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बस अड्डे की जमीन पर विधायक ने किया कब्जा
उमेश शर्मा/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:15 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के कुछेक अफसरों की शह पर ‘नेता गैंग’ का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि अब सरकारी महकमे भी घबराने लगे हैं। सरकारी जमीनों पर भी आए दिन हो रहे कब्जों से सबक लेते हुए एमडीए ने अपनी बची हुई सारी प्रापर्टी एकमुश्त बेचने का फैसला किया है। नवागत वीसी के आदेश पर एमडीए अपनी विभिन्न योजनाओं में पड़ी सारी संपत्तियां बेचने के लिए विज्ञापन निकालने जा रहा है। खास बात यह है कि विवादों से बचने और बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए संपत्तियों को ड्रा की जगह नीलाम करने का फैसला लिया गया है।
प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में करीब चार सौ से अधिक संपत्तियां खाली पड़ी हैं जिन्हें एमडीए ने नहीं बेचा है। पिछले करीब चार साल से एमडीए ने भूखंड बेचने पर रोक लगा रखी थी। पॉश कालोनियों में स्थित मकानों की बिक्री भी प्राधिकरण ने रोक रखी थी। अब वीसी एमडीए राजेश यादव ने एमडीए की सभी संपत्तियों को बेचने का फैसला किया है। नया मुरादाबाद में स्थित 200 से अधिक भूखंडों के साथ ही दुकान - मकान मिलाकर करीब 400 संपत्तियाें का विज्ञापन तैयार किया जा रहा है। आशियाना, रामगंगा विहार, एकता विहार, आजाद नगर, नया मुरादाबाद, कुंदनपुर में स्थित दुकान- मकान, फ्लैट बेचे जाएंगे। प्राधिकरण करीब 1500 फ्लैट्स के लिए विज्ञापन निकाल रहा है।
प्राधिकरण इस एकमुश्त बिक्री की वजह शहर में जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को बता रहा है। दरअसल शहर में पहले प्राइवेट भूमि पर कब्जों के मामले सामने आए थे लेकिन पिछले करीब डेढ़- दो साल से कब्जे करने वाले ‘नेता गैंग’ का दुस्साहस इतना बढ़ गया है, वह एमडीए, नगर निगम और आवास विकास की जमीनों पर भी खुलेआम कब्जे कर रहा है। शहर में खाली पड़े प्लाटों पर इस नेता गैंग की नजर है।
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50 एकड़ का सेक्टर दो भी होगा लांच
वीसी एमडीए राजेश यादव ने प्राधिकरण अभियंताओं को आदेश दिए हैं कि नया मुरादाबाद में खाली पड़े 50 एकड़ के सेक्टर दो की भी प्लानिंग करके उसमें प्लाट बनाए जाएं। इस 50 एकड़ जमीन में सैकड़ों की तादाद में भूखंड बनेंगे। एमडीए इन्हें ड्रा के जरिए बेचेगा। दरअसल नया मुरादाबाद योजना बनने के डेढ़ दशक बाद भी बस नहीं सकी है। यहां आज भी प्राधिकरण की दर से कम दर पर रीसेल में भूखंड उपलब्ध हैं। करीब 900 एकड़ में बनी यह योजना उजाड़ जंगल की शक्ल लिए हुए है।
हनुमान मूर्ति पर जमींदोज हुआ ‘नेता गैंग’ का कब्जा
नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा करके ‘नेता गैंग’ द्वारा खड़ी की बाउंड्री शनिवार को निगम ने ध्वस्त कर दी। निगम ने यह जमीन पट्टे पर दी थी। लेकिन पट्टेदार ने अवैध ढंग से इसका बैनामा कर दिया था।
