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Moradabad News: कांवड़ यात्रा और मोहर्रम में एआई तकनीक से होगा भीड़ प्रबंधन
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मुरादाबाद। शहर की सुरक्षा व्यवस्था अब और हाईटेक होने जा रही है। नगर निगम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस 300 नए कैमरों के लिए टेंडर जारी करने जा रहा है। कांवड़ यात्रा और मोहर्रम जैसे बड़े आयोजनों के दौरान इन कैमरों की मदद से भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। तकनीक के इस नए प्रयोग से शहर की सुरक्षा व्यवस्था में भी व्यापक सुधार होगा।
शहर में हर साल कांवड़ यात्रा और मोहर्रम के मौके पर श्रद्धालुओं और अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ती है। इन आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है।
नगर निगम की ओर से शहर के प्रमुख स्थानों पर यह 300 नए एआई तकनीक आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़े होंगे। इनकी खासियत यह होगी कि यह भीड़ के मूवमेंट को ट्रैक करने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों को भी स्वतः चिह्नित कर सकते हैं। भीड़ बढ़ने पर यह सिस्टम तुरंत अलर्ट भेज देगा, जिससे समय रहते प्रशासन को व्यवस्था बनाने का मौका मिल सकेगा।
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शहर की सुरक्षा होगी चाक-चौबंद
त्योहारों के अलावा भी एआई कैमरों की मदद से शहर की सुरक्षा चाक-चौबंद रखी जा सकेगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह कैमरे शहर के किसी भी क्षेत्र में अचानक भीड़ इकट्ठा होने, भगदड़ की आशंका, झगड़े या आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत जैसे संकेत तुरंत कंट्रोल सेंटर को भेज सकेंगे। वहीं, यातायात के संदर्भ में भी यह कैमरे ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग और ट्रैफिक जाम की स्थिति पर निगरानी रखेंगे।
अभी 1800 कैमरों से हो रही है शहर की निगरानी
स्मार्ट सिटी कार्यालय में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से फिलहाल 1800 कैमरों से शहर की निगरानी हो रही है। इसमें 263 कैमरे स्मार्ट सिटी मिशन के और 1500 कैमरे सेफ सिटी मिशन के तहत लगाए गए हैं। इन्हीं कैमरों की मदद से शहर में कई आपराधिक घटनाओं का खुलासा हुआ है। कैमरे की मदद से ही आपराधियों की लोकेशन को ट्रैक कर उन्हें पकड़ा भी गया है। अब एआई तकनीक के 300 कैमरे इस तंत्र को और मजबूती प्रदान करेंगे।
महाकुंभ में हो चुका है एआई कैमरों का प्रयोग
एआई कैमरों की तकनीक का उपयोग पिछले वर्ष प्रयागराज में लगे महाकुंभ में भी हो चुका है। महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए एआई कैमरों का प्रयोग सफल रहा। वहां इन कैमरों ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हर गतिविधि पर सटीक नजर रखी थी। अब उसी तर्ज पर शहर में भी हाईटेक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।
शहर में एआई तकनीक से लैस कैमरों के लगने से सुरक्षा व्यवस्था और सशक्त हो जाएगी। वीआईपी मूवमेंट और त्योहारों के समय इन कैमरों से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाना आसान होगा। कंट्रोल सेंटर से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और इसका अलर्ट कंट्रोल रूम के अलावा, पुलिस और प्रशासन को भी प्राप्त हो सकेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
शहर में एआई तकनीक से लैस कैमरों के लगने से सुरक्षा व्यवस्था और सशक्त हो जाएगी। वीआईपी मूवमेंट और त्योहारों के समय इन कैमरों से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाना आसान होगा। कंट्रोल सेंटर से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और इसका अलर्ट कंट्रोल रूम के अलावा, पुलिस और प्रशासन को भी प्राप्त हो सकेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
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शहर में हर साल कांवड़ यात्रा और मोहर्रम के मौके पर श्रद्धालुओं और अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ती है। इन आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है।
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नगर निगम की ओर से शहर के प्रमुख स्थानों पर यह 300 नए एआई तकनीक आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़े होंगे। इनकी खासियत यह होगी कि यह भीड़ के मूवमेंट को ट्रैक करने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों को भी स्वतः चिह्नित कर सकते हैं। भीड़ बढ़ने पर यह सिस्टम तुरंत अलर्ट भेज देगा, जिससे समय रहते प्रशासन को व्यवस्था बनाने का मौका मिल सकेगा।
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शहर की सुरक्षा होगी चाक-चौबंद
त्योहारों के अलावा भी एआई कैमरों की मदद से शहर की सुरक्षा चाक-चौबंद रखी जा सकेगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह कैमरे शहर के किसी भी क्षेत्र में अचानक भीड़ इकट्ठा होने, भगदड़ की आशंका, झगड़े या आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत जैसे संकेत तुरंत कंट्रोल सेंटर को भेज सकेंगे। वहीं, यातायात के संदर्भ में भी यह कैमरे ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग और ट्रैफिक जाम की स्थिति पर निगरानी रखेंगे।
अभी 1800 कैमरों से हो रही है शहर की निगरानी
स्मार्ट सिटी कार्यालय में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से फिलहाल 1800 कैमरों से शहर की निगरानी हो रही है। इसमें 263 कैमरे स्मार्ट सिटी मिशन के और 1500 कैमरे सेफ सिटी मिशन के तहत लगाए गए हैं। इन्हीं कैमरों की मदद से शहर में कई आपराधिक घटनाओं का खुलासा हुआ है। कैमरे की मदद से ही आपराधियों की लोकेशन को ट्रैक कर उन्हें पकड़ा भी गया है। अब एआई तकनीक के 300 कैमरे इस तंत्र को और मजबूती प्रदान करेंगे।
महाकुंभ में हो चुका है एआई कैमरों का प्रयोग
एआई कैमरों की तकनीक का उपयोग पिछले वर्ष प्रयागराज में लगे महाकुंभ में भी हो चुका है। महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए एआई कैमरों का प्रयोग सफल रहा। वहां इन कैमरों ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हर गतिविधि पर सटीक नजर रखी थी। अब उसी तर्ज पर शहर में भी हाईटेक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।
शहर में एआई तकनीक से लैस कैमरों के लगने से सुरक्षा व्यवस्था और सशक्त हो जाएगी। वीआईपी मूवमेंट और त्योहारों के समय इन कैमरों से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाना आसान होगा। कंट्रोल सेंटर से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और इसका अलर्ट कंट्रोल रूम के अलावा, पुलिस और प्रशासन को भी प्राप्त हो सकेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
शहर में एआई तकनीक से लैस कैमरों के लगने से सुरक्षा व्यवस्था और सशक्त हो जाएगी। वीआईपी मूवमेंट और त्योहारों के समय इन कैमरों से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाना आसान होगा। कंट्रोल सेंटर से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और इसका अलर्ट कंट्रोल रूम के अलावा, पुलिस और प्रशासन को भी प्राप्त हो सकेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त