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टीचर बनने का सपना टूटा, परीक्षा केंद्र से लेकर थाने से तक हंगामा
Updated Mon, 19 Nov 2018 02:07 AM IST
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मुरादाबाद।
दो हजार से अधिक परीक्षार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) नहीं दे पाए। आरोप है कि वह न तो बीएड की असली अंक तालिका लेकर आए थे और न ही उन्होंने कालेज से फोटो स्टेट कापी को प्रमाणित कराया था। इस वजह से उन्हें परीक्षा देने से रोक दिया और परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया। इसको लेकर परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र से लेकर थाने तक कई घंटे हंगामा किया। परीक्षा छूट जाने पर कई छात्राएं तो फूट फूट कर रोने लगीं।
रविवार को जनपद में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए दो पालियों में परीक्षा कराने के लिए 38 केंद्र बनाए गए थे। जिसमें 31 हजार 330 अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठना था। प्राथमिक स्तर की पाली में पंजीकृत 19313 अभ्यर्थियों में से 1363 अभ्यर्थी में बैठ नहीं पाए। इसमें अधिकांश ऐसे अभ्यर्थी हैं। जो परीक्षा की पूरी तैयारी के साथ परीक्षा केंद्र तक तो पहुंचे, लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया। बीएड की असली मार्कशीट या फिर उन्हें कालेज से फोटो स्टेट कापी को प्रमाणित कराया था। अभ्यर्थी दूसरे कालेज या फिर सरकारी अस्पताल व प्रशासनिक अधिकारियों से बीएड की मार्कशीट की फोटो स्टेट कापी को प्रमाणित कराकर ले आए थे। इन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया गया। आरएन इंटर कालेज में पचास से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे पाए। उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों के कालेज के बाहर हंगामा करने की सूचना मिलने पर सिविल लाइंस पुलिस आरएन इंटर कालेज पर पहुंची। पुलिस ने हंगामा कर रहे अभ्यर्थियों को शांत कराया। राम चंद्र इंटर कालेज, केजीके कालेज और डीपीएस, एमपीएस समेत शहर के कई स्कूलों के बाहर परीक्षा के दौरान हंगामा हुआ। परीक्षार्थी अनुराधा शर्मा, पूजा शर्मा आदि का कहना है कि उन्हें कालेज से पहली साल की मार्कशीट नहीं मिली तो नेट से निकालकर मार्कशीट लेकर परीक्षा देने गए लेकिन केंद्र प्रभारी ने परीक्षा देने से रोक दिया।
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दो हजार से अधिक परीक्षार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) नहीं दे पाए। आरोप है कि वह न तो बीएड की असली अंक तालिका लेकर आए थे और न ही उन्होंने कालेज से फोटो स्टेट कापी को प्रमाणित कराया था। इस वजह से उन्हें परीक्षा देने से रोक दिया और परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया। इसको लेकर परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र से लेकर थाने तक कई घंटे हंगामा किया। परीक्षा छूट जाने पर कई छात्राएं तो फूट फूट कर रोने लगीं।
रविवार को जनपद में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए दो पालियों में परीक्षा कराने के लिए 38 केंद्र बनाए गए थे। जिसमें 31 हजार 330 अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठना था। प्राथमिक स्तर की पाली में पंजीकृत 19313 अभ्यर्थियों में से 1363 अभ्यर्थी में बैठ नहीं पाए। इसमें अधिकांश ऐसे अभ्यर्थी हैं। जो परीक्षा की पूरी तैयारी के साथ परीक्षा केंद्र तक तो पहुंचे, लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया। बीएड की असली मार्कशीट या फिर उन्हें कालेज से फोटो स्टेट कापी को प्रमाणित कराया था। अभ्यर्थी दूसरे कालेज या फिर सरकारी अस्पताल व प्रशासनिक अधिकारियों से बीएड की मार्कशीट की फोटो स्टेट कापी को प्रमाणित कराकर ले आए थे। इन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया गया। आरएन इंटर कालेज में पचास से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे पाए। उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों के कालेज के बाहर हंगामा करने की सूचना मिलने पर सिविल लाइंस पुलिस आरएन इंटर कालेज पर पहुंची। पुलिस ने हंगामा कर रहे अभ्यर्थियों को शांत कराया। राम चंद्र इंटर कालेज, केजीके कालेज और डीपीएस, एमपीएस समेत शहर के कई स्कूलों के बाहर परीक्षा के दौरान हंगामा हुआ। परीक्षार्थी अनुराधा शर्मा, पूजा शर्मा आदि का कहना है कि उन्हें कालेज से पहली साल की मार्कशीट नहीं मिली तो नेट से निकालकर मार्कशीट लेकर परीक्षा देने गए लेकिन केंद्र प्रभारी ने परीक्षा देने से रोक दिया।
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