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टला हादसा, बेपटरी होने से बची दून एक्सप्रेस
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:25 AM IST
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गुजरती ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद-लखनऊ रेल मार्ग पर मंगलवार को दलपतपुर स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा टल गया। दून एक्सप्रेस अप लाइन पर टूटी छह इंच पटरी से गुजरने से बच गई। पेट्रोलिंग के दौरान की मैन की नजर टूटी पटरी पर पड़ी। इस बीच रामपुर की ओर से दून एक्सप्रेस आने लगी।
स्टेशन मास्टर को सूचना देने के बाद की मैन ने लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को स्टेशन से पहले ही रोक दिया। इसके बाद घंटेभर अप लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद रहा। मरम्मत के बाद ट्रेनों को धीमी गति से निकाला गया। डीआरएम ने की मैन को अवार्ड देने की घोषणा की है।
की मैन विनाद कुमार मंगलवार सुबह 7.53 बजे ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहा था। इस बीच दलपतपुर स्टेशन के पास उसकी नजर टूटे ट्रैक पर पड़ा। करीब छह इंच पटरी टूटी थी। की मैन ने तत्काल इसकी सूचना केबिन मैन महेश चंद को सूचना दी। साथ ही स्टेशन मास्टर को भी जानकारी दी।
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इस बीच हावड़ा से देहरादून जा रही दून एक्सप्रेस मूंढापांडे स्टेशन से मुरादाबाद के लिए निकल चुकी थी। स्टेशन मास्टर ने की मैन को ट्रेन की ओर दौड़ा दिया। की मैन ने लाल झंडी दिखाकर दून एक्सप्रेस को दलपतपुर स्टेशन से पहले ही रोक दिया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया।
सूचना पर पीडब्ल्यूवाई की टीम ने ट्रैक मरम्मत कर 9.08 बजे ट्रेनों को धीमी गति से निकाला गया। इस दौरान हावड़ा जैसलमेेर सुपर फास्ट, नौचंदी एक्सप्रेस और सत्याग्रह एक्सप्रेस बीच में खड़ी रही। शाम को डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने की मैन विनोद कुमार को अवार्ड देने की घोषणा की।
रेलवे दलपतपुर के पास पटरी टूटने की घटना को गंभीरता से ले रहा है। ये सामान्य रेल फ्रैक्चर नहीं माना जा रहा है। पटरी क्यों टूटी इसकी जांच कराई जाएगी। पटरी के टुकड़े को जांच के लिए आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) लखनऊ भेजा जाएगा। टूटी लाइन को बदलकर चार साल पहले ही नई लाइन बिछाई गई थी।
दलपतपुर स्टेशन से गुजरने वाली रेल लाइन को वर्ष 2013 में बदलकर नई लाइन बिछाई गई थी। 52 किग्रा वजन वाली लाइन की जगह 60 किग्रा वजन वाली लाइन डाली गई। लेकिन चार साल में ही इस लाइन में दरार पड़ गई। मंगलवार को लाइन से छह इंच का टुकड़ा टूटकर अलग हो गया।
जानकारी होने पर मंगलवार शाम डीआरएम ने खुद लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने घटनास्थल की दोनों तरफ एक किमी तक ट्रैक का जायजा लिया। यहीं नहीं लाइन की सोनोग्राफी कराई। लेकिन पटरी टूटने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। अब टूटे टुकड़ों को जांच के लिए आरडीएसओ भेजा जाएगा। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि नई लाइन का चार साल में टूटना जांच का विषय है। पटरी क्यों टूटी की जांच कराई जाएगी। पटरी के टुकड़े की आरडीएसओ में जांच कराई जाएगी।
जिस तरह से पटरी टूट कर अलग हुई थी, उससे तो हादसा होना तय था। दून एक्सप्रेस दलपतपुर से रन थ्रू गुजरने वाली थी। छह इंच टूटी पटरी से अगर दून एक्सप्रेस गुजरती तो खतौली जैसी घटना हो सकती थी। गनीमत रही कि ट्रेन के आने से पहले ही पटरी टूटने की जानकारी हो गई।
दलतपपुर स्टेशन के पास की मैन को मंगलवार सुबह 7.53 पर पटरी टूटने की जानकारी हुई। इसके पूर्व अप लाइन से ट्रेनें गुजरती रही। पटरी टूटने की जानकारी होने से पहले दो मालगाड़ियों इस ट्रैक से गुजरी थी। इसके बाद सप्तक्रांति सुपर फास्ट और एक मालगाड़ी इसी ट्रैक से गुजरी थी। लेकिन न लोको पायलट को झटका लगा और न ही गार्ड को। तीनों मालगाड़ी और सप्तक्रांति सही सलामत निकल गई।
मुरादाबाद-नजीबाबाद रेल मार्ग पर भी मंगलवार को पटरी चटकने का मामला सामने आया। मुसर्रतपुर-नजीबाबाद के बीच क्रासिंग के पास रेल फ्रैक्चर हो गया। गेट मैन की सूचना पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया।
मंगलवार सुबह 11.50 बजे मुरादाबाद नजीबाबाद रेल मार्ग पर गेट नंबर 469-सी के पास पटरी चटक र्गई। जानकारी होने पर गेट मैन ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। ट्रैक मरम्मत के बाद 12.20 बजे कॉसन लगाकर ट्रेनों को निकाला गया। इस दौरान गोरखपुर अमृतसर एक्सप्रेस सहित तीन मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित रहा।
कोहरे से प्रभावित रही 29 ट्रेनें
