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अरे! शुभम विधायक का बेटा था

Sun, 11 Sep 2016 12:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Sun, 11 Sep 2016 12:04 PM IST
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 Jhansi MLA's son's Shubham suicide in Moradabad
अपराध - फोटो : demo
पीएसी से सटी रेलवे हरथला कालोनी में शुभम राजपूत पिछले डेढ़ साल से किराये के मकान में रह रहा था। लेकिन उसने कभी किसी को नहीं बताया कि वह विधायक का बेटा है। व्यवहार कुशल शुभम के सुसाइड करने की जानकारी आस पड़ोस में फैली तो लोग सन्न रह गए। पुलिस और मीडिया के पहुंचने पर ही लोगाें को पता चला कि शुभम झांसी के विधायक केपी सिंह का बेटा था।
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मूलरूप से धामपुर निवासी दरोगा का परिवार पीएसी परिसर में ही रहता है। उनकी बेटी यहीं एक यूनिवर्सिटी से एलएलबी कर रही है। वहां उसकी दोस्ती विधायक के बेटे शुभम से हो गई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली तो शुभम पीएसी में ही आने लगा था। इसके बाद उसने प्रेमिका के परिजनों के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया था। शुभम ने अपने परिवार को भी राजी कर लिया था। तब शुभम कालेज के हास्टल में ही रहकर पढ़ाई कर रहा था। करीब डेढ़ साल पहले प्रेमिका की मां ने उसे पीएसी के पास ही किराना व्यापारी संजय कुमार के मकान में फर्स्ट फ्लोर पर एक कमरा दिला दिया था। तब से शुभम यहां रह रहा था। लेकिन उसने किसी को नहीं बताया था कि उसके पिता विधायक हैं। हालांकि शुभम एक माह में 20 दिन ही इस मकान में रुकता था। बाकी समय वह पीएसी में ही अपनी प्रेमिका के घर पर रहता था। जबकि सुबह शाम खाना खाने के लिए भी वह मंगेतर के घर ही जाता था। 
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सुसाइड नोट गायब तो नहीं कर दिया!
शुभम राजपूत पढ़ा लिखा था। उसने अपने कमरे में सुसाइड कर लिया। लेकिन मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जिससे मामला और उझल गया है। पुलिस ने मौके पर काफी खोजबीन की। उसकी किताबें और रजिस्टर भी चेक किए गए। लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। जबकि छात्र का मोबाइल भी कमरे से गायब था। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मोबाइल प्रेमिका के घर से मिला। पूछताछ करने पर छात्रा के परिजनों ने बताया कि जब वह शुभम को लेकर अस्पताल गए थे। तब ही उन्होंने उसका मोबाइल उसके घर वालों को कॉल करने के लिए ले लिया था। जब डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया तो प्रेमिका उसका मोबाइल लेकर अपने घर चली गई थी। 
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विधानसभा चुनाव के बाद होनी थी शादी
विधायक के बेटे और दरोगा की बेटी के बीच पिछले तीन साल से प्रेम संबंध थे। शुरुआत में पहले ही परिजन शादी को तैयार नहीं थी। लेकिन शुभम की जिद के आगे परिजन भी राजी हो गए थे। 28 जुलाई 2015 को सगाई की रस्म पूरी की थी गई थी। प्रेमिका की मां ने बताया कि पहले जनवरी में शादी होनी थी। लेकिन शुभम के पिता ने विधान सभा चुनाव बाद शादी करने के लिए कह दिया था। चुनाव बाद मार्च अप्रैल में शादी होनी थी। दोनों परिवार शादी के लिए राजी थी। 

राजनीति की छाया से दूर रखने को मुरादाबाद भेजा था शुभम
 बेटे की मौत की सूचना मिलने पर शनिवार देर शाम विधायक केपी सिंह मुरादाबाद पहुंचे। उन्होंने बताया कि अपने बेटे को राजनीति की छाया से दूर रखने के लिए मुरादाबाद भेजा था। वरना वह बेटे को वहां भी पढ़ा सकते थे। जबकि दूसरा बेटा मुकेश राजपूत लखनऊ में पढ़ रहा है। वह बेटों की हर खुशी पूरी कर रहे हैं। शुभम ने कहा था कि वह एक लड़की से प्रेम करता है और उससे शादी करना चाहता है। उसने अपनी मां से लड़की की बात कराई थी। मुझे और मेरे परिवार को शादी से कोई आपत्ति नहीं थी। मैंने मुरादाबाद आकर दोनों की सगाई कर दी थी और चुनाव बाद शादी करने की तैयारी थी। लेकिन वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठा लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है। सच्चाई सामने आ जाएगी।

नोएडा में बेटे और बहू के लिए खरीद रहे थे फ्लैट
विधायक केपी सिंह ने बताया कि वह बेटे और बहू के लिए नोएडा में फ्लैट खरीद रहे थे। उन्होंने सौदा भी कर लिया था। शादी के बाद दोनों नोएडा शिफ्ट होने वाले थे। उन्होंने बताया कि पहले जनवरी में शादी करना तय हुआ था। लेकिन चुनाव के कारण शादी की तारीख आगे बढ़ा दी गई थी। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले ही शुभम से बात हुई थी। उसने फीस जमा कराने को कहा था तो उसके एकाउंट में 25 हजार रुपये जमा करा दिए थे। 

शादी के बाद विदेश टूर पर जाने की थी तैयारी
 विधायक ने बताया कि उन्होंने बेटे और बहू को शादी के बाद विदेश भेजने के लिए टिकट बुक करा दिए थे। लेकिन दोनों ने जाने से मना कर दिया था। शुभम पिता को भी साथ चलने की जिद कर रहा था। विधायक व्यस्त होने के कारण नहीं जा पा रहे थे तो उन्होंने बेटे और बहू को जाने के लिए कहा। लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया था। तब उन्होंने शादी के बाद जाने की बात कह थी। 


शुभम के मोबाइल को खंगाल रही पुलिस
शुभम के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसका मोबाइल ही है जिसमें उसके सुसाइड का राज छिपा हो सकता है। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लेकर उसका डाटा खंगालना शुरू कर दिया है। 
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