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विरोधियों को फंसाने के लिए बेटे ने ही कराई मां की हत्या -Cordination
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बिलारी(मुरादाबाद)।
विरोधियों को फंसाने के लिए बेटे ने ही रामकली की हत्या कराई थी। पुलिस ने रविवार दोपहर हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाला आरोपी अस्पताल में भर्ती है, जबकि तीसरा आरोपी जेल में बंद है।
एसपी ग्रामीण उदय शंकर सिंह ने बताया कि 12 फरवरी की रात विजयपुर गांव निवासी रामकली अपने बेटे बद्रीप्रसाद और गांव के ही रनवीर के साथ जरगांव रेलवे स्टेशन से पैदल अपने गांव जा रही थी। रास्ते में तीनों पर फायरिंग कर दी गई थी। रामकली की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि रामकली के बेटे बद्री प्रसाद के बाएं कंधे पर गोली लगी थी और रनवीर के पेट में गोली लगी थी। इस घटना में बद्री प्रसाद ने तीन अलग अलग गांव के पांच लोगों के खिलाफ अपनी मां की हत्या करने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस घटना में बद्रीप्रसाद की भूमिका भी संदिग्ध लगी थी। रविवार सुबह पुलिस ने बद्री प्रसाद को जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तब वह टूट गया और उसने पूरा घटनाक्रम पुलिस को बता दिया। पुलिस के अनुसार बद्रीप्रसाद ने पूछताछ में बताया कि जिन पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। उनसे अलग अलग मामलों में रंजिश चल रही है। दुष्कर्म के मुकदमे में उनका एक परिचित संतपाल निवासी अशोक नगर थाना बनियाठेर जेल में बंद है। उससे बद्रीप्रसाद और रनवीर कई बार जेल में मिलाई करने गए थे। जेल में ही इस घटना की साजिश रची गई थी। एसपी देहात ने बताया कि संतराल की जमीन है। जिसकी कीमत नौ लाख है। संतपाल ने बद्रीप्रसाद को लालच दिया था कि जब वह जेल से रिहा हो जाएगा तो उस जमीन को बेचकर उसे रुपये देगा। पुलिस ने बताया है कि घटना स्थल वाली रात जरगांव रेलवे स्टेशन से उतरने के बाद जंगल में पहुंच कर रनवीर ने तमंचे से पहले तो बद्रीप्रसाद की मां रामकली की गोली मारकर हत्या की और उसके बाद बद्रीप्रसाद के कंधे में गोली मारी। इसके अपने बाद अपने पेट में गोली मार ली। पुलिस ने रविवार दोपहर बाद आरोपी बेटे को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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विरोधियों को फंसाने के लिए बेटे ने ही रामकली की हत्या कराई थी। पुलिस ने रविवार दोपहर हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाला आरोपी अस्पताल में भर्ती है, जबकि तीसरा आरोपी जेल में बंद है।
एसपी ग्रामीण उदय शंकर सिंह ने बताया कि 12 फरवरी की रात विजयपुर गांव निवासी रामकली अपने बेटे बद्रीप्रसाद और गांव के ही रनवीर के साथ जरगांव रेलवे स्टेशन से पैदल अपने गांव जा रही थी। रास्ते में तीनों पर फायरिंग कर दी गई थी। रामकली की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि रामकली के बेटे बद्री प्रसाद के बाएं कंधे पर गोली लगी थी और रनवीर के पेट में गोली लगी थी। इस घटना में बद्री प्रसाद ने तीन अलग अलग गांव के पांच लोगों के खिलाफ अपनी मां की हत्या करने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस घटना में बद्रीप्रसाद की भूमिका भी संदिग्ध लगी थी। रविवार सुबह पुलिस ने बद्री प्रसाद को जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तब वह टूट गया और उसने पूरा घटनाक्रम पुलिस को बता दिया। पुलिस के अनुसार बद्रीप्रसाद ने पूछताछ में बताया कि जिन पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। उनसे अलग अलग मामलों में रंजिश चल रही है। दुष्कर्म के मुकदमे में उनका एक परिचित संतपाल निवासी अशोक नगर थाना बनियाठेर जेल में बंद है। उससे बद्रीप्रसाद और रनवीर कई बार जेल में मिलाई करने गए थे। जेल में ही इस घटना की साजिश रची गई थी। एसपी देहात ने बताया कि संतराल की जमीन है। जिसकी कीमत नौ लाख है। संतपाल ने बद्रीप्रसाद को लालच दिया था कि जब वह जेल से रिहा हो जाएगा तो उस जमीन को बेचकर उसे रुपये देगा। पुलिस ने बताया है कि घटना स्थल वाली रात जरगांव रेलवे स्टेशन से उतरने के बाद जंगल में पहुंच कर रनवीर ने तमंचे से पहले तो बद्रीप्रसाद की मां रामकली की गोली मारकर हत्या की और उसके बाद बद्रीप्रसाद के कंधे में गोली मारी। इसके अपने बाद अपने पेट में गोली मार ली। पुलिस ने रविवार दोपहर बाद आरोपी बेटे को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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