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ठाकुरद्वारा डबल मर्डर में सनसनीखेज खुलासा, पुजारी ने की थी ये वहशियाना हरकत
Wed, 30 Oct 2019 12:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद/ ठाकुरद्वारा
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद/ ठाकुरद्वारा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 30 Oct 2019 12:40 AM IST
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श्मशान पर पहरा
- फोटो : अमर उजाला
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दीपावली की रात ठाकुरद्वारा के श्मशान में हुए दोहरे हत्याकांड के पीछे हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। वारदात के मुकदमे में शक की बुनियाद पर नामजद युवक ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि श्मशान में पुजारी और एक अन्य युवक की हत्या कस्बे के ही एक मजदूर ने फावड़े से सिर कुचलकर की थी।
खुद को वारदात का चश्मदीद बता रहे युवक का दावा है कि पुजारी ने छह माह पहले मजदूर की बहन के शव को चिता से निकालकर उसका मांस खाया था। इसी से खफा होकर मजदूर ने वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पहले युवक के दावे पर यकीन नहीं किया जा सकता। ठाकुरद्वारा के मोहल्ला होलिका स्थित श्मशान में दीपावली की रात पुजारी राजेंद्र गिरि (35) और ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कालाझांडा निवासी नितेश (42) की सिर कुचलकर नृशंसता से हत्या कर दी गई थी। दोनों के रक्त रंजित शव सोमवार को श्मशान में पड़े मिले थे।
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राजेंद्र गिरी ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ही गांव दूल्हापुर सबलपुर का रहने वाला था और श्मशान में बने मंदिर में पूजा पाठ व तंत्र क्रिया करता था। पुजारी के भाई नंदू ने शक के आधार पर कस्बे के ही मोहल्ला जमनावाला निवासी बंटी उर्फ योगेंद्र को नामजद किया था। मंगलवार को पुलिस ने बंटी से पूछताछ की तो उसने दावा किया कि दोहरे हत्याकांड को ठाकुरद्वारा के ही एक मजदूर ने अंजाम दिया है।
सीओ ठाकुरद्वारा विशाल यादव का कहना है कि बंटी ने जो कहानी सुनाई है उसके मुताबिक मजदूर की बहन की छह माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसका अंतिम संस्कार होलिका स्थित श्मशान में किया गया था। तब पुजारी ने जलती चिता से शव निकालकर उसका मांस खाया था। इसी बात से आरोपी आहत था।
दीपावली पर वह पुजारी को मिठाई देने के बहाने श्मशान गया और फिर अचानक फावड़े से उस पर हमला बोल दिया। एएसपी उदय शंकर का कहना है कि मुख्य आरोपी अंकुश की तलाश की जा रही है।
एक युवक ने पूछताछ में हत्या के पीछे एक कहानी सुनाई है। जब तक उसकी बातों की तस्दीक नहीं हो जाती तब तक हम यह नहीं कह सकते कि पुजारी द्वारा जलती चिता से शव निकालकर खाने की वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। अहम सुराग हाथ लगे हैं लेकिन मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही घटना का खुलासा होगा।
-अमित पाठक, एसएसपी
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खुद को वारदात का चश्मदीद बता रहे युवक का दावा है कि पुजारी ने छह माह पहले मजदूर की बहन के शव को चिता से निकालकर उसका मांस खाया था। इसी से खफा होकर मजदूर ने वारदात को अंजाम दिया।
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एसएसपी का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पहले युवक के दावे पर यकीन नहीं किया जा सकता। ठाकुरद्वारा के मोहल्ला होलिका स्थित श्मशान में दीपावली की रात पुजारी राजेंद्र गिरि (35) और ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कालाझांडा निवासी नितेश (42) की सिर कुचलकर नृशंसता से हत्या कर दी गई थी। दोनों के रक्त रंजित शव सोमवार को श्मशान में पड़े मिले थे।
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राजेंद्र गिरी ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ही गांव दूल्हापुर सबलपुर का रहने वाला था और श्मशान में बने मंदिर में पूजा पाठ व तंत्र क्रिया करता था। पुजारी के भाई नंदू ने शक के आधार पर कस्बे के ही मोहल्ला जमनावाला निवासी बंटी उर्फ योगेंद्र को नामजद किया था। मंगलवार को पुलिस ने बंटी से पूछताछ की तो उसने दावा किया कि दोहरे हत्याकांड को ठाकुरद्वारा के ही एक मजदूर ने अंजाम दिया है।
सीओ ठाकुरद्वारा विशाल यादव का कहना है कि बंटी ने जो कहानी सुनाई है उसके मुताबिक मजदूर की बहन की छह माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसका अंतिम संस्कार होलिका स्थित श्मशान में किया गया था। तब पुजारी ने जलती चिता से शव निकालकर उसका मांस खाया था। इसी बात से आरोपी आहत था।
दीपावली पर वह पुजारी को मिठाई देने के बहाने श्मशान गया और फिर अचानक फावड़े से उस पर हमला बोल दिया। एएसपी उदय शंकर का कहना है कि मुख्य आरोपी अंकुश की तलाश की जा रही है।
एक युवक ने पूछताछ में हत्या के पीछे एक कहानी सुनाई है। जब तक उसकी बातों की तस्दीक नहीं हो जाती तब तक हम यह नहीं कह सकते कि पुजारी द्वारा जलती चिता से शव निकालकर खाने की वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। अहम सुराग हाथ लगे हैं लेकिन मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही घटना का खुलासा होगा।
-अमित पाठक, एसएसपी