रेल मंडल में कोहरे ब्लाक से ट्रेनों का प्रभावित होना जारी है। मंगलवार को 29 ट्रेनें कोहरे की शिकार रही। हालांकि सोमवार की रात सिर्फ मुरादाबाद-शाहजहांपुर रूट पर ही कोहरा रहा। इस रूट पर रात ग्यारह बजे से सुबह साढ़े नौ बजे तक कोहरा छाया रहा।
स्टेशन मास्टर को सूचना देने के बाद की मैन ने लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को स्टेशन से पहले ही रोक दिया। इसके बाद घंटेभर अप लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद रहा। मरम्मत के बाद ट्रेनों को धीमी गति से निकाला गया। डीआरएम ने की मैन को अवार्ड देने की घोषणा की है।
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की मैन विनाद कुमार मंगलवार सुबह 7.53 बजे ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहा था। इस बीच दलपतपुर स्टेशन के पास उसकी नजर टूटे ट्रैक पर पड़ा। करीब छह इंच पटरी टूटी थी। की मैन ने तत्काल इसकी सूचना केबिन मैन महेश चंद को सूचना दी। साथ ही स्टेशन मास्टर को भी जानकारी दी।
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इस बीच हावड़ा से देहरादून जा रही दून एक्सप्रेस मूंढापांडे स्टेशन से मुरादाबाद के लिए निकल चुकी थी। स्टेशन मास्टर ने की मैन को ट्रेन की ओर दौड़ा दिया। की मैन ने लाल झंडी दिखाकर दून एक्सप्रेस को दलपतपुर स्टेशन से पहले ही रोक दिया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया।
सूचना पर पीडब्ल्यूवाई की टीम ने ट्रैक मरम्मत कर 9.08 बजे ट्रेनों को धीमी गति से निकाला गया। इस दौरान हावड़ा जैसलमेेर सुपर फास्ट, नौचंदी एक्सप्रेस और सत्याग्रह एक्सप्रेस बीच में खड़ी रही। शाम को डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने की मैन विनोद कुमार को अवार्ड देने की घोषणा की।
रेलवे दलपतपुर के पास पटरी टूटने की घटना को गंभीरता से ले रहा है। ये सामान्य रेल फ्रैक्चर नहीं माना जा रहा है। पटरी क्यों टूटी इसकी जांच कराई जाएगी। पटरी के टुकड़े को जांच के लिए आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) लखनऊ भेजा जाएगा। टूटी लाइन को बदलकर चार साल पहले ही नई लाइन बिछाई गई थी।
दलपतपुर स्टेशन से गुजरने वाली रेल लाइन को वर्ष 2013 में बदलकर नई लाइन बिछाई गई थी। 52 किग्रा वजन वाली लाइन की जगह 60 किग्रा वजन वाली लाइन डाली गई। लेकिन चार साल में ही इस लाइन में दरार पड़ गई। मंगलवार को लाइन से छह इंच का टुकड़ा टूटकर अलग हो गया।
जानकारी होने पर मंगलवार शाम डीआरएम ने खुद लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने घटनास्थल की दोनों तरफ एक किमी तक ट्रैक का जायजा लिया। यहीं नहीं लाइन की सोनोग्राफी कराई। लेकिन पटरी टूटने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। अब टूटे टुकड़ों को जांच के लिए आरडीएसओ भेजा जाएगा। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि नई लाइन का चार साल में टूटना जांच का विषय है। पटरी क्यों टूटी की जांच कराई जाएगी। पटरी के टुकड़े की आरडीएसओ में जांच कराई जाएगी।
जिस तरह से पटरी टूट कर अलग हुई थी, उससे तो हादसा होना तय था। दून एक्सप्रेस दलपतपुर से रन थ्रू गुजरने वाली थी। छह इंच टूटी पटरी से अगर दून एक्सप्रेस गुजरती तो खतौली जैसी घटना हो सकती थी। गनीमत रही कि ट्रेन के आने से पहले ही पटरी टूटने की जानकारी हो गई।
दलतपपुर स्टेशन के पास की मैन को मंगलवार सुबह 7.53 पर पटरी टूटने की जानकारी हुई। इसके पूर्व अप लाइन से ट्रेनें गुजरती रही। पटरी टूटने की जानकारी होने से पहले दो मालगाड़ियों इस ट्रैक से गुजरी थी। इसके बाद सप्तक्रांति सुपर फास्ट और एक मालगाड़ी इसी ट्रैक से गुजरी थी। लेकिन न लोको पायलट को झटका लगा और न ही गार्ड को। तीनों मालगाड़ी और सप्तक्रांति सही सलामत निकल गई।
मुरादाबाद-नजीबाबाद रेल मार्ग पर भी मंगलवार को पटरी चटकने का मामला सामने आया। मुसर्रतपुर-नजीबाबाद के बीच क्रासिंग के पास रेल फ्रैक्चर हो गया। गेट मैन की सूचना पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया।
मंगलवार सुबह 11.50 बजे मुरादाबाद नजीबाबाद रेल मार्ग पर गेट नंबर 469-सी के पास पटरी चटक र्गई। जानकारी होने पर गेट मैन ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। ट्रैक मरम्मत के बाद 12.20 बजे कॉसन लगाकर ट्रेनों को निकाला गया। इस दौरान गोरखपुर अमृतसर एक्सप्रेस सहित तीन मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित रहा।
कोहरे से प्रभावित रही 29 ट्रेनें
रेल मंडल में कोहरे ब्लाक से ट्रेनों का प्रभावित होना जारी है। मंगलवार को 29 ट्रेनें कोहरे की शिकार रही। हालांकि सोमवार की रात सिर्फ मुरादाबाद-शाहजहांपुर रूट पर ही कोहरा रहा। इस रूट पर रात ग्यारह बजे से सुबह साढ़े नौ बजे तक कोहरा छाया रहा।