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फांसी पर लटकी मिली बीएससी छात्रा की लाश
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Tue, 01 Mar 2016 02:03 AM IST
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मझोला थानाक्षेत्र के मोहल्ला चाऊ की बस्ती में सोमवार दोपहर बीएससी छात्रा की लाश घर में फांसी पर लटकी मिली। कमरे से एक बिना दस्तखत वाला दो स्याही का सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें छात्रा ने अपनी मैमोरी लॉस होने का जिक्र करते हुए सल्फास खाकर जान देने की बात कही है।
परिजनों का भी कहना है कि मंगलवार को छात्रा का केमिस्ट्री का पेपर था और इसे लेकर वह तनाव में थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा लेकिन पोस्टमार्टम कराए बगैर की शव का क्रिया कर्म करा दिया। फांसी पर लटकी लाश का पोस्टमार्टम नहीं कराने से पुलिस पर सवाल भी उठ रहे हैं।
लाइनपार चाऊ की बस्ती निवासी शिक्षक वीरेंद्र कुमार नागफनी स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं। शिक्षक की पत्नी की मौत हो चुकी है और उनकी तीन में से दो बेटियां मनीषा व निशा भी शिक्षिकाएं हैं। जबकि तीसरी बेटी शालू केजीके कालेज से बीएससी कर रही थी। सोमवार सुबह शिक्षक और उनकी दोनों बड़ी बेटियां स्कूल चली गईं। शालू घर में अकेली थी।
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दोपहर करीब दो बजे मनीषा स्कूल से घर लौटी तो शालू की लाश को फांसी पर झूलता देख चीख पड़ी। शालू की लाश दुपट्टे के जरिए दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान पर लटक रही थी। बहन की लाश देख मनीषा चिल्लाई तो आसपास के लोग भी जुट गए। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने लाश को कब्जे में ले लिया।
शव का पंचनामा भरा गया। लेकिन बाद में लाश बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को दे दी गई। इंस्पेक्टर मझोला राजेश द्विवदी ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें छात्रा ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया इसलिए बॉडी बिना पोस्टमार्टम के दे दी गई।
छात्रा का सुसाइड नोट ..........
22 फ्राइडे
शालू....
‘ये डैथ प्वाइंट मैं अपनी मर्जी से स्वीकार कर रही हूं.. इसमें मेरी फैमिली या किसी का भी रोल नहीं है. ... दो माह से मेरे माइंड में बहुत अजीब सा फील हो रहा है... रोज ऐसा लग रहा है जैसे मेरा माइंड स्थिर हो गया है.... और रोज ऐसा लगता है जैसे मैं अपनी मैमोरी लॉस कर रही हूं... बस मन में सुसाइड करने की बात आ रही है... इसलिए मैं ये सल्फास की मेडिसन अपनी मर्जी से ले रही हूं ....’
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परिजनों का भी कहना है कि मंगलवार को छात्रा का केमिस्ट्री का पेपर था और इसे लेकर वह तनाव में थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा लेकिन पोस्टमार्टम कराए बगैर की शव का क्रिया कर्म करा दिया। फांसी पर लटकी लाश का पोस्टमार्टम नहीं कराने से पुलिस पर सवाल भी उठ रहे हैं।
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लाइनपार चाऊ की बस्ती निवासी शिक्षक वीरेंद्र कुमार नागफनी स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं। शिक्षक की पत्नी की मौत हो चुकी है और उनकी तीन में से दो बेटियां मनीषा व निशा भी शिक्षिकाएं हैं। जबकि तीसरी बेटी शालू केजीके कालेज से बीएससी कर रही थी। सोमवार सुबह शिक्षक और उनकी दोनों बड़ी बेटियां स्कूल चली गईं। शालू घर में अकेली थी।
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दोपहर करीब दो बजे मनीषा स्कूल से घर लौटी तो शालू की लाश को फांसी पर झूलता देख चीख पड़ी। शालू की लाश दुपट्टे के जरिए दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान पर लटक रही थी। बहन की लाश देख मनीषा चिल्लाई तो आसपास के लोग भी जुट गए। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने लाश को कब्जे में ले लिया।
शव का पंचनामा भरा गया। लेकिन बाद में लाश बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को दे दी गई। इंस्पेक्टर मझोला राजेश द्विवदी ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें छात्रा ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया इसलिए बॉडी बिना पोस्टमार्टम के दे दी गई।
छात्रा का सुसाइड नोट ..........
22 फ्राइडे
शालू....
‘ये डैथ प्वाइंट मैं अपनी मर्जी से स्वीकार कर रही हूं.. इसमें मेरी फैमिली या किसी का भी रोल नहीं है. ... दो माह से मेरे माइंड में बहुत अजीब सा फील हो रहा है... रोज ऐसा लग रहा है जैसे मेरा माइंड स्थिर हो गया है.... और रोज ऐसा लगता है जैसे मैं अपनी मैमोरी लॉस कर रही हूं... बस मन में सुसाइड करने की बात आ रही है... इसलिए मैं ये सल्फास की मेडिसन अपनी मर्जी से ले रही हूं ....’