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कारतूस प्रकरण: इंचार्जों से पूछा, कब किसने कितनी गोलियां दागीं
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:11 AM IST
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- फोटो : demo
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नक्सलियों को कारतूस सप्लाई किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद से मुरादाबाद पुलिस अफसरों के होश उड़ हुए हैं। पुलिस लाइन, पीएसी, पुलिस अकादमी, पीटीसी और पीटीएस में शुक्रवार को अफसरों ने अपनी मौजूदगी में शस्त्रागारों में कारतूसों व हथियारों की गिनती कराई। इसके अलावा पूरे रिकार्ड भी चेक किए और मौजूद माल से उनका मिलान भी कराया गया।
अफसरों ने शस्त्रागारों के इंचार्जों से पिछले एक साल का पूरा रिकार्ड तलब किया है। पूछा गया कि कब, किसने और कितने कारतूस दागे हैं। आदेश मिलने के बाद इंचार्ज अपना रिकार्ड अपडेट करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि रिकार्ड दुरुस्त न मिलने पर कार्रवाई तय है।
गुरुवार को वाराणसी के कैंट स्टेशन पर जीआरपी ने चेकिंग के दौरान दो लोगों को इंसास, रायफल और एके-47 के करीब 1250 कारतूसों के जखीरे के साथ पकड़ा था। तस्करों ने कबूला था कि ये माल वो मुरादाबाद से लेकर बिहार जा रहे थे।
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कांवड़ यात्रा से चंद दिन पहले इतनी बड़ी तादाद में कारतूसों के मिलने से लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। यूपी एटीएस और एसटीएफ ने वाराणसी पहुंचकर दोनों से पूछताछ की थी। गुरुवार रात एसटीएफ दोनों अभियुक्तों को मुरादाबाद लेकर आई थी।
यहां पुलिस लाइन, पीएसी, पुलिस अकादमी और पीटीएस और पीटीसी में बुलेट हैंडलर की पहचान को पुलिस परेड कराई थी। तस्करों के सामने से एक-एक सिपाही गुजारा गया। गुरुवार रात ही दोनों अभियुक्तों को लेकर टीम वापस वाराणसी चली गई।
इसके बाद यहां पुलिस लाइन के अलावा पीएसी व ट्रेनिंग सेंटरों में अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में शस्त्रागारों में कारतूसों की गिनती कराई। यहां के पूरे रिकार्ड चेक किए गए।
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अफसरों ने शस्त्रागारों के इंचार्जों से पिछले एक साल का पूरा रिकार्ड तलब किया है। पूछा गया कि कब, किसने और कितने कारतूस दागे हैं। आदेश मिलने के बाद इंचार्ज अपना रिकार्ड अपडेट करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि रिकार्ड दुरुस्त न मिलने पर कार्रवाई तय है।
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गुरुवार को वाराणसी के कैंट स्टेशन पर जीआरपी ने चेकिंग के दौरान दो लोगों को इंसास, रायफल और एके-47 के करीब 1250 कारतूसों के जखीरे के साथ पकड़ा था। तस्करों ने कबूला था कि ये माल वो मुरादाबाद से लेकर बिहार जा रहे थे।
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कांवड़ यात्रा से चंद दिन पहले इतनी बड़ी तादाद में कारतूसों के मिलने से लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। यूपी एटीएस और एसटीएफ ने वाराणसी पहुंचकर दोनों से पूछताछ की थी। गुरुवार रात एसटीएफ दोनों अभियुक्तों को मुरादाबाद लेकर आई थी।
यहां पुलिस लाइन, पीएसी, पुलिस अकादमी और पीटीएस और पीटीसी में बुलेट हैंडलर की पहचान को पुलिस परेड कराई थी। तस्करों के सामने से एक-एक सिपाही गुजारा गया। गुरुवार रात ही दोनों अभियुक्तों को लेकर टीम वापस वाराणसी चली गई।
इसके बाद यहां पुलिस लाइन के अलावा पीएसी व ट्रेनिंग सेंटरों में अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में शस्त्रागारों में कारतूसों की गिनती कराई। यहां के पूरे रिकार्ड चेक किए गए।