हनुमान मूर्ति स्थित महेंद्रा शो रूम के बगल में नगर निगम की इस जमीन पर तीन दिन पहले पावर फुल नेताओं के गैंग ने अवैध कब्जा करके बाउंड्री खड़ी कर ली थी। स्थानीय पुलिस ने अवैध कब्जे की शिकायतों को अनसुना कर दिया था। मामले की जानकारी होने पर एसएसपी नितिन तिवारी ने अवैध कब्जा रुकवाया था। एसएसपी के आदेश पर कटघर पुलिस ने कब्जा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। शनिवार को नगर निगम की टीम ने पुलिस की मदद से अवैध कब्जा कर बनाई गई बाउंड्री को ध्वस्त करा दिया है।
अकबर किले के पास सरकारी जमीन पर कब्जा
मुरादाबाद (ब्यूरो)। सिविल लाइंस में अकबर किले के पास स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर शनिवार को हंगामा हुआ। यहां कुछ लोग सौ से अधिक मजदूरों को लेकर पहुंचे और निर्माण शुरू करा दिया। इस कब्जे में भी ‘नेता गैंग’ का नाम सामने आया है। यहां एक महिला अधिवक्ता की ओर से विरोध किया गया। सुबह से लेकर देर रात तक यहां निर्माण होता रहा। लेकिन ‘नेता गैंग’ के रसूख की वजह से कोई अधिकारी मामले में दखल देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इस जमीन के कुछ हिस्से पर तीन साल पहले ही एक अफसर की सरपरस्ती में कब्जा हो चुका है।
ट्रांसपोर्ट नगर में विधायक के गुर्गों ने कराई बाउंड्री
मुलायम - शिवपाल की वार्निंग मुरादाबाद के नेताओं पर बेअसर हैं। मुलायम चाहे जितनी फटकार लगाएं, शिवपाल कार्रवाई के चाहे जितने दावे कर लें, मुरादाबाद के नेताओं पर फर्क नहीं पड़ता। अब ट्रांसपोर्ट नगर में बस टर्मिनल की प्रस्तावित जमीन पर विधायक द्वारा कब्जा करने का मामला सामने आया है।
ट्रांसपोर्ट में बस टर्मिनल के करीब 1540 वर्ग मीटर जमीन आरक्षित है। प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि एमडीए ने इस जमीन का अधिग्रहण किसान असगर अली से किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने यहां सड़कें बनाईं और बस टर्मिनल का बोर्ड लगा दिया। लेकिन असगर अली की मौत के बाद उसकी बेटियों गुलशन और चांदनी ने जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए कोर्ट में मुकदमा कर दिया। जमीन पर विवाद पैैदा हुआ तो जिले के एक सपा विधायक ने इस जमीन पर नजरें गढ़ा दीं। आगे तो दोनों बहनें ही हैं लेकिन करोड़ों रुपये की इस जमीन का सौदा करके पीछे से सपा विधायक ने बागडोर अपने हाथों में ले ली।
शनिवार को विधायक के गुर्गों ने जमीन की बाउंड्री शुरू करा दी। प्राधिकरण की टीम पहुंची तो कब्जा करने वालों ने कोर्ट के आदेश दिखाए। लेकिन प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि कोर्ट के आदेश वाली जमीन दूसरी है और बस टर्मिनल की जमीन उससे अलग है। लेकिन सत्ता के दबाव में कब्जा किया जा रहा है। विवाद की शिकायत पर डीएम ने तहसीलदार को मौके पर भेजा। डीएम ने तहसीलदार को आदेश दिए कि प्राधिकरण के इंजीनियरों व संबंधित अफसरों को साथ लेकर नापजोख करें। प्राधिकरण की टीम ने नापजोख की लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इधर, इस मामले में गुलशन और चांदनी के पक्ष में कोर्ट का आदेश आने के बाद एमडीए ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर दी है।
एमडीए अफसर खुद हराते हैं एमडीए को
