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लाखों रुपये की कर चोरी का माल पकड़ा
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:46 AM IST
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- फोटो : social media
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प्रदेश में जीएसटी को कड़ाई से लागू कराने के लिए राज्य कर अधिकारियों ने जांच-पड़ताल तेज कर दी है। गुरुवार को दिल्ली हाईवे पर अभियान चलाकर कर चोरी के माल से लदे सात वाहनों को पकड़ा। पकड़े गए माल की कीमत 30 लाख से अधिक बताई जा रही है, जिस पर जुर्माना वसूला जाएगा।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 रामकृष्ण शास्त्री और ग्रेड-2 एसके राय के निर्देश पर गुरुवार को दिल्ली हाईवे पर अभियान चलाया गया। ज्वाइंट कमिश्नर दिनेश शर्मा ने बताया कि दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों में बिना ई-वे बिल के सात वाहनों में माल पकड़ा गया।
दो वाहनों में लोहे का स्क्रैप, एक में मशीनें, एक में दरवाजे, एक में जूते, एक में कपड़े, एक में कुर्सियां मिलीं। पकड़े गए माल की कीमत 30 लाख से अधिक है। जुर्माना वसूलने के लिए माल का मूल्यांकन किया जा रहा है।
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केंद्र और राज्य के बीच डीलरों का बंटवारा होने के बाद स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने प्रदेश के वाणिज्यकर विभाग में कार्यरत अधिकारियों के नए पदनामों की घोषणा कर दी है। साथ ही विभिन्न स्तरों, पत्राचारों और उल्लेखों में पदनाम इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया है।
कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने बताया कि एक जुलाई 2017 से वाणिज्यकर विभाग में कार्यरत अधिकारियों को ‘उचित अधिकारी’ (प्रॉपर ऑफिसर) नामित किया गया है। इस आदेश में अधिकारियों के पदनाम राज्य कर अधिकारी, राज्यकर के सहायक आयुक्त, राज्यकर के उपायुक्त, राज्यकर के संयुक्त आयुक्त नाम दिया गया है।
हालांकि कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग के नाम की जगह अभी वाणिज्यकर ही इस्तेमाल होगा। प्रदेश के अंदर या प्रदेश की किसी सीमा से दूसरे राज्य की किसी सीमा तक माल के परिवहन के दौरान कई वस्तुओं के साथ ई-वे बिल-2 रखना अनिवार्य किया गया है। ई-वे बिल-2 की अनिवार्यता में अभी तक मेंथा ऑयल, सुपाड़ी, लोहा व इस्पात ही शामिल थे।
अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने नए संशोधन के तहत कुछ और वस्तुओं के नाम जोड़े हैं। इसमें मेंथा ऑयल, मेंथाल, सुपाड़ी, लोहा, इस्पात, सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी, कोलतार, तारकोल, चारकोल, बिटुमिन, कोल और कोक सभी रूप में, मिट्टी निर्मित टाइल्स को छोड़कर सभी प्रकार की टाइल्स, मार्बल स्टोन, सभी प्रकार का कागज (अखबारी कागज भी शामिल है),
सिगरेट, सिगार, पान मसाला, खैनी, जर्दा, सुर्ती व अन्य तंबाकू उत्पाद, कत्था, टायर, ट्यूट, लुब्रिकैंट, स्किम्ड मिल्क पाउडर, पेंट वार्निश, सेनेटरी वेयर और फिटिंग, वुड और टिंबर शामिल हैं। यह अधिसूचना 16 दिसंबर से प्रभावी मानी जाएगी। इससे पूर्व विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे व्यापारियों, उद्यमियों, ट्रांसपोर्टरों के बीच इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें।
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वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 रामकृष्ण शास्त्री और ग्रेड-2 एसके राय के निर्देश पर गुरुवार को दिल्ली हाईवे पर अभियान चलाया गया। ज्वाइंट कमिश्नर दिनेश शर्मा ने बताया कि दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों में बिना ई-वे बिल के सात वाहनों में माल पकड़ा गया।
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दो वाहनों में लोहे का स्क्रैप, एक में मशीनें, एक में दरवाजे, एक में जूते, एक में कपड़े, एक में कुर्सियां मिलीं। पकड़े गए माल की कीमत 30 लाख से अधिक है। जुर्माना वसूलने के लिए माल का मूल्यांकन किया जा रहा है।
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केंद्र और राज्य के बीच डीलरों का बंटवारा होने के बाद स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने प्रदेश के वाणिज्यकर विभाग में कार्यरत अधिकारियों के नए पदनामों की घोषणा कर दी है। साथ ही विभिन्न स्तरों, पत्राचारों और उल्लेखों में पदनाम इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया है।
कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने बताया कि एक जुलाई 2017 से वाणिज्यकर विभाग में कार्यरत अधिकारियों को ‘उचित अधिकारी’ (प्रॉपर ऑफिसर) नामित किया गया है। इस आदेश में अधिकारियों के पदनाम राज्य कर अधिकारी, राज्यकर के सहायक आयुक्त, राज्यकर के उपायुक्त, राज्यकर के संयुक्त आयुक्त नाम दिया गया है।
हालांकि कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग के नाम की जगह अभी वाणिज्यकर ही इस्तेमाल होगा। प्रदेश के अंदर या प्रदेश की किसी सीमा से दूसरे राज्य की किसी सीमा तक माल के परिवहन के दौरान कई वस्तुओं के साथ ई-वे बिल-2 रखना अनिवार्य किया गया है। ई-वे बिल-2 की अनिवार्यता में अभी तक मेंथा ऑयल, सुपाड़ी, लोहा व इस्पात ही शामिल थे।
अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने नए संशोधन के तहत कुछ और वस्तुओं के नाम जोड़े हैं। इसमें मेंथा ऑयल, मेंथाल, सुपाड़ी, लोहा, इस्पात, सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी, कोलतार, तारकोल, चारकोल, बिटुमिन, कोल और कोक सभी रूप में, मिट्टी निर्मित टाइल्स को छोड़कर सभी प्रकार की टाइल्स, मार्बल स्टोन, सभी प्रकार का कागज (अखबारी कागज भी शामिल है),
सिगरेट, सिगार, पान मसाला, खैनी, जर्दा, सुर्ती व अन्य तंबाकू उत्पाद, कत्था, टायर, ट्यूट, लुब्रिकैंट, स्किम्ड मिल्क पाउडर, पेंट वार्निश, सेनेटरी वेयर और फिटिंग, वुड और टिंबर शामिल हैं। यह अधिसूचना 16 दिसंबर से प्रभावी मानी जाएगी। इससे पूर्व विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे व्यापारियों, उद्यमियों, ट्रांसपोर्टरों के बीच इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें।