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आर्टीजन कार्ड में भी फर्जीवाड़े की संभावना
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 06 Jul 2016 11:08 AM IST
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आर्टीजन कार्ड
- फोटो : demo
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पीतलनगरी को विश्व भर में पहचान दस्तकारों ने की दिलाई है। इन दस्तकारों को सुविधाएं दिलाने के लिए आर्टीजन कार्ड योजना शुरू की गई थी। आर्टीजन कार्ड से दस्तकारों को अनेक सुविधाएं मिलती हैं। बरेली कार्यालय से लाखों की संख्या में आर्टीजन कार्ड जारी हुए। इनमें से मुरादाबाद में ही पचास हजार से अधिक से कार्ड मिले। वहीं हस्तशिल्प सर्वेक्षण में कार्ड होल्डर ही गायब मिल रहे हैं। जिनके नाम हैं वे ही सर्वे में आना जुड़वाने को तैयार नहीं हैं।
मुरादाबाद में सरकारी आंकड़ों के अनुसार डेढ़ लाख दस्तकार हैं। मुरादाबाद को पीतलनगरी के रूप में पहचान इन्हीं दस्तकारों ने दिलाई। लेकिन इनके जीवन में चमक नहीं आई। ये आज भी उन्हीं हालातों में काम कर रहे हैं। सरकार ने इनकी स्थिति में सुधार के लिए अनेक योजनाएं चलाई, लेकिन उसका बहुत लाभ नहीं हुआ। सभी योजनाओं को समेकित लाभ दिलाने के लिए आर्टीजन कार्ड योजना शुरू की गई।
इसके तहत दस्तकारों को आर्टीजन स्वास्थ्य बीमा योजना, बैंक से लोन, फेयर में स्टाल लगाने का मौका, कच्चे माल दिलाए जाने में प्राथमिकता सहित अनेक लाभ मिलते हैं। आर्टीजन कार्ड योजना शुरू होने के समय कैंप लगाकर कार्ड बनवाए गए थे। कुछ प्राइवेट एजेंसी भी इसमें सक्रिय हुई थीं। उस समय बनाए गए कार्ड के आधार पर हजारों दस्तकारों ने लोन भी लिया और अपना कारोबार भी बढ़ाया। इन सभी ने अपना कर्ज भी चुकाया दिया। इतनी बड़ी संख्या में कार्ड होल्डर होने के बावजूद सर्वे में दस्तकारों का नहीं मिलना इसमें भी गड़बड़ी का आशंका जता रहा है।
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ऐसे पकड़ में आई गड़बड़ियां
मुरादाबाद। प्रदेश सरकार आर्टीजन के लिए नीत बनाने जा रही है। इसके साथ ही उनके लिए अनेक योजनाएं शुरू की जाएंगी। उससे पहले सरकार सर्वे कराकर वास्तविक दस्तकारों की पहचान करा रही है। जिससे सही लोगों को सुविधाएं मिल सकें और वे अपने कार्य के साथ जीवन को भी बेहतर बना सकें। लेकिन सर्वे की सुस्त रफ्तार होने के कारण शासन ने नाराजगी जताई। मुरादाबाद में डेढ़ लाख से अधिक आर्जीजन होने के दावों के विपरीत सर्वे में अंतिम तिथि तक मात्र 15 हजार ही दस्तकारों का डाटा एकत्रित हो पाया। प्रशासन की सख्ती के बाद आर्टीजन कार्ड होल्डर की लिस्ट निकाली गई। तो उसमें बीस हजार से अधिक कार्ड होल्डर ऐसे निकले जिनका पता ही नहीं भरा गया, या पता गलत है तो किसी पर केवल मुरादाबाद लिखा हुआ है। लिस्ट में दिए गए पतों पर बताया गया कि वहां उस नाम से कोई व्यक्ति नहीं रहता है। कुछ पतों पर सही व्यक्ति मिले, लेकिन वे सर्वे में अपना डाटा देने को तैयार नहीं हुए।
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मुरादाबाद में सरकारी आंकड़ों के अनुसार डेढ़ लाख दस्तकार हैं। मुरादाबाद को पीतलनगरी के रूप में पहचान इन्हीं दस्तकारों ने दिलाई। लेकिन इनके जीवन में चमक नहीं आई। ये आज भी उन्हीं हालातों में काम कर रहे हैं। सरकार ने इनकी स्थिति में सुधार के लिए अनेक योजनाएं चलाई, लेकिन उसका बहुत लाभ नहीं हुआ। सभी योजनाओं को समेकित लाभ दिलाने के लिए आर्टीजन कार्ड योजना शुरू की गई।
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इसके तहत दस्तकारों को आर्टीजन स्वास्थ्य बीमा योजना, बैंक से लोन, फेयर में स्टाल लगाने का मौका, कच्चे माल दिलाए जाने में प्राथमिकता सहित अनेक लाभ मिलते हैं। आर्टीजन कार्ड योजना शुरू होने के समय कैंप लगाकर कार्ड बनवाए गए थे। कुछ प्राइवेट एजेंसी भी इसमें सक्रिय हुई थीं। उस समय बनाए गए कार्ड के आधार पर हजारों दस्तकारों ने लोन भी लिया और अपना कारोबार भी बढ़ाया। इन सभी ने अपना कर्ज भी चुकाया दिया। इतनी बड़ी संख्या में कार्ड होल्डर होने के बावजूद सर्वे में दस्तकारों का नहीं मिलना इसमें भी गड़बड़ी का आशंका जता रहा है।
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ऐसे पकड़ में आई गड़बड़ियां
मुरादाबाद। प्रदेश सरकार आर्टीजन के लिए नीत बनाने जा रही है। इसके साथ ही उनके लिए अनेक योजनाएं शुरू की जाएंगी। उससे पहले सरकार सर्वे कराकर वास्तविक दस्तकारों की पहचान करा रही है। जिससे सही लोगों को सुविधाएं मिल सकें और वे अपने कार्य के साथ जीवन को भी बेहतर बना सकें। लेकिन सर्वे की सुस्त रफ्तार होने के कारण शासन ने नाराजगी जताई। मुरादाबाद में डेढ़ लाख से अधिक आर्जीजन होने के दावों के विपरीत सर्वे में अंतिम तिथि तक मात्र 15 हजार ही दस्तकारों का डाटा एकत्रित हो पाया। प्रशासन की सख्ती के बाद आर्टीजन कार्ड होल्डर की लिस्ट निकाली गई। तो उसमें बीस हजार से अधिक कार्ड होल्डर ऐसे निकले जिनका पता ही नहीं भरा गया, या पता गलत है तो किसी पर केवल मुरादाबाद लिखा हुआ है। लिस्ट में दिए गए पतों पर बताया गया कि वहां उस नाम से कोई व्यक्ति नहीं रहता है। कुछ पतों पर सही व्यक्ति मिले, लेकिन वे सर्वे में अपना डाटा देने को तैयार नहीं हुए।