मुरादाबाद। कोर्ट में प्राधिकरण के अफसर खुद प्राधिकरण की हार की वजह बनते हैं। सामने वाली पार्टी से सौदेबाजी होने के बाद कोर्ट में वक्त से सही ढंग से पैरवी नहीं की जाती। सामने वाली पार्टी से मुकदमा हारने की सेटिंग होने के बाद एमडीए के अधिकारी वक्त पर कोर्ट में साक्ष्य पेश नहीं करते। तारीखों से गायब रहते हैं और सामने वाली पार्टी को तमाम विभागीय रिकार्ड उपलब्ध करा देते हैं ताकि जरूरत के हिसाब से वह उसे इस्तेमाल कर सके।
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प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में करीब चार सौ से अधिक संपत्तियां खाली पड़ी हैं जिन्हें एमडीए ने नहीं बेचा है। पिछले करीब चार साल से एमडीए ने भूखंड बेचने पर रोक लगा रखी थी। पॉश कालोनियों में स्थित मकानों की बिक्री भी प्राधिकरण ने रोक रखी थी। अब वीसी एमडीए राजेश यादव ने एमडीए की सभी संपत्तियों को बेचने का फैसला किया है। नया मुरादाबाद में स्थित 200 से अधिक भूखंडों के साथ ही दुकान - मकान मिलाकर करीब 400 संपत्तियाें का विज्ञापन तैयार किया जा रहा है। आशियाना, रामगंगा विहार, एकता विहार, आजाद नगर, नया मुरादाबाद, कुंदनपुर में स्थित दुकान- मकान, फ्लैट बेचे जाएंगे। प्राधिकरण करीब 1500 फ्लैट्स के लिए विज्ञापन निकाल रहा है।
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प्राधिकरण इस एकमुश्त बिक्री की वजह शहर में जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को बता रहा है। दरअसल शहर में पहले प्राइवेट भूमि पर कब्जों के मामले सामने आए थे लेकिन पिछले करीब डेढ़- दो साल से कब्जे करने वाले ‘नेता गैंग’ का दुस्साहस इतना बढ़ गया है, वह एमडीए, नगर निगम और आवास विकास की जमीनों पर भी खुलेआम कब्जे कर रहा है। शहर में खाली पड़े प्लाटों पर इस नेता गैंग की नजर है।
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50 एकड़ का सेक्टर दो भी होगा लांच
वीसी एमडीए राजेश यादव ने प्राधिकरण अभियंताओं को आदेश दिए हैं कि नया मुरादाबाद में खाली पड़े 50 एकड़ के सेक्टर दो की भी प्लानिंग करके उसमें प्लाट बनाए जाएं। इस 50 एकड़ जमीन में सैकड़ों की तादाद में भूखंड बनेंगे। एमडीए इन्हें ड्रा के जरिए बेचेगा। दरअसल नया मुरादाबाद योजना बनने के डेढ़ दशक बाद भी बस नहीं सकी है। यहां आज भी प्राधिकरण की दर से कम दर पर रीसेल में भूखंड उपलब्ध हैं। करीब 900 एकड़ में बनी यह योजना उजाड़ जंगल की शक्ल लिए हुए है।
हनुमान मूर्ति पर जमींदोज हुआ ‘नेता गैंग’ का कब्जा
नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा करके ‘नेता गैंग’ द्वारा खड़ी की बाउंड्री शनिवार को निगम ने ध्वस्त कर दी। निगम ने यह जमीन पट्टे पर दी थी। लेकिन पट्टेदार ने अवैध ढंग से इसका बैनामा कर दिया था।
हनुमान मूर्ति स्थित महेंद्रा शो रूम के बगल में नगर निगम की इस जमीन पर तीन दिन पहले पावर फुल नेताओं के गैंग ने अवैध कब्जा करके बाउंड्री खड़ी कर ली थी। स्थानीय पुलिस ने अवैध कब्जे की शिकायतों को अनसुना कर दिया था। मामले की जानकारी होने पर एसएसपी नितिन तिवारी ने अवैध कब्जा रुकवाया था। एसएसपी के आदेश पर कटघर पुलिस ने कब्जा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। शनिवार को नगर निगम की टीम ने पुलिस की मदद से अवैध कब्जा कर बनाई गई बाउंड्री को ध्वस्त करा दिया है।
