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जर्जर गोदामों को मिल सकती संजीवनी
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मुरादाबाद। योगी सरकार के पेश किए गए बजट से जिले में प्रस्तावित नौ नए गोदामों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा करीब एक दर्जन सहकारी समितियों के जर्जर भवनों में से भी अधिकांश की दशा सुधर सकती है।
किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए सहकारी समितियों की स्थापना की गई है। जिले में 58 सहकारी समितियों के गोदाम हैं। इनमें से करीब 25 गोदामों की दशा काफी खराब है। बरसात में किसी गोदाम की छत टपकती है तो किसी के टूटे फर्श से आने वाली सीलन के चलते उर्वरक आदि में सीलन पैदा हो जाती है। कई बार वह नष्ट तक हो जाती हैं। यही वजह है कि किसान इन सहकारी समितियों से खाद लेने के बजाय प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर होता है। 15 फरवरी को यहां श्रम विभाग की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में आए मुख्यमंत्री पांच नये गोदामों का लोकार्पण कर चुके हैं। इसमें चार गोदाम उन स्थानों पर निर्मित हुए हैं जहां विभाग का खुद कोई भवन नहीं था। किराये के भवन में गोदाम संचालित हो रहे थे। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि इसके अलावा जहांगीरपुर, काजीखेड़ा, डिलारी समेत जिले के नौ अन्य स्थानों पर नए गोदामों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार द्वारा सहकारिता विभाग के लिए सोमवार को एक हजार लाख रुपये का बजट पेश किया गया है। एआर कोऑपरेटिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस बजट के पेश होने के बाद से जिले को भी धन मिलेगा। जिससे नौ स्थानों पर गोदामों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा जिले में जर्जर अवस्था के एक दर्जन गोदामों की मरम्मत की भी उम्मीद जगी है। नये गोदामों के निर्माण व जर्जर गोदामोें की मरम्मत के बाद इसका लाभ विभाग के साथ-साथ किसानों को भी मिलेगा।
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किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए सहकारी समितियों की स्थापना की गई है। जिले में 58 सहकारी समितियों के गोदाम हैं। इनमें से करीब 25 गोदामों की दशा काफी खराब है। बरसात में किसी गोदाम की छत टपकती है तो किसी के टूटे फर्श से आने वाली सीलन के चलते उर्वरक आदि में सीलन पैदा हो जाती है। कई बार वह नष्ट तक हो जाती हैं। यही वजह है कि किसान इन सहकारी समितियों से खाद लेने के बजाय प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर होता है। 15 फरवरी को यहां श्रम विभाग की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में आए मुख्यमंत्री पांच नये गोदामों का लोकार्पण कर चुके हैं। इसमें चार गोदाम उन स्थानों पर निर्मित हुए हैं जहां विभाग का खुद कोई भवन नहीं था। किराये के भवन में गोदाम संचालित हो रहे थे। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि इसके अलावा जहांगीरपुर, काजीखेड़ा, डिलारी समेत जिले के नौ अन्य स्थानों पर नए गोदामों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार द्वारा सहकारिता विभाग के लिए सोमवार को एक हजार लाख रुपये का बजट पेश किया गया है। एआर कोऑपरेटिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस बजट के पेश होने के बाद से जिले को भी धन मिलेगा। जिससे नौ स्थानों पर गोदामों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा जिले में जर्जर अवस्था के एक दर्जन गोदामों की मरम्मत की भी उम्मीद जगी है। नये गोदामों के निर्माण व जर्जर गोदामोें की मरम्मत के बाद इसका लाभ विभाग के साथ-साथ किसानों को भी मिलेगा।
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