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सेल्स टैक्स छापे रुकवाने हों तो चपरासी को बताएं
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 05 Oct 2016 02:23 AM IST
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त्योहारी सीजन में वाणिज्य कर विभाग की छापेमारी को रुकवाने के नाम पर दलाली का बड़ा खेल चल रहा है। विभाग का ही एक चपरासी कारोबारियों को फोन करके छापे रोकने की ‘कीमत’ तय कर रहा है। साथ ही वह अधिकारियों के नाम लेकर ‘सेटिंग’ कराने की बात कर रहा है। ऐसा ही एक ऑडियो अफसरों के पास आया है।
इस ऑडियो में उस चपरासी की आवाज की पुष्टि विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं। लेकिन अपना नाम प्रकाशित कराने से बच रहे हैं। जिस अंदाज में चपरासी सेटिंग की बात कर रहा है, इससे यह तो तय है कि वह छापे रुकवाने और सेटिंग कराने की ‘ताकत’ रखता है।
बताया जाता है कि चपरासी कई अधिकारियों का खास भी है। चर्चा तो यहां तक है कि विभाग में निचले स्तर के कई कर्मचारी सेटिंग कराने का दावा करते हैं। अमर उजाला के पास भी जो ऑडियो है उसमें रिकॉर्ड चपरासी और एक पटाखा कारोबारी के बीच बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश प्रस्तुत कर रहे हैं।
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चपरासी: बाबू जी नमस्कार
कारोबारी: नमस्कार
चपरासी: कल बाजार में इलैक्ट्रानिक, मिठाई वालों की जांच की। पटाखे वालों में केवल आपका नाम कटवाया है। आपके बारे में सारे अफसरों से कह दिया। ऊपर के अफसरों से भी कह दिया। कहा है कि ये मेरा पर्सनल मैटर है इनकी जांच नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भी ओके कर दिया है। ऑफिस आएंगे क्या।
कारोबारी: नहीं आज तो जरूरी काम है।
चपरासी: विभाग में नए अफसर आए हैं। मैं चाहता था कि आपका चेहरा दिखा दूं कि जिसकी सिफारिश कर रहा हूं वह यही है।
कारोबारी: ये तो जरूरी है साहब।
चपरासी: और परिवार में सब बढ़िया।
कारोबारी: सब कृपा है आपकी।
चपरासी: अरे अपना तो और कोई नहीं है। जांचें बहुत तेजी से चल रही हैं। कोई हो तो बता देना। चुपचाप बता देना उसकी जांच नहीं होगी।
कारोबारी: मैं कहूंगा तो लोग कहेंगे कि तुम्हारा क्या इंटरेस्ट है।
चपरासी: देखो आपको बताया था कि आपके करीबी की जांच होनी है। आपको नाम बता देते तो कौन सा वे मुझे 10-20 हजार रुपये दे देते। अब जांच हुई तो दो लाख रुपये भी दिए और आठ लाख का टैक्स भी जमा कराया। मैं सीधे मांगता तो बदनामी मिलती।
कारोबारी: फिर आपको कैसे मिले।
चपरासी: जांच के बाद ही तो मिले।
कारोबारी: मैं किसकी कहूं। आप मुझे बचाओ।
चपरासी: आप तो बचे ही हो। हम तो आपको परिवार का मान कर चलते हैं।
कारोबारी: जी सही है।
चपरासी: मैंने आपके लिए मना कर दिया है जांच नहीं होगी। समय मिले तो आ जाना। देखो आपका छापा इस शर्त पर रुकवाया है कि आठ जगह आठ कार्टन में पटाखे बंधवा देना। अभी नहीं दीपावली से दस दिन पहले सबसे यहां भिजवा देंगे। समय मिले तो मुझसे मिल लेना।
कारोबारी: मुझे समय नहीं मिलता दुकान जाना पड़ता है, गोदाम जाना पड़ता है।
चपरासी: आप चिंता न करो सब मेरे ऊपर छोड़ दो। आपकी जांच नहीं होगी।
कारोबारी: अभी तो बहुत जांच होंगी।
चपरासी: हां होंगी न।
कारोबारी: अमरोहा में बहुत नंबर दो का माल आता है, न बिल देते हैं।
चपरासी: पता है, सबकी जांच करेंगे। आपको भी बचाएंगे आपके सामने वाले को भी बचाएंगे।
कारोबारी: मैं एक बात कह रहा था कि चाइना का बम आ रहा है, जिस पर बैन लगा हुआ है। इसका बहुत माल शहर में है।
चपरासी: आप चिंता न करो बम चाइना वालों को चाइना भेज देंगे। अभी हाइड्रो बम पकड़ा है। लेकिन आप चिंता न करो। कोई आए तो मेरी बात करा देना।