अकबर किले के पास सरकारी जमीन पर कब्जा
मुरादाबाद (ब्यूरो)। सिविल लाइंस में अकबर किले के पास स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर शनिवार को हंगामा हुआ। यहां कुछ लोग सौ से अधिक मजदूरों को लेकर पहुंचे और निर्माण शुरू करा दिया। इस कब्जे में भी ‘नेता गैंग’ का नाम सामने आया है। यहां एक महिला अधिवक्ता की ओर से विरोध किया गया। सुबह से लेकर देर रात तक यहां निर्माण होता रहा। लेकिन ‘नेता गैंग’ के रसूख की वजह से कोई अधिकारी मामले में दखल देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इस जमीन के कुछ हिस्से पर तीन साल पहले ही एक अफसर की सरपरस्ती में कब्जा हो चुका है।
ट्रांसपोर्ट नगर में विधायक के गुर्गों ने कराई बाउंड्री
मुलायम - शिवपाल की वार्निंग मुरादाबाद के नेताओं पर बेअसर हैं। मुलायम चाहे जितनी फटकार लगाएं, शिवपाल कार्रवाई के चाहे जितने दावे कर लें, मुरादाबाद के नेताओं पर फर्क नहीं पड़ता। अब ट्रांसपोर्ट नगर में बस टर्मिनल की प्रस्तावित जमीन पर विधायक द्वारा कब्जा करने का मामला सामने आया है।
ट्रांसपोर्ट में बस टर्मिनल के करीब 1540 वर्ग मीटर जमीन आरक्षित है। प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि एमडीए ने इस जमीन का अधिग्रहण किसान असगर अली से किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने यहां सड़कें बनाईं और बस टर्मिनल का बोर्ड लगा दिया। लेकिन असगर अली की मौत के बाद उसकी बेटियों गुलशन और चांदनी ने जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए कोर्ट में मुकदमा कर दिया। जमीन पर विवाद पैैदा हुआ तो जिले के एक सपा विधायक ने इस जमीन पर नजरें गढ़ा दीं। आगे तो दोनों बहनें ही हैं लेकिन करोड़ों रुपये की इस जमीन का सौदा करके पीछे से सपा विधायक ने बागडोर अपने हाथों में ले ली।
शनिवार को विधायक के गुर्गों ने जमीन की बाउंड्री शुरू करा दी। प्राधिकरण की टीम पहुंची तो कब्जा करने वालों ने कोर्ट के आदेश दिखाए। लेकिन प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि कोर्ट के आदेश वाली जमीन दूसरी है और बस टर्मिनल की जमीन उससे अलग है। लेकिन सत्ता के दबाव में कब्जा किया जा रहा है। विवाद की शिकायत पर डीएम ने तहसीलदार को मौके पर भेजा। डीएम ने तहसीलदार को आदेश दिए कि प्राधिकरण के इंजीनियरों व संबंधित अफसरों को साथ लेकर नापजोख करें। प्राधिकरण की टीम ने नापजोख की लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इधर, इस मामले में गुलशन और चांदनी के पक्ष में कोर्ट का आदेश आने के बाद एमडीए ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर दी है।
एमडीए अफसर खुद हराते हैं एमडीए को
मुरादाबाद। कोर्ट में प्राधिकरण के अफसर खुद प्राधिकरण की हार की वजह बनते हैं। सामने वाली पार्टी से सौदेबाजी होने के बाद कोर्ट में वक्त से सही ढंग से पैरवी नहीं की जाती। सामने वाली पार्टी से मुकदमा हारने की सेटिंग होने के बाद एमडीए के अधिकारी वक्त पर कोर्ट में साक्ष्य पेश नहीं करते। तारीखों से गायब रहते हैं और सामने वाली पार्टी को तमाम विभागीय रिकार्ड उपलब्ध करा देते हैं ताकि जरूरत के हिसाब से वह उसे इस्तेमाल कर सके।