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संपति का ब्यौरा जुटाने काली मंदिर पहुंचे डीजीसी
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मुरादाबाद।
न्यायालय के आदेश पर बृहस्पतिवार को प्रभारी शासकीय अधिवक्ता सिविल शिव कुमार राणा ने लालबाग स्थित छोटी और बड़ी काली मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया और वहां पर संपत्ति का ब्यौरा जुटाया। शुक्रवार को इस संबंध में न्यायालय में तारीख है, जिसमें अब तक हुई कार्यवाही की जानकारी दी जा सकती है।
लालबाग स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ काली माता मंदिर में महंत की गद्दी को लेकर विवाद चल रहा है। छोटी काली मंदिर के महंत रामगिरी ने न्यायालय में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि बड़ी काली मंदिर के महंत संपत्ति को खुर्द बुर्द करने में जुटे हैं। न्यायालय ने इस मामले में डीजीसी सिविल को आदेश दिया है कि वह मौके पर जाकर निरीक्षण करें। 11 जनवरी को दोनों काली मंदिर की चल व अचल संपत्ति का ब्यौरा न्यायालय के सामने पेश करें। महंत रामगिरी के अधिवक्ता अजय गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीजीसी प्रभारी और पुलिस की टीम काली मंदिर पहुंची थी। छोटी काली मंदिर में तीन दानपात्र थे, तीन गायें थी। इसके अलावा मंदिर में लगी घंटियों की संख्या भी रिपोर्ट में लिखी गई है। बड़ी काली मंदिर के महंत सज्जन गिरी मंदिर में नहीं थे, इस वजह से वहां पर दानपात्र की चाभी नहीं मिल सकी है। कुछ कमरों में ताले भी लगे थे, महंत सज्जन गिरी के आने के बाद ही वहां की संपत्ति का पूरा ब्यौरा एकत्रित किया जाएगा। दुर्व्यवहार की शिकायत पर बड़ी काली मंदिर के मौजूदा महंत सज्जन गिरी को गद्दी से हटाने के लिए एक बैठक श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के भूतपूर्व अंतराष्ट्रीय सभापति महंत गिरिजा दत्त गिरी की मौजूदगी में शनिवार को हुई थी। जिसमें पूर्व सभापति ने महंत सज्जन गिरी को उनके पद से हटाने और उनके स्थान पर सुरेंद्र गिरी को नया महंत बनाने की घोषणा की थी। इसके विरोध में सज्जन गिरी पक्ष के लोग सामने आ गए थे और उनका कहना था कि गद्दी को लेकर फैसला करने का अधिकार पूर्व सभापति को नहीं है।
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न्यायालय के आदेश पर बृहस्पतिवार को प्रभारी शासकीय अधिवक्ता सिविल शिव कुमार राणा ने लालबाग स्थित छोटी और बड़ी काली मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया और वहां पर संपत्ति का ब्यौरा जुटाया। शुक्रवार को इस संबंध में न्यायालय में तारीख है, जिसमें अब तक हुई कार्यवाही की जानकारी दी जा सकती है।
लालबाग स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ काली माता मंदिर में महंत की गद्दी को लेकर विवाद चल रहा है। छोटी काली मंदिर के महंत रामगिरी ने न्यायालय में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि बड़ी काली मंदिर के महंत संपत्ति को खुर्द बुर्द करने में जुटे हैं। न्यायालय ने इस मामले में डीजीसी सिविल को आदेश दिया है कि वह मौके पर जाकर निरीक्षण करें। 11 जनवरी को दोनों काली मंदिर की चल व अचल संपत्ति का ब्यौरा न्यायालय के सामने पेश करें। महंत रामगिरी के अधिवक्ता अजय गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीजीसी प्रभारी और पुलिस की टीम काली मंदिर पहुंची थी। छोटी काली मंदिर में तीन दानपात्र थे, तीन गायें थी। इसके अलावा मंदिर में लगी घंटियों की संख्या भी रिपोर्ट में लिखी गई है। बड़ी काली मंदिर के महंत सज्जन गिरी मंदिर में नहीं थे, इस वजह से वहां पर दानपात्र की चाभी नहीं मिल सकी है। कुछ कमरों में ताले भी लगे थे, महंत सज्जन गिरी के आने के बाद ही वहां की संपत्ति का पूरा ब्यौरा एकत्रित किया जाएगा। दुर्व्यवहार की शिकायत पर बड़ी काली मंदिर के मौजूदा महंत सज्जन गिरी को गद्दी से हटाने के लिए एक बैठक श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के भूतपूर्व अंतराष्ट्रीय सभापति महंत गिरिजा दत्त गिरी की मौजूदगी में शनिवार को हुई थी। जिसमें पूर्व सभापति ने महंत सज्जन गिरी को उनके पद से हटाने और उनके स्थान पर सुरेंद्र गिरी को नया महंत बनाने की घोषणा की थी। इसके विरोध में सज्जन गिरी पक्ष के लोग सामने आ गए थे और उनका कहना था कि गद्दी को लेकर फैसला करने का अधिकार पूर्व सभापति को नहीं है।
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