(इस बातचीत में चपरासी ने शहर के कई प्रतिष्ठानों के नाम भी बताए हैं, जिन पर छापेमारी की गई। एक अधिकारी का सरनेम भी बताया है। जिससे सेटिंग कराने की बात भी कह रहा है। लेकिन विधिक कारणों से हम नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं।)
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इस ऑडियो में उस चपरासी की आवाज की पुष्टि विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं। लेकिन अपना नाम प्रकाशित कराने से बच रहे हैं। जिस अंदाज में चपरासी सेटिंग की बात कर रहा है, इससे यह तो तय है कि वह छापे रुकवाने और सेटिंग कराने की ‘ताकत’ रखता है।
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बताया जाता है कि चपरासी कई अधिकारियों का खास भी है। चर्चा तो यहां तक है कि विभाग में निचले स्तर के कई कर्मचारी सेटिंग कराने का दावा करते हैं। अमर उजाला के पास भी जो ऑडियो है उसमें रिकॉर्ड चपरासी और एक पटाखा कारोबारी के बीच बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश प्रस्तुत कर रहे हैं।
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बाबू जी! पटाखे वालों में आपका नाम कटवा दिया.. कोई आए तो मेरी बात कराना
चपरासी: बाबू जी नमस्कार
कारोबारी: नमस्कार
चपरासी: कल बाजार में इलैक्ट्रानिक, मिठाई वालों की जांच की। पटाखे वालों में केवल आपका नाम कटवाया है। आपके बारे में सारे अफसरों से कह दिया। ऊपर के अफसरों से भी कह दिया। कहा है कि ये मेरा पर्सनल मैटर है इनकी जांच नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भी ओके कर दिया है। ऑफिस आएंगे क्या।
कारोबारी: नहीं आज तो जरूरी काम है।
चपरासी: विभाग में नए अफसर आए हैं। मैं चाहता था कि आपका चेहरा दिखा दूं कि जिसकी सिफारिश कर रहा हूं वह यही है।
कारोबारी: ये तो जरूरी है साहब।
चपरासी: और परिवार में सब बढ़िया।
कारोबारी: सब कृपा है आपकी।
चपरासी: अरे अपना तो और कोई नहीं है। जांचें बहुत तेजी से चल रही हैं। कोई हो तो बता देना। चुपचाप बता देना उसकी जांच नहीं होगी।
कारोबारी: मैं कहूंगा तो लोग कहेंगे कि तुम्हारा क्या इंटरेस्ट है।
चपरासी: देखो आपको बताया था कि आपके करीबी की जांच होनी है। आपको नाम बता देते तो कौन सा वे मुझे 10-20 हजार रुपये दे देते। अब जांच हुई तो दो लाख रुपये भी दिए और आठ लाख का टैक्स भी जमा कराया। मैं सीधे मांगता तो बदनामी मिलती।
कारोबारी: फिर आपको कैसे मिले।
चपरासी: जांच के बाद ही तो मिले।
कारोबारी: मैं किसकी कहूं। आप मुझे बचाओ।
चपरासी: आप तो बचे ही हो। हम तो आपको परिवार का मान कर चलते हैं।
कारोबारी: जी सही है।
चपरासी: मैंने आपके लिए मना कर दिया है जांच नहीं होगी। समय मिले तो आ जाना। देखो आपका छापा इस शर्त पर रुकवाया है कि आठ जगह आठ कार्टन में पटाखे बंधवा देना। अभी नहीं दीपावली से दस दिन पहले सबसे यहां भिजवा देंगे। समय मिले तो मुझसे मिल लेना।
कारोबारी: मुझे समय नहीं मिलता दुकान जाना पड़ता है, गोदाम जाना पड़ता है।
चपरासी: आप चिंता न करो सब मेरे ऊपर छोड़ दो। आपकी जांच नहीं होगी।
कारोबारी: अभी तो बहुत जांच होंगी।
चपरासी: हां होंगी न।
कारोबारी: अमरोहा में बहुत नंबर दो का माल आता है, न बिल देते हैं।
चपरासी: पता है, सबकी जांच करेंगे। आपको भी बचाएंगे आपके सामने वाले को भी बचाएंगे।
कारोबारी: मैं एक बात कह रहा था कि चाइना का बम आ रहा है, जिस पर बैन लगा हुआ है। इसका बहुत माल शहर में है।
चपरासी: आप चिंता न करो बम चाइना वालों को चाइना भेज देंगे। अभी हाइड्रो बम पकड़ा है। लेकिन आप चिंता न करो। कोई आए तो मेरी बात करा देना।
(इस बातचीत में चपरासी ने शहर के कई प्रतिष्ठानों के नाम भी बताए हैं, जिन पर छापेमारी की गई। एक अधिकारी का सरनेम भी बताया है। जिससे सेटिंग कराने की बात भी कह रहा है। लेकिन विधिक कारणों से हम नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं।)