 
पुलिस के पास पहुंचे शिकायती पत्रों की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। इस मामले में पुलिस बैंक और फाइनेंस कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच पड़ताल का रही है। जिस तरह की शिकायतें सामने आई हैं। उससे लग रहा है कि इन ठग के मामलों में किसी कर्मचारी या अधिकारी की भी भूमिका हो सकती है।

ऐसे बचें

  • फोन पर कोई लोन दिलाने के नाम पर पेन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक की पास बुक या अन्य दस्तावेज मांगे तो सतर्क रहें 
  • लोन लेना है तो बैंक जाकर संपर्क करें या परिचित के साथ ही फोन पर बैंक एकाउंट से संबंधित जानकारी शेयर करें
  • फोन पर आने वाले ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें। 

साइबर अपराधी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। इस संबंध में कुछ शिकायतें मिली हैं। जिनकी जांच पड़ताल की जा रही है।  -अखिलेश भदौरिया, एसपी सिटी

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